{"_id":"5c7c1875bdec22737b7b9819","slug":"protest-on-jantar-mantar-for-giving-martyr-status-to-paramilitary-force","type":"story","status":"publish","title_hn":"अर्द्ध सैनिकों को मिले शहीद का दर्जा, जंतर मंतर पर धरना-प्रदर्शन का आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अर्द्ध सैनिकों को मिले शहीद का दर्जा, जंतर मंतर पर धरना-प्रदर्शन का आयोजन
Sun, 03 Mar 2019 11:39 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sun, 03 Mar 2019 11:39 PM IST
विज्ञापन
पूर्व अर्धसैनिकों का विरोध प्रदर्शन
- फोटो : कुमार संजय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देशभर की 18 हजार किमी लंबी सीमा, मेट्रो, एयरपोर्ट, परमाणु संयंत्रों, बंदरगाहों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर मुस्तैद बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, सीआईएसएफ और सीआरपीएफ के पूर्व अर्द्ध सैनिकों ने पेंशन दोबारा शुरू करने, शहीद का दर्जा देने सहित अन्य मांगों के समर्थन में जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया। सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए पूर्व अर्द्ध सैनिकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि उनकी मांगों को घोषणा पत्र में शामिल करने वाली पार्टी को ही संसदीय चुनाव में वोट देंगे।
कन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरा मिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से रविवार को धरना-प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में शामिल हुए पूर्व अर्द्ध सैनिकों को आगे बढ़ने से पुलिस ने रोक लिया, लेकिन नारेबाजी का सिलसिला घंटों चलता रहा। एसोसिएशन के सदस्यों ने पुलवामा के शहीदों की याद में जंतर मंतर के पास मोमबत्तियां जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने कहा कि देश के लिए खुद को समर्पित करने वाले जवानों को शहीद का दर्जा क्यों नहीं दिया जाता है। उन्होंने सेवा नियम लागू करने, पुरानी पेंशन व्यवस्था दोबारा बहाल करने सहित अन्य मांगें दोहराई।
विज्ञापन
एसोसिएशन ने सीसीएस रूल्स में बदलाव कर पैरा मिलिट्री रूल्स बनाने, सीपीसी कैंटीन में जीएसटी में 50 फीसदी छूट, सेना की तर्ज पर वेतन भत्ते, पेंशन की मांगें पूरी न करने का सरकार पर आरोप लगाते हुए निशाना साधा। कहा कि अर्द्ध सैनिकों को मिलने वाली पेंशन 2004 से बंद कर दी गई, जिससे उनकी परेशानी कई गुना बढ़ गई हैं।
विज्ञापन
कन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरा मिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से रविवार को धरना-प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में शामिल हुए पूर्व अर्द्ध सैनिकों को आगे बढ़ने से पुलिस ने रोक लिया, लेकिन नारेबाजी का सिलसिला घंटों चलता रहा। एसोसिएशन के सदस्यों ने पुलवामा के शहीदों की याद में जंतर मंतर के पास मोमबत्तियां जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
विज्ञापन
एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने कहा कि देश के लिए खुद को समर्पित करने वाले जवानों को शहीद का दर्जा क्यों नहीं दिया जाता है। उन्होंने सेवा नियम लागू करने, पुरानी पेंशन व्यवस्था दोबारा बहाल करने सहित अन्य मांगें दोहराई।
विज्ञापन
एसोसिएशन ने सीसीएस रूल्स में बदलाव कर पैरा मिलिट्री रूल्स बनाने, सीपीसी कैंटीन में जीएसटी में 50 फीसदी छूट, सेना की तर्ज पर वेतन भत्ते, पेंशन की मांगें पूरी न करने का सरकार पर आरोप लगाते हुए निशाना साधा। कहा कि अर्द्ध सैनिकों को मिलने वाली पेंशन 2004 से बंद कर दी गई, जिससे उनकी परेशानी कई गुना बढ़ गई हैं।