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प्रभु जी, ट्रेनों में सीट तो दूर चढ़ना भी हुआ दूभर
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 11 Nov 2015 12:48 AM IST
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त्योहारों पर ट्रेनों में इस कदर भीड़ रही कि लोगों को सीट तो दूर चढ़ने के लिए मारामारी करनी पड़ी। लोगों को टॉयलेट में बैठकर सफर करना पड़ा। भीड़ की वजह से जिन लोगों की ट्रेनें छूटी वह केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु को कोसते नजर आए।
आनंद विहार से राजगीर जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस जैसे ही गाजियाबाद स्टेशन पहुंची, उसमें सवार होने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। ट्रेन के एसी और स्लीपर कोच तो फुल थे ही जनरल कोच का और भी बुरा हाल था।
एक कोच में डेढ़ सौ से पौने दो सौ लोग सवार थे। गैलरी, पावदान के साथ-साथ टॉयलेट में भी लोग भरे पड़े थे। जगह न मिली तो लोगों ने टॉयलेट में ही अखबार बिछाया और बैठ गए।
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ऐसे में टॉयलेट में बैठे लोगों को तो परेशानी झेलनी ही पड़ी अन्य यात्री टॉयलेट का इस्तेमाल नहीं कर सके। मुरादाबाद जा रहे यात्री कृष्णपाल का कहना था कि टिकट का पैसा देकर भी टॉयलेट में सफर करना पड़ा।
इन ट्रेनों में भी रही भीड़
गोमती एक्सप्रेस, बरेली इंटरसिटी, सहारनपुर पैसेंजर, प्रयागराज, रीवा, मुंडवाडीह, अवध-असम एक्सप्रेस
बसों में ठूंस-ठूंस कर भरे यात्री
त्योहारी सीजन में बसों के सफर ने लोगों को दिन-रात परेशान कर रखा है। लोकल रूट पर जाम के कारण यातायात में दिक्कत हो रही है। वहीं, लांग रूट की बसों में यात्रियों को सीट नहीं मिल सकीं।
साठ यात्रियों की क्षमता वाली बस में सौ यात्री सवार थे। दर्जनों लोग छतों पर बैठकर सफर करने को मजबूर रहे। कौशांबी और आनंद विहार के साथ ही ज्यादा परेशानी लालकुआं पर रही।
यहां लोगों को पांच-सात घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ा। दिवाली पर यात्रियों की भारी भीड़ रहने की उम्मीद अफसरों को थी। इसके लिए रूट प्लान तैयार किया गया था।
मेरठ और मुजफ्फरनगर का बसों का प्लान जाम ने चौपट कर दिया। मोदीनगर और मुरादनगर में लंबा जाम लगने से स्थानीय रूट की बसों का संचालन प्रभावित हुआ।
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आनंद विहार से राजगीर जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस जैसे ही गाजियाबाद स्टेशन पहुंची, उसमें सवार होने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। ट्रेन के एसी और स्लीपर कोच तो फुल थे ही जनरल कोच का और भी बुरा हाल था।
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एक कोच में डेढ़ सौ से पौने दो सौ लोग सवार थे। गैलरी, पावदान के साथ-साथ टॉयलेट में भी लोग भरे पड़े थे। जगह न मिली तो लोगों ने टॉयलेट में ही अखबार बिछाया और बैठ गए।
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ऐसे में टॉयलेट में बैठे लोगों को तो परेशानी झेलनी ही पड़ी अन्य यात्री टॉयलेट का इस्तेमाल नहीं कर सके। मुरादाबाद जा रहे यात्री कृष्णपाल का कहना था कि टिकट का पैसा देकर भी टॉयलेट में सफर करना पड़ा।
इन ट्रेनों में भी रही भीड़
गोमती एक्सप्रेस, बरेली इंटरसिटी, सहारनपुर पैसेंजर, प्रयागराज, रीवा, मुंडवाडीह, अवध-असम एक्सप्रेस
बसों में ठूंस-ठूंस कर भरे यात्री
त्योहारी सीजन में बसों के सफर ने लोगों को दिन-रात परेशान कर रखा है। लोकल रूट पर जाम के कारण यातायात में दिक्कत हो रही है। वहीं, लांग रूट की बसों में यात्रियों को सीट नहीं मिल सकीं।
साठ यात्रियों की क्षमता वाली बस में सौ यात्री सवार थे। दर्जनों लोग छतों पर बैठकर सफर करने को मजबूर रहे। कौशांबी और आनंद विहार के साथ ही ज्यादा परेशानी लालकुआं पर रही।
यहां लोगों को पांच-सात घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ा। दिवाली पर यात्रियों की भारी भीड़ रहने की उम्मीद अफसरों को थी। इसके लिए रूट प्लान तैयार किया गया था।
मेरठ और मुजफ्फरनगर का बसों का प्लान जाम ने चौपट कर दिया। मोदीनगर और मुरादनगर में लंबा जाम लगने से स्थानीय रूट की बसों का संचालन प्रभावित हुआ।