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Delhi: यमुना के लिए दिल्ली को जगाएंगे पुरोहित, प्रदूषण की रोकथाम के लिए पुजारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

Tue, 11 Apr 2023 05:45 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 11 Apr 2023 05:45 AM IST
सार

यमुना में लगातार बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सोमवार को कन्वेंशन सेंटर में पुजारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

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Priests will wake up Delhi for Yamuna
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

दिल्ली में यमुना की सफाई और प्रदूषण रोकने में पंडित और पुरोहित अहम भूमिका निभाएंगे। धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों को पर्यावरण अनुकूल तरीके अपनाने के लिए पुजारी प्रोत्साहित करेंगे। यमुना में लगातार बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सोमवार को कन्वेंशन सेंटर में पुजारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि मौजूद एलजी वीके सक्सेना पुजारियों से लोगों को जागरूक कर बदलाव की दिशा में भूमिका निभाने का आग्रह किया।

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एलजी ने कहा कि पुजारी और पुरोहित आध्यात्मिक और सांस्कृतिक प्रथाओं के संरक्षक और मार्गदर्शक हैं। धार्मिक आयोजनों पर पैदा होने वाले कचरे को यमुना में फेंक दिया जाता है। इससे यमुना प्रदूषित होती है। प्रदूषण रोकने और नदी की पवित्रता की रक्षा करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में दिल्ली के पुजारियों को आमंत्रित किया गया। एलजी ने जोर देकर कहा कि यमुना नदी के कायाकल्प के किसी भी प्रयास में अनिवार्य रूप से दिल्ली के लोगों को शामिल करना होगा जो सबसे बड़े हितधारक हैं।

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प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुजारियों को विशिष्ट सर्वोत्तम तरीकों के बारे में बताया गया जो यमुना में प्रदूषण को रोकने में मदद कर सकती हैं। इसके तहत धार्मिक प्रसाद में पर्यावरण अनुकूल सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देना, नदी में कचरे या प्लास्टिक फेंकने की आदत को हतोत्साहित करने सहित नदी के तट पर स्थित मंदिरों और आश्रमों में अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं के बारे में शिक्षित किया गया। पुजारियों से जागरूकता बढ़ाने, स्थानीय समुदायों और दूसरे हित धारकों के साथ पर्यावरण के अनुकूल स्थायी प्रथाओं को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाने का अनुरोध किया गया। साथ ही सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने को कहा गया।

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पुजारियों को प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने और उनका पालन करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया। पुजारियों को बताया कि धार्मिक संस्थानों से फूल, भोजन, प्लास्टिक सहित सभी तरह के कचरे को किसी भी तरह नदी में फेंकने पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए। पुजारी लोगों को अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में बताएं और कचरे का निपटान नदी से दूर किया जाना चाहिए।

 

धार्मिक अनुष्ठान में फूल, पत्तियों और जैविक सामग्री का करें उपयोग
पुजारियों से कहा गया कि पर्यावरण अनुकूल सामग्री के उपयोग को बढ़ावा दें। प्लास्टिक या दूसरी सामग्री के लिए प्राकृतिक फूलों, पत्तियों और जैविक सामग्री का धार्मिक अनुष्ठान में उपयोग किया जाना चाहिए। इससे कचरे की मात्रा कम करने और प्रदूषण को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने पुजारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि नदी के तट पर पर्याप्त संख्या में कूड़ेदान हो और नियमित सफाई हो।

सिर्फ नालों की सफाई से यमुना नहीं होगी साफ : भारद्वाज

दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि उपराज्यपाल दिल्ली सरकार के कामों का खुद श्रेय ले रहे हैं। उन्होंने तंज कसा कि एलजी की सहूलियत के लिए दिल्ली सरकार अपने सभी कामों का ब्योरा उपराज्यपाल वीके सक्सेना को देती रहेगी। इससे उनको श्रेय लेने में कोई दिक्कत नहीं होगी। सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, एलजी दावा कर रहे हैं कि 30 जून तक यमुना को साफ कर देंगे। यमुना तभी साफ होगी जब साफ होगी जब दिल्ली सरकार के भी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्य पूर्ण होंगे। उन्होंने कहा कि सिर्फ नालों को साफ करने से ही यमुना साफ नहीं हो जाएगी। इससे पहले एसटीपी को अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करना होगा। सिर्फ नालों की सफाई से एलजी को क्रेडिट नहीं मिल पाएगा। इसलिए एलजी को पता होना चाहिए कि कहां-कहां पर दिल्ली सरकार सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनवा रही है। 

दिल्ली सरकार सभी प्लांट की क्षमता और उनकी गुणवत्ता को बढ़ा रही है। दिल्ली सरकार द्वारा पप्पनकलां और निलोकरी में 598 करोड़ रुपये की लागत से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जा रहे हैं। बजट में इसका प्रावधान किया गया और इसपर काम चल रहा है। एलजी वहां पर जाएं और दिल्ली वालों को महसूस करा सकते हैं कि वो इतने बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स करवा रहे हैं। इसके अलावा नजफगढ़, केशवपुर-1, केशवपुर-2, केशवपु-3 में 567 करोड़ रुपए से प्लांट का काम चल रहा है। दिसंबर 2023 तक पूरा किया जाएगा और एलजी इन कार्यों का भी क्रेडिट ले सकते हैं। रोहिणी, नरेला, कोरोनेशन पिलर के अंदर 481 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट चल रहा है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने इसका बजट दिया है और दिसंबर तक इन्हें पूरा कर लिया जाएगा। वहां भी एलजी जाएं और फोटो खिंचवाएं।


 

मीडिया से बात करते हुए भारद्वाज ने कहा कि नरेला में बन रहे बस डिपो, इसी महीने शुरू होने वाली 100 मोहल्ला बसों, अलग-अलग इलाकों में तैयार 20 मोहल्ला क्लीनिक, आईपी यूनिवर्सिटी में नवनिर्मित ईस्ट कैंपस, कोंडली में 100 कमरों का स्कूल, डीटीयू के दो नए ब्लॉक, संजय और स्मृति वन लेक पर भी जाएं और फीता काटकर श्रेय लें।


 

फ्लोटिंग वेटलैंड पर प्लास्टिक सहित लगा दिए गए पौधे

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि रविवार एलजी सप्लीमेंट्री ड्रेन पर गए। इसके लिए अधिकारियों पर दबाव बनाया गया। ड्रेन पर बांस से एक फ्लोटिंग वेटलैंड बनाई गई है। इससे पौधों की जड़ें पानी में मौजूद प्रदूषक तत्वों को अवशोषित कर लेती हैं। इससे पानी साफ हो जाता है। यह वैज्ञानिक तरीका है, लेकिन एलजी के दबाव के चलते अफसरों ने फ्लोटिंग वैटलैंड पर प्लास्टिक की थैली समेत पौधे लगा दिए। इसे एलजी ने ट्वीट भी किया है। प्लास्टिक की थैली के साथ ही पौधे पानी में झूल रहे हैं। इससे वो सारे पौधे मर जाएंगे और पानी भी अधिक प्रदूषित हो जाएगा।

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