लोन दिलाने के नाम पर करते थे ठगी, मैनेजर समेत 4 गिरफ्तार
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एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस को ब्रोकर सेवाएं देने वाली जीवीआर कंपनी के मैनेजर नितिन गौड़ और उसके तीन साथियों को साइबर सेल टीम ने ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया है। मास्टर माइंड नितिन गौड़ ब्रोकर कंपनी से ग्राहकों का डेटा चुरा कर साथी राहुल उर्फ अंकित, अभिषेक तिवारी उर्फ संजीव अरोड़ा और अमित उर्फ निशांत को देता था। यह लोग फर्जी आईडी पर लिए गए सिम कार्ड का इस्तेमाल कर ग्राहकों को सस्ती दर पर लोन दिलाने के नाम पर ठगते थे।
डीसीपी क्राइम लोकेंद्र सिंह ने बताया कि सेक्टर तीन निवासी प्रेमचंद ने जुलाई माह में उनके साथ 1.30 लाख रुपये ठगी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। प्रेमचंद ने पुलिस को बताया था कि उन्हें किसी अंकित नाम के युवक ने फोन कर मात्र तीन फीसदी ब्याज दर पर लोन दिलाने को कहा। उन्होंने कार खरीदने के लिए पांच लाख रुपये लोन की मांग की।
दूसरे दिन प्रिंस नाम का युवक उन्हें लोन का फार्म देकर चला गया। इसके बाद उनके पास निशांत का फोन आया, उसने बताया कि लोन मंजूर कराने के लिए उन्हें एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस में 50 हजार रुपये की पॉलिसी करानी होगी। उन्होंने पॉलिसी करवा ली, कुछ दिन बाद अभिषेक तिवारी नाम के व्यक्ति ने फोन कर बताया कि वह सीनियर मैनेजर है।
लोन लेने के लिए उन्हें सिक्योरिटी मनी के रूप में 80 हजार रुपये जमा करवाने होंगे जो लोन मंजूर होने पर वापस मिल जाएंगे। प्रेमचंद ने अभिषेक के बताए हुए पंजाब एंड सिंध बैंक के खाते में रकम जमा करवा दी। इसके बाद उन्होंने लोन की राशि मिलने के लिए संपर्क करना चाहा तो फोन बंद थे। उनकी शिकायत पर साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी।
प्रिंस के जरिए अपराधियों तक पहुंची टीम
अभिषेक तिवारी और उसकी टीम ने प्रेमचंद को लोन का फार्म देने के लिए जीवीआर कंपनी के कर्मचारी प्रिंस को भेजा था। यही प्रिंस एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस के कागजात भी प्रेमचंद को देने गया था। पुलिस ने प्रिंस को पकड़ा तो उसने बताया कि नितिन गौड़ ने उसे लोन के कागजात देने भेजा था।
पुलिस ने उसे गवाह बना कर नितिन गौड़ को हिरासत में लिया। नितिन ने बताया कि जीवीआर कंपनी से उपभोक्ताओं का डेटा चुरा कर सस्ता लोन दिलाने के नाम पर ठगी करता है। इसमें उसका साथ संजीव अरोड़ा, अमित और राहुल देते थे। नितिन ने ही फर्जी आईडी पर सिम कार्ड खरीद कर साथियों को बांटे थे जो बैंक के अधिकारी बन उपभोक्ताओं से बात कर उन्हें फंसाते थे।
फर्जी खाते में जमा करवाते थे धन
डीसीपी क्राइम लोकेंद्र सिंह ने बताया कि नितिन गौड़ उपभोक्ताओं से पंजाब एंड सिंध में फर्जी ढंग से खोले गए खाते में धन जमा करवाते थे। यह खाता एटूजेड सॉल्यूशन के नाम से खोला गया है। इस खाते में 53.50 लाख रुपये जमा हैं। खाते में रकम जमा करवाने वालों की डिटेल निकाली जा रही है, इससे पता चलेगा कि नितिन और उसके साथियों ने कितने और लोगों को ठगा है। इन लोगों ने फर्जी आईडी के जरिए सिम कहां से लिए, इसकी भी जांच की जा रही है।