भीड़ हिंसा में मारे गए रकबर के बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाएंगे मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी
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इमरान प्रतापगढी ने रकबर के परिवार को 50 हजार रुपये को चेक देकर आर्थिक मदद की और रकबर के सभी सातों बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी ली। बता दें कि इमरान प्रतापगढ़ी ने मेवात के जय सिंहपुर निवासी पहलू की 85 वर्षी मां का ताउम्र खर्चा उठा रहे हैं। वहीं उन्होंने उमर मोहम्मद की बच्चों के लिए मकान बना कर दिया है।
इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि भाजपा सरकार गाय के नाम पर मुसलमानों की हत्या कर जहां इसका राजनैतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। वही मेवात इलाके के दूध कारोबार को टारगेट करने की योजना है।
आज देश में जो कुछ हो रहा है इसके पीछे सरकारों की नियत साफ नजर आती है और हाल ही में एक टीवी चैनल द्वारा मेवात के पहलू हत्या कांड सहित कई मामलों में किए गए स्टिंग ऑपरेशन से साफ जाहिर हो गया है कि गोहत्या के नाम पर मुसलमानों की हत्या करने वालों का सरकार, पुलिस का पूरा संरक्षण प्राप्त है। वहीं इन मामलों में सराकरों की चुप्पी भी शर्मनाक हैं।
प्रतापगढ़ी का आरोप गायों को सरकार खुद मार रही है
प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि गायों को सरकार खुद मार रही है और राजनैतिक फायदा उठाने के लिए उनके कथित गोभक्त मुसलमानों को टारगेट कर उनकी हत्या कर रहे हैं। गोशालाओं के नाम के बजट को गायों पर खर्च करने की बजाए इनकी बंदरबांट हो रही है। वहीं उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कहा था कि 70 फीसदी गोरक्षों को अपराधी किस्म का बताया था।
उनका कहना है या तो पीएम का वह बयान एक जुमला था या फिर देश के मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री की बात नहीं मान रहे हैं जो राजस्थान जैसे इलाके में गोरक्षों के लिए सरकार ने गैरकानूनी गोरक्षक पुलिस चौकी खोल रखी है।
इमरान प्रतापगढ़ी कहा, भाजपा कर रही है साजिश
उन्होंने कहा भाजपा की सरकारें एक साजिश के तहत गोहत्या के नाम पर ये सब खेल कर रही हैं। वहीं उन्होंने मेवात और देश के मुसलमानों से आह्वान किया की वे केवल एक साल के लिए पशुओं का कारोबार बंद कर दें। उसके बाद सरकार की आंखें अपने आप की खुल जाएंगे फिर देखना करोड़ों गाय सड़कों पर होंगी और किसानों की फसलों को बर्बाद करेगी। आज उत्तर प्रदेश में आवारा गाय और नील गायों से किसान बेहद परेशान हैं।