उन्नाव कांड पर लखनऊ से दिल्ली तक हंगामा, सेंगर के संरक्षण पर शोर-शराबा
- सुप्रीम कोर्ट को इसका संज्ञान अवश्य लेना चाहिए- मायावती
- पुलिस वही कर रही है जो सरकार कहती है- अखिलेश यादव
- गृहमंत्री सदन में आएं और बयान दें- अधीर रंजन चौधरी
- भगवान की खातिर कुलदीप को संरक्षण देना बंद करें- प्रियंका गांधी
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विस्तार
उन्नाव कांड को लेकर देश की संसद से लेकर सड़क तक सियासी बयानबाजी तेज है। राजनीतिक दल, सामाजिक कार्यकर्ता, आरटीआई एक्टिविस्ट, महिला आयोग के साथ ही तमाम लोग भाजपा सरकार पर हमलावर हैं। विपक्ष ने संसंद में केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। साथ ही उन्नाव की बेटी को इंसाफ दो के नारे लगाए। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने ट्वीट करके प्रधानमंत्री से कहा कि भगवान की खातिर कुलदीप को संरक्षण देना बंद करें। सपा सुप्रीमो ने सूबे की योगी सरकार और पुलिस दोनों को कठघरे में खड़ा कर दिया तो वहीं मायावती ने साक्षी और कुलदीप सिंह के राजनीतिक रिश्तों को लेकर भाजपा को एक नसीहत दे डाली।
प्रियंका ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इस मामले को लेकर कई ट्वीट किए हैं। प्रियंका ने कुलदीप सेंगर के पार्टी में बने रहने को लेकर लिखा कि "बीजेपी किसका इंतजार कर रही है? हाल ही में हुई एफआईआर में नाम होने के बावजूद इस शख्स को पार्टी से क्यों नहीं निकाला गया?
What is the BJP waiting for? Why has this man not been expelled from their party even when his name is in the latest FIR in the Unnao Rape Case?#BJPSackSengar pic.twitter.com/cTpQ0HbFNT
विज्ञापन विज्ञापन— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 29, 2019
माननीय प्रधानमंत्री भगवान की खातिर उसे संरक्षण देना बंद करें- प्रियंका
Why do we give people like Kuldeep Sengar the strength and protection of political power and abandon their victims to battle for their lives alone?
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 30, 2019
This FIR clearly states that the family was threatened and apprehensive. It even mentions the possibility of a planned accident.
इसके बाद एक और ट्वीट में प्रियंका ने लिखा "माननीय प्रधानमंत्री, भगवान की खातिर, इस अपराधी और इसके भाई को जो संरक्षण आपकी पार्टी से मिल रहा है, उसे बंद करें, अभी भी देर नहीं हुई है।"
For God’s sake, Mr. Prime Minister, divest this criminal and his brother of the political power your party is giving them.
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 30, 2019
Its still not too late.#BJPSackSengar
आपको बता दें कि पीड़िता की हालत नाजुक बनी हुई है। लखनऊ के ट्रामा सेंटर में उसका इलाज चल रहा है। सुरक्षा कारणों को देखते हुए भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती भी कई गई है। परिवार जेल में बंद पीड़िता के चाचा को पैरोल दिए जाने की मांग पर अड़ा है। वहीं, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव अस्पताल में भर्ती पीड़िता का हाल-चाल जानने पहुंचे। अखिलेश ने भी प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश ने कहा कि इस घटना ने झकझोर दिया है। पीड़िता जिंदगी की जंग लड़ रही है और सरकार आरोपी को बचाने में लगी है। अखिलेश ने इस घटना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
विपक्ष ने लगाए उन्नाव की बेटी को इंसाफ दो के नारे
इस कांड ने एक बार फिर विपक्ष को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार पर सवाल खड़े करने का मौका दे दिया। हालांकि यूपी सरकार का कहना है कि उसने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है और इसकी निष्पक्षतापूर्वक जांच कराई जाएगी। लेकिन घटना से जुड़े कई पहलुओ की वजह से इसमें साजिश होने का भी अंदेशा लग रहा है। इसी बीच मंगलवार को लोकसभा में इस कांड को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। संसद के अंदर और बाहर इसे लेकर हंगामा किया गया।
कांग्रेस ने सदन में इस मुद्दे को उठाया। भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। फिर भी विपक्षी दलों का सदन में हंगामा जारी है। भाजपा सांसद ने कहा कि इस साजिश में समाजवादी पार्टी शामिल है। हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि जिस ट्रक ने उन्नाव की पीड़िता को कुचला वह सपा नेता का है।
विपक्ष सदन में बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ का क्या हुआ, 'उन्नाव की बेटी को इंसाफ दो', 'गृह मंत्री जवाब दो' के नारे लगा रहा है। स्पीकर ओम कुमार बिड़ला की चेतावनी के बावजूद हंगामा जारी है। इससे पहले संसद परिसर में समाजवादी पार्टी, डीएमके और टीएमसी के सांसदों ने गांधी मूर्ति के पास इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
गृहमंत्री सदन में आएं और बयान दें- अधीर रंजन चौधरी
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा में कहा, 'उन्नाव की घटना के कारण भारत के लोग आज शर्म महसूस कर रहे हैं। यह सभ्य समाज पर एक धब्बा है। जहां एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म होता है। एक ट्रक रायबरेली में पीड़िता की कार को टक्कर मार देता है और गवाह की हत्या कर दी जाती है। पीड़िता और उसका वकील गंभीर हालत में हैं।'उन्होंने कहा कि हम मांग करते हैं कि गृहमंत्री सदन में आएं और बयान दें। हम किस तरह के समाज की बात कर रहे हैं। जहां पीड़िता के साथ इस तरह की घटना घटती है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा में उन्नाव बलात्कार पीड़िता की कार को टक्कर मारने पर कहा, 'इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। मामले की सीबीआई जांच की जा रही है। एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। सरकार निष्पक्षता के साथ इसकी जांच कर रही है।'
पुलिस वही कर रही है जो सरकार कहती है- अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता से मिलने के लिए ट्रॉमा सेंटर पहुंचे और मीडिया से बात करते हुए पीड़िता व उसके परिवार की हालत के लिए योगी सरकार व पुलिस को जिम्मेदार ठहराया।उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार कानून व्यवस्था में सुधार का दावा कर रही है लेकिन अपराध बढ़ते ही चले जा रहे हैं। पीड़िता के पिता को मार दिया गया। उसके चाचा को जेल में डाल दिया गया लेकिन सरकार विधायक पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। जेल में हत्याएं हो रही हैं। जेलों में अपराधी क्या कर रहे हैं। इसकी खबरें लगातार मीडिया में आती रहती हैं। इन सबके लिए पुलिस जिम्मेदार है और पुलिस वही कर रही है जो सरकार कहती है।
सुप्रीम कोर्ट को इसका संज्ञान अवश्य लेना चाहिए- मायावती
मायावती ने लिखा कि "उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के परिवार वालों की संदिग्ध हत्या के बाद उनके अंतिम संस्कार के लिए चाचा को परोल पर रिहा नहीं होने देना अति-अमानवीय है। यह यूपी सरकार की इस कांड में मिलीभगत को साबित करता है। परोल की मांग को लेकर रिश्तेदार मेडिकल कॉलेज में धरने पर बैठे है, सरकार तुरंत ध्यान दे।"
उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के परिवार वालों की संदिग्ध हत्या के बाद उनके अन्तिम संस्कार हेतु चाचा को परोल पर रिहा नहीं होने देना अति-अमानवीय जो यूपी सरकार की इस काण्ड में मिलीभगत को साबित करता है। परोल की माँग को लेकर रिश्तेदार मेडिकल कालेज में धरने पर बैठे है, सरकार तुरन्त ध्यान दे।
— Mayawati (@Mayawati) July 30, 2019
मायावती ने लिखा कि "भाजापा सांसद साक्षी महाराज द्वारा जेल में दुष्कर्म के आरोपी भाजापा विधायक से मिलना यह प्रमाणित करता है कि सामूहिक दुष्कर्म मामले के आरोपियों को लगातार सत्ताधारी भाजापा का संरक्षण मिल रहा है, जो इंसाफ का गला घोटने जैसा है। माननीय सुप्रीम कोर्ट को इसका संज्ञान अवश्य लेना चाहिए।"
साथ ही स्थानीय बीजेपी सांसद साक्षी महाराज द्वारा जेल में रेप आरोपी बीजेपी विधायक से मिलना यह प्रमाणित करता है कि गैंग रेप आरोपियों को लगातार सत्ताधारी बीजेपी का संरक्षण मिल रहा है, जो इंसाफ का गला घोटने जैसा है। मा. सुप्रीम कोर्ट को इसका संज्ञान अवश्य लेना चाहिए।
— Mayawati (@Mayawati) July 30, 2019