डॉक्टर नारंग के हत्या आरोपियों के इलाके में घरों से नहीं निकल रहे लोग
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डॉक्टर नारंग की हत्या के बाद से कृष्णा पार्क ही नहीं, बल्कि इंद्रा कैंप के लोग भी दहशत में हैं। घटना के बाद से वहां के लोग काम पर नहीं जा रहे हैं। लोगों को आशंका है कि कोई भी घर पर हमला कर उनकी हत्या कर सकता है। डॉक्टर की हत्या करने वाले आरोपी इंद्रा पार्क में ही रहते हैं।
पेशे से कैब ड्राइवर मोहम्मद मुन्ना ने बताया कि वह पिछले 25 साल से कैंप में रहता है। डॉक्टर की हत्या के बाद से उसे यह डर सता रहा है कि कोई उसके घर पर हमला न कर दे। मुन्ना के मुताबिक, घटना के बाद से यह माहौल बनाया जा रहा है कि इंद्रा कैंप में रहने वाले सभी दोषी हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।
आरोपियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। वहीं, स्थानीय निवासी संजीव का कहना है कि होली के बाद वह सो नहीं पाया है। वह फैक्ट्री में काम करता है, लेकिन डर की वजह से काम पर नहीं जा रहा है।
उसे आशंका है कि बाहर जाने पर उस पर हमला हो सकता है। बता दें कि इंद्रा कैंप नंबर 4 में करीब तीन सौ झुग्गियां हैं। यहां रहने वाले ज्यादातर लोग कैब, ई-रिक्शा, ऑटो और घरों में काम करते हैं। इनमें ज्यादातर उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के रहने वाले हैं।
तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी संभव
विकासपुरी इलाके में हुई डॉक्टर पंकज नारंग की हत्या मामले में तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान की है।
पुलिस इनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच में जिन आरोपियों के नाम सामने आए हैं, उनकी गिरफ्तारी हो चुकी है। अब पुलिस मौके पर मौजूद उन लोगों की पहचान कर रही है, जो वारदात के बाद से फरार हैं।
गौरतलब है कि बुधवार रात बाइक सवार दो युवकों से डॉक्टर पंकज नारंग की कहासुनी हो गई थी। उसके कुछ देर बाद ही दोनों युवक अपने साथ करीब 10-12 लोगों को लेकर डॉक्टर के घर पहुंचे और डॉक्टर व उसके जीजा विकास सेठी पर लाठी डंडे से हमला कर दिया।
घायल डॉक्टर की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए मुख्य आरोपी नासिर समेत नौ लोगों को पकड़ा, जिसमें चार नाबालिग हैं। वहीं, पुलिस ने नासिर की मां को लोगों को उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
पुलिस को आशंका है कि वारदात में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसीलिए इलाके में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को कब्जे में कर लिया है। अब पुलिस फुटेज से उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जो वारदात में शामिल थे और अभी फरार हैं। पुलिस को तीन लोगों की तलाश है।
सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार, मोनिका के ट्वीट से संभले हालात
विकासपुरी में डॉक्टर पंकज नारंग की हत्या को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई। सोशल मीडिया पर यह प्रचारित किया गया कि डॉक्टर की हत्या बांग्लादेशियों ने भारत से क्रिकेट मैच हारने की वजह से की है।
हालांकि इन अफवाहों के बाद पुलिस हरकत में आई और स्पष्टीकरण दिया कि पकड़े गए आरोपियों में कोई भी बांग्लादेशी नहीं है। डॉक्टर की हत्या के बाद एक विशेष समुदाय को लेकर सोशल साइट फेसबुक, वाट्सऐप और ट्विटर पर अफवाह से माहौल बिगड़ने की स्थिति हो गई थी।
इसे रोकने के लिए पश्चिम जिला की अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है, जो सरासर गलत है।
मामले में जो भी आरोपी पकड़े गए उसमें से पांच हिंदू और चार मुसलमान हैं। जो मुसलमान पकड़े गए हैं वह बांग्लादेशी नहीं हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। हालांकि पुलिस अभी इस बात का खुलासा नहीं कर पा रही है कि आखिर कौन अफवाह फैला रहा है और इसके पीछे उसका मकसद क्या है। लेकिन पुलिस इस अफवाह को लेकर सतर्क हो गई है। उधर, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके पुलिस आयुक्त मोनिका भारद्वाज की पहल की तारीफ की है।