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Delhi NCR News: जामिया के अंदर चुनाव बहाली के लिए आंदोलन, कैंपस के बाहर पुलिस का सख्त पहरा, धारा 163 लागू
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-जामिया प्रशासन अवैध प्रवेश को रोकने के लिए दरवाजों की किलेबंदी में जुटा
-छात्र संघ चुनाव बहाली को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी
-ओखला हेड से वीसी आवास तक प्रस्तावित मार्च नहीं हुआ आयोजित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव बहाली के लिए आंदोलन जारी है। जामिया कैंपस का बाहरी हिस्सा छावनी में तब्दील किया है। दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू की है। जिससे किसी भी प्रकार का गैर कानूनी जमावड़ा न लग सके। धारा 163 लागू होने के चलते ओखला हेड से लेकर वीसी आवास तक प्रस्तावित मार्च भी मंगलवार को नहीं हो सका। कुछ छात्रों को सुरक्षाकर्मियों ने हिरासत में भी लिया। वहीं जामिया प्रशासन ने बाहरी प्रवेश को रोकने के लिए दरवाजों की किलेबंदी कर दी है।
पुलिस ने जामिया कैंपस के प्रवेश द्वार के बाहर बैरिकेडिंग और बीएनएसएस की धारा 163 के बैनर टांग रखे है। लाउडस्पीकर के जरिये बार-बार शांति बनाए रखने और पुलिस के निर्देश का अनुपालन की घोषणा की जा रही है। फुटपाथ के हिस्से से सटाकर पुलिस वाहन खड़े कर दिए हैं। जिससे छात्रों का जमघट न लगे और कैंपस में दाखिल न हो सके। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने गेट नंबर सात, आठ और दस को कब्जे में ले लिया है। हालांकि पुलिस ने छात्रों के ऐसे आरोप को खारिज कर दिया है। जामिया के मेट्रो स्टेशन से लेकर कैंपस के बाहरी हिस्से में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात है। जिसमें अर्धसैनिक बल की कई कंपनी तैनात है।
दरवाजे को लोहे की टिन शेड से पूरी तरह ढका : वहीं आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में आयोजित होने वाला प्रस्तावित मार्च बीएनएसएस की धारा 163 लागू होने के चलते नहीं हो सका। ओखला हेड पर सुरक्षा कर्मियों को तैनात कर दिया गया। जामिया कैंपस के अंदर अवैध प्रवेश को रोकने के लिए जामिया प्रशासन बाउंड्री वॉल से लेकर दरवाजों की किलेबंदी में जुटा है। मंगलवार को 4सी गेट के हिस्से को लोहे की टिन शेड से पूरी तरह ढक दिया गया है। साथ ही लोहे की ग्रिल को उखाड़कर कोई अंदर दाखिल न हो सकें उसके लिए ग्रिल के आसपास दीवार बना दी गई है। साथ ही बाउंड्री वॉल को भी ऊंचा किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों की संख्या को बढ़ाया जा रहा है।
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इमारत पर कब्जे का दावा गलत : वहीं छात्रों ने जामिया प्रशासन के राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र विभागों की इमारतों पर कब्जा कर ताले लगाने के दावे को सिरे से खारिज कर दिया। छात्रों का कहना है कि उन्होंने विभाग की गलियारे में डेरा डाल रखा है। विभागों पर कोई कब्जा नहीं किया है। मंगलवार को भी छात्रों से बातचीत के लिए शिक्षकों की एक टीम आई थी। छात्र संघ चुनाव का कार्यक्रम जारी होने के बाद ही आंदोलन को खत्म करेंगे।
12 अक्तूबर से आंदोलन है जारी : जामिया में 12 अक्तूबर से चुनाव को लेकर आंदोलन जारी है। जामिया में वर्ष 2006 के बाद से छात्र संघ चुनाव का आयोजन नहीं हुआ है। सोमवार को प्रशासन ने छात्रों से समझौता होने पर उनकी मांगों को देखते हुए छात्र संघ का संविधान मंजूर होने की तारीख से 15 दिन में चुनाव कराने, आंदोलन के दौरान छात्रों को जारी निलंबन और कारण बताओ नोटिस को वापस लेने और सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की जांच के लिए कमेटी गठित करने को लेकर आदेश जारी किया था। मगर, कुछ घंटे बाद ही छात्रों ने इस समझौते को नामंजूर कर दिया। चार छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
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-छात्र संघ चुनाव बहाली को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी
-ओखला हेड से वीसी आवास तक प्रस्तावित मार्च नहीं हुआ आयोजित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव बहाली के लिए आंदोलन जारी है। जामिया कैंपस का बाहरी हिस्सा छावनी में तब्दील किया है। दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू की है। जिससे किसी भी प्रकार का गैर कानूनी जमावड़ा न लग सके। धारा 163 लागू होने के चलते ओखला हेड से लेकर वीसी आवास तक प्रस्तावित मार्च भी मंगलवार को नहीं हो सका। कुछ छात्रों को सुरक्षाकर्मियों ने हिरासत में भी लिया। वहीं जामिया प्रशासन ने बाहरी प्रवेश को रोकने के लिए दरवाजों की किलेबंदी कर दी है।
पुलिस ने जामिया कैंपस के प्रवेश द्वार के बाहर बैरिकेडिंग और बीएनएसएस की धारा 163 के बैनर टांग रखे है। लाउडस्पीकर के जरिये बार-बार शांति बनाए रखने और पुलिस के निर्देश का अनुपालन की घोषणा की जा रही है। फुटपाथ के हिस्से से सटाकर पुलिस वाहन खड़े कर दिए हैं। जिससे छात्रों का जमघट न लगे और कैंपस में दाखिल न हो सके। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने गेट नंबर सात, आठ और दस को कब्जे में ले लिया है। हालांकि पुलिस ने छात्रों के ऐसे आरोप को खारिज कर दिया है। जामिया के मेट्रो स्टेशन से लेकर कैंपस के बाहरी हिस्से में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात है। जिसमें अर्धसैनिक बल की कई कंपनी तैनात है।
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दरवाजे को लोहे की टिन शेड से पूरी तरह ढका : वहीं आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में आयोजित होने वाला प्रस्तावित मार्च बीएनएसएस की धारा 163 लागू होने के चलते नहीं हो सका। ओखला हेड पर सुरक्षा कर्मियों को तैनात कर दिया गया। जामिया कैंपस के अंदर अवैध प्रवेश को रोकने के लिए जामिया प्रशासन बाउंड्री वॉल से लेकर दरवाजों की किलेबंदी में जुटा है। मंगलवार को 4सी गेट के हिस्से को लोहे की टिन शेड से पूरी तरह ढक दिया गया है। साथ ही लोहे की ग्रिल को उखाड़कर कोई अंदर दाखिल न हो सकें उसके लिए ग्रिल के आसपास दीवार बना दी गई है। साथ ही बाउंड्री वॉल को भी ऊंचा किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों की संख्या को बढ़ाया जा रहा है।
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इमारत पर कब्जे का दावा गलत : वहीं छात्रों ने जामिया प्रशासन के राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र विभागों की इमारतों पर कब्जा कर ताले लगाने के दावे को सिरे से खारिज कर दिया। छात्रों का कहना है कि उन्होंने विभाग की गलियारे में डेरा डाल रखा है। विभागों पर कोई कब्जा नहीं किया है। मंगलवार को भी छात्रों से बातचीत के लिए शिक्षकों की एक टीम आई थी। छात्र संघ चुनाव का कार्यक्रम जारी होने के बाद ही आंदोलन को खत्म करेंगे।
12 अक्तूबर से आंदोलन है जारी : जामिया में 12 अक्तूबर से चुनाव को लेकर आंदोलन जारी है। जामिया में वर्ष 2006 के बाद से छात्र संघ चुनाव का आयोजन नहीं हुआ है। सोमवार को प्रशासन ने छात्रों से समझौता होने पर उनकी मांगों को देखते हुए छात्र संघ का संविधान मंजूर होने की तारीख से 15 दिन में चुनाव कराने, आंदोलन के दौरान छात्रों को जारी निलंबन और कारण बताओ नोटिस को वापस लेने और सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की जांच के लिए कमेटी गठित करने को लेकर आदेश जारी किया था। मगर, कुछ घंटे बाद ही छात्रों ने इस समझौते को नामंजूर कर दिया। चार छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं।