गुड़गांव के बाद फरीदाबाद में भड़की चिंगारी
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महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से संबंध कॉलेजों की लापरवाही के चलते बवाल बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को गुड़गांव में एक छात्रा के आत्मदाह की कोशिश के बाद फरीदाबाद की छात्राओं का भी सब्र का बांध टूट गया है। यहां भी हुबहू गुड़गांव की तरह ही छात्राओं एमडीयू से संबद्ध राजकीय महाविद्यालय में छात्राओं को फेल किया गया है।
इससे नाराज छात्राएं लगातार कई दिनों से प्रदर्शन कर रही थीं। मामले कॉलेज की ओर से बुधवार को उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया गया था, पर जब बुधवार को भा कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो छात्राएं सड़क पर उतर गईं।
जानकारी के अनुसार फरीदाबाद सेक्टर-16ए स्थित एमडीयू मान्यता प्राप्त राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में फेल छात्राओं ने कॉलेज खूब तोड़फोड़ की और फिर सड़कों पर उतर आईं और जाम लगाया। यहां बीए की 80, बीएससी की 80 और बीकॉम में भी कई लड़कियों को फेल किया गया है। रिजल्ट आने के बाद छात्राओं के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस भी बुला ली गई है।
कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही से छात्रा ने की आत्मदाह की कोशिश
एमडीयू के दूसरे सेमेस्टर के खराब रिजल्ट को लेकर चल रही छात्राओं की नाराजगी ने सोमवार को फिर से उग्र रूप ले लिया। छात्रा के आत्मदाह के प्रयास के बाद आक्रोशित हुई सेक्टर-14 गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं ने छह घंटे तक एमजी रोड जाम कर दिया।
जिसके बाद पुराने शहर का यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। पुलिस ने बसों के रूट डायवर्ट करते हुए वाहनों को निकाला। इसके चलते पुराने शहर में कई जगह जाम की भी स्थिति बन गई।
एमडीयू की तरफ से जारी दूसरे सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में बीएससी मेडिकल, बीएससी नॉन मेडिकल, बीए, बीएससी मैथ्स ऑनर्स, फिजिक्स ऑनर्स, कैमिस्ट्री ऑनर्स, पॉलीटिकल साइंस ऑनर्स समेत कई विषयों में कॉलेज की 700 से ज्यादा छात्राओं को फेल कर दिया गया।
जिसमें छात्राओ को या तो जीरो (शून्य)नंबर दिया गया। इसके अलावा कई सब्जेक्ट्स में नंबर ही नहीं दिए गए। जिससे छात्राओं का भविष्य दांव पर लग गया है।
सोमवार को कॉलेज प्रबंधन की तरफ से छात्राओं को यूनिवर्सिटी ले जाने के आश्वासन को लेकर प्रिंसिपल ने मना कर दिया। बताया जा रहा है कि कॉलेज प्रबंधन छात्राओं को हड़ताल न करने का दबाव भी बना रहा था। इस पर एक छात्रा के आत्मदाह के प्रयास पर छात्राएं उग्र हो गई।
एक घंटे बाद सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
कॉलेज में हुए हंगामे के एक घंटे बाद ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। छात्राओं ने व्हाट्स एप और फेसबुक, टवीट्र की मदद से कई विडियोज और फोटो अपलोड की। जिसमें कॉलेज में हंगामे को लेकर कॉलेज प्रिंसिपल को जिम्मेदार ठहराया। देर शाम तक काफी तादाद में विडियो दिखाई दी। जिसमें कई कॉलेज स्टाफ भी छात्राओं के साथ बदसलूकी करते दिखे।
मुट्ठीभर महिला पुलिस जूझती दिखी
चुनावी मौसम की वजह रही या महिला पुलिस की कमी। आक्रोशित हुई छात्राओं को रोकने के लिए सोमवार को मुट्ठीभर महिला पुलिस जूझती दिखी। हजारों की तादाद में छात्राओं की भीड़ के बीच चंद महिला पुलिसकर्मियों के लिए परेशानी पैदा हो गई।
पुलिसबल में पुरुष पुलिसकर्मियों के होने के चलते वे छात्राओं को रुकने की अपीलभर करते दिखे। जिसका फायदा उठाते हुए छात्राओं ने उनके सामने जमकर तोड़फोड़ की। इससे पहले शनिवार को कॉलेज में हुए हंगामे में महिला पुलिसकर्मियों के प्रयास से ही उन्हें शांत किया गया था। लेकिन शनिवार को उनकी गैर मौजूदगी भी कहीं न कहीं छात्राओं के हंगामे को हवा दे गई।
फिर पहुंचे नेताजी, लेकिन कर दिया साइड
छात्राओं के दुर्गारूप में चुनावी मुद्दा भुनाने के लिए हंगामे के बीच कई नेता भी पहुंच गए। लेकिन छात्राओं ने किसी एक न सुनी। एक नेता के पहुंचने पर छात्राओं ने हुटिंग कर दी जिससे उन्हें बीच में छोड़कर जाना पड़ा।
एक अन्य नेता ने भी छात्राओं का नेतृत्व करने की कोशिश की तो छात्राओं ने उन्हें नेतागिरी न करने का टका सा जवाब देने पर वे भी साइड हो गए। शनिवार को भी इनेलो के एक बागी उम्मीदवार को छात्राओं ने ऐसा हटाया कि इस बार वो यहां दूर तक नहीं दिखा।
सोमवार को अचानक कॉलेज के सामने छात्राओं के हुजुम के उमड़ने के बाद महावीर चौक के पास वाहनों का जबरदस्त जाम लग गया। एमजी रोड के दोनों तरफ छात्राओं के सड़क पर प्रदर्शन करने से पुलिस ने दोनों तरफ से रास्तों को बंद करा दिया।
इस बीच कई अफवाहों के दौर से किसी बड़े हादसे की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने पुलिस ने एमडीआई चौक से रास्ता बंद करते हुए वाहनों को शीतला माता रोड और ओल्ड दिल्ली रोड होते हुए निकाला।
हंगामे की आशंका, पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई
कॉलेज में छात्रा के आत्मदाह के प्रयास के बाद हुए जबरदस्त हंगामे के बाद पुलिस ने कॉलेज की सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस ने कॉलेज प्रबंधन को भी सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए है जिसके के बाद कॉलेज के सभी मुख्यगेटों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर दी गई है।
सोमवार को कॉलेज में आत्मदाह करने वाली छात्रा कासन गांव की है। पुलिस के खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आत्मदाह के प्रयास के बाद गांव में भी गुस्से का माहौल बना हुआ है। जिसमें मंगलवार को कॉलेज में ग्रामीण हंगामा कर सकते है।
इसे देखते हुए पुलिस ने देररात को कॉलेज की सुरक्षा बढ़ा दी। कॉलेज में पीसीआर की तैनाती के अलावा सिविल लाइंस थाना पुलिस की टीमों को यहां पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए है। इसके अलावा पुलिस की इंटेलिजेंस और सीआईडी भी निगरानी रख रही है।
कॉलेज में छह अक्तूबर तक छुट्टी की घोषणा के बाद छात्राओं के हॉस्टल को सुबह तक पूरी तरह खाली करा दिया जाएगा। पुलिस ने कॉलेज प्रबंधन को भी एहतियात के तौर पर निजी सुरक्षाकर्मियों को तैनात करने के निर्देश दिए है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस रह चुका है यह कॉलेज
शायद गुड़गांव के इतिहास में पहली बार ही हुआ है कि कॉलेज जाने वाली छात्राएं अपने हक के लिए 'दुर्गारूप' धारण कर लिया। 17 साल पहले कॉलेज में हुई छोटी सी हड़ताल के बाद पहली बार यह मौका आया कि कॉलेज की बेहतरीन छवि पर यह इतना बड़ा दाग लगा है।
1959 में सेक्टर-14 राजकीय महाविद्यालय की स्थापना होने के बाद से यह कॉलेज प्रदेश के बेहतरीन कॉलेज में शुमार हो गया था। 17 साल पहले को-एड कॉलेज को केवल छात्राओं के लिए बनाए जाने को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ था।
हालांकि, इसे जल्द ही सुलझा लिया गया था। जिसके बाद, कुछ सालों पहले कॉलेज के बेहतरीन माहौल और परीक्षा परिणाम के आधार पर इसे उच्चत्तर शिक्षा निदेशालय की तरफ से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के खिताब से नवाजा गया था। लेकिन, परीक्षा परिणाम को लेकर शनिवार और फिर सोमवार को जिस प्रकार छात्राओं का दुर्गारूप देखने को मिला।
वह कॉलेज की प्रतिष्ठा पर दाग लगा दिया। गुड़गांव के इतिहास में पहली बार हुआ कि इतनी भारी संख्या में छात्राओं ने प्रदर्शन कर पूरे प्रशासन को खड़ा कर दिया। जिसमें बिना किसी नेता के छात्राओं ने अपने हक के लिए यूनिवर्सिटी की लापरवाही को भी उजागर कर दिया। इतना ही नहीं, कॉलेज प्रबंधन की तरफ से की जा रही तानाशाही को लेकर छात्राओं ने बगावती तेवर दिखाए। ऐसे में शहर के दूसरे कॉलेज प्रबंधन भी सकते में आ गए है।