कैब संचालक उतरे सड़क पर, पुलिस ने भांजी लाठियां
- विरोध में पांच घंटे तक बंधक बना रहा हाइवे, 15 चालक गिरफ्तार
- डीजल-पेट्रोल कैब टैक्सी की पाबंदी के खिलाफ हैं संचालक
- गुडग़ांव में रहा दो किलोमीटर से अधिक जाम, फंसे रहे लोग
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प्रदूषण की जंग में सुप्रीम कोर्ट द्वारा डीजल-पेट्रोल कैब टैक्सी की पाबंदी के आदेश के खिलाफ सोमवार को कैब संचालक सड़क पर उतरे। दिल्ली-गुडग़ांव एक्सप्रेस वे पांच घंटे तक इस विवाद में टैक्सी संचालकों, ड्राइवरों और पुलिस, प्रशासन की मौजूदगी से बंधक बना रहा।
जिससे दिल्ली की ओर पांच किलोमीटर और गुडग़ांव की ओर दो किलोमीटर से अधिक लंबा जाम लग गया। पुलिस ने हाइवे को जाम कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए उन पर लाठियां भांजी। पुलिस और प्रदर्शनकारियों की तीखी नोकझोंक हुई। मौके से 15 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
सोमवार की सुबह करीब 08.15 बजे 40 से अधिक डीजल कैब चालकों ने गुडग़ांव से दिल्ली रजोकरी बार्डर पर जाम लगा दिया। जिसे गुडग़ांव से दिल्ली की ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई।
सूचना मिलते ही गुडग़ांव पुलिस पहुंची और जाम को खुलवा दिया। जिसके बाद कैब चालकों ने दिल्ली से गुडग़ांव की ओर आ रहे रूट पर हाईवे को जाम कर दिया। इसके बाद फिर जाम शुरू हो गया। इसके बाद कुछ कैब संचालक गुडग़ांव सीमा में जुटे और एक्सप्रेसवे पर चढ़कर विरोध करने लगे। कई कैब संचालकों ने एनएच-8 पर जगह-जगह अपनी गाडिय़ां रोककर विरोध जताया।
इसके बाद कई लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन करके जाम खुलवाने की गुजारिश की। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। तब मजबूरी में पुलिस को उन पर लाठियां भांजनी पड़ीं। इस झगड़े में आम लोगों को अपनी गाडिय़ों में घंटों बिलबिलाना पड़ा। ऊपर से भीषण गर्मी से हाल बेहाल कर दिया। एंबुलेंस भी इस जाम में फंसी रहीं।
विरोध करने वाले टैक्सी संचालकों का कहना है कि वो कैब सर्विस के साथ जुड़कर अपनी रोजी रोटी चला रहे थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश से इस पर संकट आ गया है। टैक्सी मालिकों ने चेतावनी दी है कि यह प्रतिबंध नहीं हटाया गया तो बड़ा आंदोलन करेंगे। कैब चालकों ने बताया कि उन लोगों ने आपस में विचार-विमर्श करने के बाद विरोध अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। उनका दावा है कि एनसीआर में लगभग आधी टैक्सी डीजल से चलती हैं। डीएलएफ-फेस-2 के एसएचओ सुधीर कुमार का कहना है कि हाइवे पर आम जनता का रास्ता रोक रहे 15 टैक्सी चालकों को गिरफ्तार किया गया है।