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लोकपाल पर प्रशांत की चुनौती, बहस करें केजरीवाल

Wed, 02 Dec 2015 10:28 AM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 02 Dec 2015 10:28 AM IST
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Prashant Bhushan speaking... Arvind let us take Debate

दिल्ली विधानसभा में जनलोकपाल बिल पेश होने के बावजूद इस पर बहस जारी है। आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने रेडियो पर एक विज्ञापन भी दिया है।

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विज्ञापन में प्रशांत भूषण की आवाज है। विज्ञापन में पहले आवाज आती है कि मैं प्रशांत भूषण बोल रहा हूं... और इसके बाद प्रशांत भूषण दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को बहस की चुनौती देते हैं।
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विज्ञापन भूषण कहते है कि आइए अरविंद बहस कर लेते हैं। इससे जनता को भी पता चल जाएगा कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ। इस पर फैसला जनता को ही करना चाहिए। वहीं दूसरी ओर योगेन्द्र यादव भी आज लोकपाल को लेकर कैंडल मार्च निकाल रहे हैं।

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आशीष खेतान बहस के लिए तैयार

Prashant Bhushan speaking... Arvind let us take Debate

दिल्ली सरकार की ओर से प्रशांत भूषण की इस चुनौती को आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली डायलॉग कमीशन के उपाध्यक्ष आशीष खेतान स्वीकार करते हुए कहा है कि वे अपनी पार्टी के पूर्व नेता प्रशांत भूषण के साथ बहस करने के लिए तैयार हैं।

आशीष खेतान ने ट्वीट कर बहस की चुनौती स्वाकार की। उन्होंने लिखा 'मैं योगेन्द्र यादव जी और प्रशांत भूषण जी से जनलोकपाल बिल 2015 पर पब्लिक डिबेट करना चाहूंगा।'

हालांकि प्रशांत भूषण ने आशीष खेतान के इस प्रस्ताव को खारिज कर किया है। प्रशांत भूषण ने कहा कि जो लोग लोकपाल आंदोलन में थे ही नहीं उनसे कैसी बहस करनी?

प्रशांत के मुताबिक लोकपाल का ड्राफ्ट तैयार करने वाले पांच लोगों में से एक केजरीवाल थे इसलिये वे ही आएं और अपने जनलोकपाल बिल पर पब्लिक डिबेट कर लें।'



अन्ना हजारे ने बिल में गिनाई खामियां

Prashant Bhushan speaking... Arvind let us take Debate

समाजसेवी अन्ना हजारे ने भी दिल्ली सरकार के जनलोकपाल बिल में कमियां गिनाई है और दिल्ली सरकार को जनलोकपाल को लेकर सुझाव भी दिए हैं।

अन्ना हजारे ने लोकपाल समीति में 5 के बजाय 7 सदस्य रखने का सुझाव दिया है। जिसमें उच्च न्यायलय के दो न्यायाधीश होना जरूरी बताया है।

अपने दूसरे सुझाव में लोकपाल को हटाने की प्रकिया पर अन्ना हजारे का कहना है कि लोकपाल को महाभियोग के द्वारा हटाना सही है। लेकिन इससे पहले इसकी जांच न्यायलय की निगरानी में करवाने और फैसले के बाद विधानसभा में 2 तिहाई बहुमत की प्रक्रिया पूरी की जाए।

गौरतलब है कि जनलोकपाल बिल कल दिल्ली विधानसभा में पेश कर दिया गया है। इसे लेकर आप नेता कुमार विश्वास और संजय सिंह अन्ना हजारे से पहले ही मुलाकात कर चुके हैं।

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