दाल के बाद आलू ने निकाला दम, बढ़े दाम
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दाल के आसमान छूते भाव से अभी शहरवासियों को राहत भी नहीं मिली थी कि अब आलू के बढ़े दाम ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। घरों में रसोई की कमान संभालने वाली महिलाओं को सब्जियों का चयन बड़ी सोच समझकर और तोल-मोल करके करना पड़ रहा है।
घरों में हरी सब्जियों का चलन बढ़ गया है। आलू की कीमत में उछाल का कारण उसकी आवक कम होना बताया जा रहा है। एनआईटी स्थित सब्जी मंडी के खुदरा बिक्रेता धर्मपाल ने बताया कि पिछले सप्ताह से इस सप्ताह में पुराने आलू में 2 से 5 रुपये की तेजी आई है।
पिछले सप्ताह तक पुराना आलू 12 रुपये प्रतिकिलो था, वहीं बृहस्पतिवार को यह 14 से 17 रुपये प्रतिकिलो बेचा गया। वहीं नया आलू भी इसी सप्ताह मंडी में आया है। वो भी 26 रुपये प्रतिकिलो में बिक रहा है।
नए आलू की अभी आवक कम होने के कारण दाम तेज हैं। सब्जी मंडी में थोक बिक्रेता सुभाष चंद ने बताया कि नया आलू फिलहाल पंजाब से आ रहा है। आवक कम होने के कारण कीमत में इजाफा देखने को मिल रहा है।
टमाटर हुआ और भी लाल
दिवाली तक ऐसे ही हालात बने रहने का अनुमान है। दिवाली के बाद आवक सुचारु हो जाएगी तो रेट में भी कमी आएगी। अभी मंडी में चार प्रकार के आलू उपलब्ध हैं। इसमें शुगर फ्री, जी-4 पहाड़ी और चिप्सोना के अलावा नया आलू मंडियों में बिक रहा है।
खुदरा बाजार में और महंगा-
सब्जी मंडी से आलू खरीदकर खुदरा व्यापारी और रेहड़ी वाले ग्राहकों से 6 रुपये तक ज्यादा ले रहे हैं। जो आलू मंडी से वो 14 रुपये प्रतिकिलो खरीदकर लाते हैं, उसे ग्राहक को 18 और 20 रुपये प्रतिकिलो बेचा जाता है। मंडी में 26 रुपये प्रतिकिलो में मिलने वाला नया आलू गलियों और कॉलोनियों में पहुंचकर 30 से 35 रुपये किलो हो जाता है।
आलू के साथ-साथ टमाटर के दाम भी बढ़ गए हैं। महंगाई के कारण टमाटर का रंग और लाल हो गया है। महंगे होने के कारण महिलाएं पाव में टमाटर लेने लगी हैं। थोक मंडी में 40 रुपये किलो में बिकने वाला टमाटर खुदरा मंडी में 50 रुपये किलो बिक रहा है।