मिसाल: बिसाहड़ा में हिंदू परिवार कराएगा मुस्लिम बेटियों की शादी
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बिसाहड़ा गांव में सांप्रदायिक उपद्रव और तनाव के बाद अब हालात पूरी तरह सामान्य हैं, लेकिन इस घटनाक्रम का असर इकलाख के पड़ोसी हाकिम की दो बेटियों की शादियों पर पड़ा है।
लड़के वालों ने गांव में बारात लाने से इंकार कर दिया है और हाकिम गांव से बाहर शादी का खर्च उठा नहीं सकते। ऐसे में उनकी मदद के लिए हिंदू परिवार आगे आया है जो शादी दादरी में अपने खर्च पर कराएगा।
शादी 11 अक्तूबर को होनी है। एक लड़की की बारात प्यावली और दूसरी की सादुल्लापुर गांव से आनी है। गांव में तनाव के चलते दोनों ही गांवों के लोग और वर पक्ष आने से मना कर दिया।
बारात की आवभगत की व्यवस्था शर्मा परिवार करेगा
इसके बाद दादरी मदरसे पर शादी कराने की योजना बनी, लेकिन माहौल की नजाकत को देखते हुए इरादा बदलना पड़ा। इसके बाद रिटायर सरकारी कर्मचारी एचके शर्मा ने हाकिम के परिवार की मदद की।
उन्होंने अपने स्तर पर हाकिम के समक्ष दोनों बेटियों की शादी कराने की बात रखी, जिस पर वे सहमत हो गए। अब दादरी के महामाया इंक्लेव के नजदीक उनके प्लॉट पर शादी होगी।
शादी में दहेज समेत दूसरे खर्च का वहन हाकिम का परिवार करेगा जबकि बारात की आवभगत और खानपान की व्यवस्था शर्मा करेंगे।