जब भरी सभा में केजरीवाल पर बरसने लगे अंडे
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दिल्ली के नजफगढ़ में बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की रैली पर बदमाशों ने अंडे फेंके। यही नहीं, बदमाशों के नेता ने रैली को बाधित करने के लिए वहां की बिजली भी काट दी।
आम आदमी पार्टी व अरविंद केजरीवाल ने इस घटना को कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी की करतूत बताया है। पार्टी के मुताबिक विपक्षी पार्टियां पिछले चुनावों में भी ऐसी हरकते करती रही हैं।
हमले के ठीक बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा के पास दिल्ली चुनाव लड़ने का कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वह इस तरह की हरकतें कर के आप को उलाझा रही हैं। उन्हें इन कामों को छोड़कर असल में कुछ काम करना चाहिए।
कुछ लड़के उठे और केजरीवाल पर बरसाने लगे अंडे
दिल्ली के नजफगढ़ में हो रही इस सभा में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अरविंद केजरीवाल मंच पर खड़े होकर चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। तभी अचानक मंच के पीछे से लड़कों का समूह खड़ा हुआ और दनादन अंडों की बरसात कर दी।
मंच पर मौजूद आप कार्यकर्ता धर्मेंद्र ने बताया कि अरविंद केजरीवाल की किस्मत अच्छी थी कि उनको एक भी अंडा नहीं लगा।
यहीं नहीं, केजरीवाल की रैली उस वक्त भी बाधित हो गई थी, जब सभा के लिए चल रहा जेनरेटर अचानक बंद हो गया। बाद में पता चला कि कुछ शरारती तत्वों ने जानबूझ कर जेनरेटर बंद कर दिया था।
और केजरीवाल की रैली से उठ-उठकर जाने लगे लोग
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि कोई अनजान आदमी आया और उसने लोहे जैसी किसी धातु की चेन जेनरेटर पर फेंक दी। जिससे रैली में हो रही पावर सप्लाई बाधित हो गई और सभी लाउड स्पीकर बंद हो गए। अचानक ऐसी स्थिति बनी कि लोग उठ-उठकर जाने लगे।
लोगों में भ्रम की स्थिति बन गई कि आप की रैली समाप्त हो गई है। लेकिन स्थिति भांपते हुए आप कार्यकर्ताओं ने लोगों को रोकना शुरू किया और तत्काल जनरेटर को फिर से शुरू कराने में जुट गए।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब अरविंद केजरीवाल पर हमला हुआ है। इससे पहले उन पर दो बार थप्पड़ मारने, स्याही फेंके जाने, यहां तक कि मोबिल ऑयल और अंडे फेंके जाने जैसी घटनाएं भी होती रही हैं।
हमले के बाद बदला केजरीवाल का मिजाज
हमले के बाद करीब 20 मिनट अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस और भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस की तीखी आलोचना करते हुए लोगों से दिल्ली में आप को पूरे बहुमत के साथ लाने की शपथ दिलाई।
इस मौके पर केजरीवाल ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि जब वह सरकार में थे, तो उन्होंने महंगाई पर काफी हद तक लगाम लगा दिया था। आलू की कीमत 10 रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे चली गई थी, जो 30 रुपये किलो है। उन्होंने कहा कि जो आलू का दाम नहीं देख पाए वो सराकार क्या देंखेंगे।
साथ ही उन्होंने अपने उन 49 दिनों के बारे में कहा कि वह उनके लिए राजनीति का पहला पाठ था। अब सरकार बनाने के बाद वह कभी अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। इस पूरी घटना को अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है।