Delhi: किसी भी यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री बनाकर देता था गिरोह, पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
आरोपी 30 हजार से दो लाख रुपये में डिग्री बनाते थे। अपराध शाखा की पुलिस टीमें इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए दिल्ली व एनसीआर में शुक्रवार शाम को दबिश दे रही थीं। इनके कब्जे से देश की कई यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री व अंकतालिका बरामद की गई हैं।
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने निजी यूनिवर्सिटी व किसी भी पाठ्यक्रम की फर्जी डिग्री व अंकतालिका बनाने गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी शिवशंकर (43) और सुनील मिश्रा (39) अब तक 100 से ज्यादा लोगों की फर्जी डिग्री व अंकतालिक बना चुके हैं।
आरोपी 30 हजार से दो लाख रुपये में डिग्री बनाते थे। अपराध शाखा की पुलिस टीमें इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए दिल्ली व एनसीआर में शुक्रवार शाम को दबिश दे रही थीं। इनके कब्जे से देश की कई यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री व अंकतालिका बरामद की गई हैं।
दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि शाखा की वेस्टर्न रेंज- दो में तैनात एएसआई दीपक को 24 अगस्त को सूचना मिली थी कि एक गिरोह भारत के विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के जाली एवं नकली दस्तावेज यानि डिग्री व अंकतालिका बनाकर उन्हें असली बताकर लोगों को दे रहे हैं। एसीपी यशपाल सिंह की निगरानी में इंस्पेक्टर विनय कुमार, एसआई गौतम व एएसआई दीपक कुमार की टीम ने प्रतीक अपार्टमेंट, पश्चिम विहार पश्चिम, दिल्ली में छापेमारी कर दोनों आरोपी दिल्ली निवासी शिवशंकर व सुनील मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया।
इनके कब्जे से पिछली तारीखों में तैयार की गईं विभिन्न विश्वविद्यालयों की फर्जी डिग्रियां व मार्कशीट, छह मोबाइल फोन और दस्तावेजों को बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया एक लैपटॉप बरामद किया गया है। आरोपी शिव शंकर मास्टरमाइंड है और वह पिछले 5-6 वर्षों से इस फर्जी रैकेट को चला रहा है। इससे पहले ये मियांवाली नगर थाने के इसी प्रकार के एक मामले में शामिल रह चुका है। ये लोगों को विश्वास दिलाने के लिए यूनिवर्सिटी से फर्जी कॉल करा देते थे।
इन यूनवर्सिटी की बनाते थे डिग्री
मेवाड़ यूनिवर्सिटी-राजस्थान, एमयूआईटी यूनिवर्सिटी-नोएडा, जेआरएन राजस्थान विद्यापीठ यूनिवर्सिटी-राजस्थान, विनायक मिशन यूनिवर्सिटी-सलेम, एमएनएस आईटीआई-हरियाणा, हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी, कलिंगा यूनिवर्सिटी आदि। सभी निजी विश्वविद्यालय हैं।
इन पाठ्यक्रमों की बनाते थे डिग्री
आरोपी बीएससी, बीबीए, एमबीए, बीटेक, एमटेक, एमसीए, बीए, बीकॉम आदि की डिग्री व अंकतालिका बना रहे थे। आरोपी सुनील मिश्रा पिछले दो वर्षों से आरोपी शिव शंकर के साथ काम कर रहा था। वह टेली-कॉलर, रिसीवर, फर्जी दस्तावेजों की डिलीवरी और डिग्री लेने के लिए आने लोगों को संभालने का काम कर रहा था। वह आरोपी शिव शंकर का काफी करीबी सहयोगी है।