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Delhi NCR News: अनिवार्य उपस्थिति सर्कुलर के विरोध में एयूडी में पीएचडी छात्रों का धरना
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चार मांगों को लेकर कश्मीरी गेट कैंपस में शुरू किया गया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली (एयूडी) में पीएचडी छात्रों ने अनिवार्य उपस्थिति को लेकर सोमवार से कश्मीरी गेट कैंपस में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। छात्रों का कहना है कि 31 जुलाई को जारी अनिवार्य उपस्थिति संबंधी सर्कुलर को पूरी तरह वापस लिया जाए।
एयूडी स्टूडेंट काउंसिल करमपुरा ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और एयूडी पीएचडी स्कॉलर्स की संयुक्त कार्रवाई समिति के साथ मिलकर किया है। धरने पर बैठे छात्रों के अनुसार वह दो महीने से अधिक समय से अलग-अलग कैंपस में प्रदर्शन और ज्ञापन के जरिए मांग उठा रहे हैं। लेकिन समाधान नहीं हुआ। 24 सितंबर को रजिस्ट्रार की ओर से पीएचडी अटेंडेंस कमव्हेयर अबाउट्स रजिस्ट्री को बुनियादी ढांचे की समस्या दूर होने तक स्थगित करने की सूचना जारी की गई थी। हालांकि छात्रों का कहना है कि उन्हें केवल सर्कुलर स्थगित करना नहीं बल्कि 31 जुलाई को जारी सभी संबंधित आदेश वापस होने चाहिए।
छात्रों ने कैंपस में लगाए गए लोहे के गेट हटाने, पीएचडी फीस माफी फिर शुरू करने और विश्वविद्यालय के निर्णय लेने वाले सभी स्तरों पर छात्रों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग भी की है। वहीं प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा से कथित दुर्व्यवहार को लेकर पुलिस शिकायत किए जाने का भी दावा किया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली (एयूडी) में पीएचडी छात्रों ने अनिवार्य उपस्थिति को लेकर सोमवार से कश्मीरी गेट कैंपस में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। छात्रों का कहना है कि 31 जुलाई को जारी अनिवार्य उपस्थिति संबंधी सर्कुलर को पूरी तरह वापस लिया जाए।
एयूडी स्टूडेंट काउंसिल करमपुरा ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और एयूडी पीएचडी स्कॉलर्स की संयुक्त कार्रवाई समिति के साथ मिलकर किया है। धरने पर बैठे छात्रों के अनुसार वह दो महीने से अधिक समय से अलग-अलग कैंपस में प्रदर्शन और ज्ञापन के जरिए मांग उठा रहे हैं। लेकिन समाधान नहीं हुआ। 24 सितंबर को रजिस्ट्रार की ओर से पीएचडी अटेंडेंस कमव्हेयर अबाउट्स रजिस्ट्री को बुनियादी ढांचे की समस्या दूर होने तक स्थगित करने की सूचना जारी की गई थी। हालांकि छात्रों का कहना है कि उन्हें केवल सर्कुलर स्थगित करना नहीं बल्कि 31 जुलाई को जारी सभी संबंधित आदेश वापस होने चाहिए।
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छात्रों ने कैंपस में लगाए गए लोहे के गेट हटाने, पीएचडी फीस माफी फिर शुरू करने और विश्वविद्यालय के निर्णय लेने वाले सभी स्तरों पर छात्रों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग भी की है। वहीं प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा से कथित दुर्व्यवहार को लेकर पुलिस शिकायत किए जाने का भी दावा किया गया है।
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