'सार्वजनिक रूप से माफी मांगें केजरीवाल, दिल्ली सरकार ने असंवैधानिक आदेश किए पारित'
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विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीन मसलों पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने न्यायिक प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश की है। इसके अलावा उन्होंने एक भ्रष्ट अधिकारी को बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाई।
इसी तरह उनके दल के विधायकों की कारगुजारियों के चलते महिलाएं असुरक्षित हो गई हैं। गुप्ता ने इसके लिए केजरीवाल को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने के लिए कहा। विधानसभा स्थित अपने कक्ष में शुक्रवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट में निर्णय की घड़ी आने लगी तो केजरीवाल सरकार ने मामले को कानूनी दाव पेच में उलझाने का प्रयास किया, मगर सरकार की चाल कामयाब नहीं हो सकी।
क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की याचिका रद्द कर दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने सैकड़ों असंवैधानिक और गैर कानूनी आदेश पारित किए हैं। हाईकोर्ट ने इन सब विषयों का संज्ञान लेते हुए फैसला सुरक्षित रखा है।
केजरीवाल राजेंद्र कुमार को बचाने में लगे रहे
दूसरी ओर सीएफएल जांच में मुख्यमंत्री के निलंबित प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के भ्रष्टाचार को सिद्ध करने वाले ऑडियो टेप सही पाए जाने पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि केजरीवाल निरंतर राजेंद्र कुमार को क्लीनचिट देने के साथ-साथ उनको बचाने में लगे थे।
इस कारण अब उन्हें सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजेंद्र कुमार के वर्तमान कार्यकाल में लिए गए निर्णयों की समीक्षा होनी चाहिए। इस दौरान भ्रष्टाचार के मामले सामने आने पर उनकी भी सीबीआई जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने से पहले केजरीवाल ने लगातार महिला सुरक्षा का उठाया था, लेकिन अब उनके विधायक व नेता महिलाओं के लिए खतरा बन गए हैं। उनकी ओर से महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार करने के मामले में प्रकाश में आ रहे है। खास बात यह है कि अब मुख्यमंत्री अपने नेताओं की कारगुजारियों पर चुप्पी साधे हुए है।