पुलिस का दावा, हिंसा के दिन जेएनयू में सर्वर खराब नहीं था
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हिंसा मामले की जांच कर रही एसआईटी ने संभावना जताई है कि जेएनयू हिंसा कैंपस में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई थी। एसआईटी के पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि सर्वर खराब होने के बावजूद सीसीटीवी कैमरों में रिकार्डिंग हुई थी।
रोहिणी स्थित एसएफएल की टीम सर्वर से डाटा को लोड़ करने में जुटी है। एफएसएल अधिकारियों का भी मानना है कि सीसीटीवी कैमरों में रिकार्डिंग हुई है। एफएसएल की टीम पिछले दो दिन से डाटा लोड़ करने में लगी हुई है। एफएसएल की टीम बुधवार को भी सर्वर के डाटा को लोड करने जाएगी।
अपराध शाखा के एक पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे जेएनयू कैंपस में करीब 130 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। अभी तक यह कहा जा रहा था कि जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत अन्य आरोपियों ने सर्वर रूम में तोड़फोड़ की थी। इस कारण जेएनयू में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकार्डिंग नहीं हो पाई थी।
सीसीटीवी न होने की वजह से पुलिस आरोपियों की पहचान नहीं कर पा रही है। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस बात की पूरी संभावना है कि जेएनयू में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकार्डिंग हुई। सर्वर खराब नहीं था, बल्कि सर्वर की तारों को डिस्कनेक्ट कर दिया गया था।
ऐसे में सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग का डाटा सर्वर के अंदर जा रहा था। पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग एसआईटी को मिल जाएगी। रिकार्डिंग मिलने के बाद आरोपियों की तुरंत पहचान हो जाएगी। एफएसएल की टीम सर्वर से डाटा को लोड करने में पूरी तरह लगी हुई है।
पुलिस को नहीं मिला रहा है कोमल का पता
दूसरी तरफ वायरल वीडियो में दिखाई दे रही दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा कोमल शर्मा का पता पुलिस को मंगलवार को भी नहीं मिला। पुलिस को इतना पता लगा है कि कोमल शर्मा हरियाणा की रहने वाली है। पुलिस दौलतराम कॉलेज से छात्रा का पता लेकर मौरिस नगर के विजय नगर में पीजी में गई थी।
छात्रा अपने पीजी से जा चुकी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कोमल शर्मा का मोबाइल बंद रहा है। बुधवार को उसके मोबाइल की डिटेल खंगाली जाएगी।
सूचना देने वालों से भी पूछताछ कर रही है पुलिस -
एसआईटी दिल्ली पुलिस को हिंसा की सूचना देने वालों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस इनसे पूछताछ कर घटनाक्रम को जानने की कोशिश कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जेएनयू हिंसा वाले दिन पुलिस को करीब 90 पीसीआर कॉल मिली थी।