रोड की जर्जर हालत से बेहाल हुए लोग
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शहर से ऊंचा गांव होते हुए दर्जनों गांवों और सेक्टरों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क तालाब का रूप ले चुकी है। आलम यह है कि गुजरने वाले वाहन चालकों को कई बार सोचना पड़ता है कि कहीं उनकी गाड़ी फंस न जाए।
जबकि पैदल और बाइक से जाने वाले को गिरने का डर सताता है। दो-दो फुट पानी में गंदगी और मच्छरों का साम्राज्य बन गया है। ऊंचा गांव में साहुपुरा मोड़ पर गौशाला की तरफ नगर निगम ने अभी तक नाली नहीं बनाई है।
इस तरफ के मकानों के गंदे पानी की निकासी को लेकर निगम ने सडक़ पर पुलिया बनाई है। इसके बावजूद कुछ मकान मालिकों ने पुलिया को बंद किया है।
पुलिया बंद होने से गंदा पानी एक किलोमीटर तक भर जाता है। बरसात होने पर सीमेंटेड सडक़ से आगे और लोकनिर्माण विभाग की सीमा से पहले सडक़ पर दो-दो फुट पानी भर जाता है।
इस पानी से निकलने में दुपहिया वाहनों चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रोजाना इस पानी में से दुपहिया वाहन चालक फिसल कर गिरते हैं और चोटिल होते हैं। पैदल और साइकिल चालकों का तो यहां से निकलना पूरी तरह से बंद हो गया है।