कच्ची कॉलोनियों में लगे पीएम के होर्डिंग पर सियासी संग्राम, आप-कांग्रेस हुई भाजपा पर हमलावर
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अनधिकृत कॉलोनियों को लेकर एक बार फिर दिल्ली में सियासी संग्राम छिड़ गया है। रविवार को ही कई कॉलोनियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के होर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल होते ही सियासत तेज हो गई है। सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से इसे लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की आधिकारिक वेबसाइट का हवाला देते हुए कच्ची कॉलोनियों के अब तक नियमित नहीं होने का दावा किया। केजरीवाल के बयान के बाद आप, भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। पूरी बहस का मंच था सोशल मीडिया।
डीडीए की वेबसाइट कह रही, अधिकृत नहीं हुई कच्ची कॉलोनियां : केजरीवाल
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा दिल्ली के लोगों से झूठ बोल रही है। सभी पार्टियां राजनीति करती हैं लेकिन कोई इस तरह से गलत जानकारी देती है। इसी बात का सबसे बड़ा दुख है। अगर आप डीडीए की वेबसाइट पर जाकर देखें तो इसमें लिखा है कि न तो कॉलोनी का नियमितीकरण है और न ही घर का। भाजपा ने पूरी दिल्ली के अंदर होर्डिंग लगाए हैं जिसमें प्रधानमंत्री की फोटो लगी हैं। वोट लेने के लिए सिर्फ झूठ बोला जा रहा है। अभी तक पूरी दिल्ली में एक भी व्यक्ति को रजिस्ट्री नहीं मिली है। लोगों को न तो मालिकाना हक दे रहे हैं और न तो कॉलोनी को पक्की ही कर रहे हैं। लोगों के साथ इस तरह से धोखा करना सही बात नहीं है।
आप सरकार ने सड़कें और गलियां बनाई, यह सब दिख रहा है। हमारी सरकार कह रही है कि झुग्गी वालों को पक्के मकान देंगे। हमने सर्वे करके सबको सर्टिफिकेट बांटे हैं। लोगों के हाथ में कुछ कागज तो आया। इसमें तो कोई कागज भी नहीं दे रहे हैं। सब कुछ सिर्फ हवा में है।
8-10 दिन में मिलने लगेगी रजिस्ट्री : हरदीप पुरी
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए इस मसले पर कहा कि वे (सीएम केजरीवाल) शब्दों को पकड़कर जाल बुन रहे हैं। जबकि आने वाले 8-10 दिनो में लोगों को मालिकाना हक देने के लिए रजिस्ट्री भी शुरू हो जाएगी। आप झूठ बोलते रहिए, हम जल्द ही इन कॉलोनियों के निवासियों के हाथों में उनके घरों के कागज दे देंगे। आप दिल्लीवालों की खुशियों में बाधा नहीं बन सकते।
आप बातों में उलझाते हैं जबकि हमने 1731 अनाधिकृत कॉलिनियों के वासियों को मालिकाना हक देने के लिए लोकसभा और राज्यसभा से कानून पास करवाया। यह है कानून से चलकर लोगों को फायदा पहुंचाने वाली मोदी सरकार। जब भी दिल्ली के हित में कोई काम होता है तो वे उसमें रोड़े अटकाते हैं। वे 5 साल में अनधिकृत कॉलोनियों का नक्शा नहीं बनवा पाएं और उसके बाद भी कोर्ट में जाकर 2 साल और मांगें। वर्ष 2008 से लेकर अब-तक दिल्ली की सरकारों ने इस मुद्दे पर कोई काम नहीं किया। डीडीए ने सभी कॉलोनियों के नक्शे सैटेलाइट के माध्यम से केवल 2 महीने के अंदर पूरे कर दिए। 35 हजार लोगों ने वेबसाइट पर पंजीकरण भी करा लिया। इनमें से कई ने अपने कागजात जमा करा दिए। 20 हजार रुपये प्रति गज का सर्किल रेट है वहां इनको केवल 100 रुपये प्रति गज ही भरने पड़ेंगे।
लैंड यूज और ले आउट प्लान कहां, आप-केंद्र की सांठगांठ : अजय माकन
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा कि अनधिकृत कॉलोनियों पर दिल्ली और केंद्र सरकार जनता के साथ धोखे की राजनीति कर रही है। दोनों ही कसूरवार हैं। लैंड यूज और लेआउट प्लान पर नोटिफिकेशन में कोई जिक्र नहीं है। वर्ष 2008 में सबसे पहले नोटिफिकेशन आया था इसके बाद 2012 और 15 में इसमें संशोधन भी किया गया लेकिन 2019 में नए सिरे से नोटिफिकेशन जारी किया गया। इसके लिए केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार की स्वीकृति ली है।
इसीलिए ये दोनों सरकारें इसके पीछे कसूरवार हैं। 2008 और 2019 के नोटिफिकेशन में अनधिकृत कॉलोनी की परिभाषा समान है जिसका मतलब है कि अनधिकृत कॉलोनी वो क्षेत्र है जहां लेआउट की इजाजत नहीं ली गई है। ऐसे क्या एक भी कॉलोनी का लेआउट प्लान मंजूर किया गया है? गौर करने वाली बात है कि लेआउट प्लान कौन मंजूर करेगा, इसका कोई जिक्र ही नहीं है। जो लोग पहले से हैं, उनका मालिकाना हक तो पहले से ही है। लैंड यूज उनका अभी भी एग्रीकल्चर है। अभी तक अनधिकृत कॉलोनियों में मौजूद दुकानदार या ऑफिस सीलिंग के दायरे में नहीं आते हैं, लेकिन जब ये कॉलोनी अधिकृत होती हैं तो इन सबका क्या होगा? कांग्रेस के नोटिफिकेशन में इनके लिए मिक्सड लैंड यूज तक का विकल्प रखा था। अधिकृत होने के 90 दिन में सर्वे के बाद इन छोटे व्यापारियों को बचाने का प्रावधान किया था जिसे अब हटा दिया गया है।
केंद्र व दिल्ली सरकार ने 40 लाख लोगों से किया विश्वासघात : चोपड़ा
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में मालिकाना हक देने संबंधी अधिसूचना को 40 लाख लोगों के साथ बड़ा धोखा करार दिया है। चोपड़ा ने एलान किया कि दिल्ली में कांग्रेस की सरकार आने पर सभी अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित किया जाएगा। दक्षिणी दिल्ली की रंगपुरी पहाड़ी में कांग्रेस की हल्ला बोल रैली के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने यह घोषणा की। रैली की अध्यक्षता क्षेत्र के पूर्व विधायक विजय लोचव ने की। रैली को पूर्व सांसद रमेश कुमार व जिला अध्यक्ष राजेश चौहान ने भी संबोधित किया।
चोपड़ा ने आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार ने अनधिकृत कॉलोनियों के मामले में संसद को भी गुमराह किया है। अब दिल्ली की जनता इसकी हकीकत जान चुकी है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की ओर से किए ट्वीट ने बाकायदा कांग्रेस की शंकाओं व आरोपों की न केवल पुष्टि कर दी है बल्कि खुद इसे स्वीकार भी किया है। केंद्र ने दिल्ली सरकार के साथ मिलकर 40 लाख लोगों के साथ बड़ा विश्वासघात किया है।
चोपड़ा ने आरोप लगाते हुए कहा कि अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के लिए संसद में कोई बिल लाने की जरूरत नहीं थी। जानबूझ कर भाजपा व केजरीवाल सरकार ने एक सुनियोजित साजिश के तहत इस मामले को संसद में भेजा ताकि इन कॉलोनियों के नियमन को हमेशा के लिए उलझा दिया जाए।