फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   PC Chacko overturns Sheila Dikshit decision to dissolve all block committees in Delhi

दिल्ली कांग्रेस में घमासान फिर तेज, पीसी चाको ने पलटा शीला का ब्लॉक कमेटियां भंग करने का निर्णय

Sat, 29 Jun 2019 08:59 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 29 Jun 2019 08:59 PM IST
विज्ञापन
PC Chacko overturns Sheila Dikshit decision to dissolve all block committees in Delhi
rahul gandhi sheila dikshit pc chako - फोटो : अमर उजाला

प्रदेश कांग्रेस में घमासान फिर तेज हो गया है। प्रभारी पीसी चाको और प्रदेशाध्यक्ष शीला दीक्षित एक बार फिर आमने-सामने हैं। शुक्रवार को शीला दीक्षित ने ब्लॉक कमेटियों को भंग कर दिया था तो शनिवार को चाको ने इस फैसले को बदल दिया। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, चाको ने चुने हुए 280 ब्लॉक अध्यक्षों को बिना अनुमति हटाने के फैसले पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि इस निर्णय से पहले ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी से अनुमति नहीं ली गई थी। अब संशय है कि ब्लॉक अध्यक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे या नहीं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से प्रदेश नेतृत्व की मुलाकात के बाद 280 ब्लॉक कमेटियों को भंग करने के एलान के बाद पार्टी में तापमान बढ़ गया है। सभी अपने-अपने आलाकमान से संपर्क साध रहे हैं और इसके कारण गुटबाजी भी बढ़ गई है।

विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि चाको और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अजय माकन ने ही मिलकर ब्लॉक कमेटी का गठन किया था। लोकसभा चुनाव के दौरान भी शीला दीक्षित और चाको आमने-सामने थे। चाको जहां आप के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ने के पक्ष में थे तो शीला ने इसका विरोध किया था। कई दिन तक दोनों ने पूरा दमखम दिखाया। शीला दीक्षित जीत गईं और सातों सीट पर अकेले चुनाव लड़कर पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया। एक बार फिर दोनों नेता उलझ गए हैं।
विज्ञापन


लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पहली बार दिल्ली के सभी नेताओं से मिले हैं। हार पर मंथन के बाद उनकी ओर से शीला दीक्षित को फ्री हैंड का इशारा भी मिला बताया गया है। इसीलिए प्रदेशाध्यक्ष ने सभी 280 ब्लॉक कमेटियों को भंग किया था। इसके बाद के हालात पर शनिवार को शीला दीक्षित के निवास पर करीबियों के साथ बैठकों का दौर चला। सोमवार को उन्होंने प्रदेश कार्यालय में सभी नेताओं को चर्चा के लिए आमंत्रित किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर, पार्टी के कुछ नेता मान रहे हैं कि चाको और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष का मत आप के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का था। कमेटियां भी इसी मत की थीं। शीला खेमे की मानें तो लोकसभा चुनाव में जिस तरह पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया, उसे देखकर लगता है कि ब्लॉक स्तर पर कार्यकर्ता थोड़ी अधिक मेहनत करते तो पार्टी और अच्छा प्रदर्शन करती। इसे देखते हुए ऊपर से लेकर नीचे तक बदलाव की वकालत की जा रही है।

हर विधानसभा क्षेत्र के लिए नियुक्त हो सकता है ऑब्जर्वर

अगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ऑब्जर्वर की नियुक्ति कर सकती है। इन्हीं के मार्फत पार्टी जमीनी नेताओं का चुनाव करने की कवायद करेगी। शनिवार को हुई बैठक में संगठन को मजबूत करने के लिए फेरबदल पर चर्चा हुई। बैठक में उस कमेटी की रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई, जिसने लोकसभा चुनाव में हार के बाद समीक्षा की है। एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि ऐसी सूचना मिली थी कि ब्लॉक स्तर पर कई सिफारिशी नेताओं को नियुक्त कर दिया गया है। उन्होंने पार्टी के प्रचार और संगठन को मजबूत करने का कोई प्रयास नहीं किया।

कई दिग्गज नेताओं ने जताई नाराजगी

ब्लॉक कमेटी को भंग करने पर कांग्रेस के कई दिग्गज नेता नाराज हैं। उनका कहना है कि राहुल गांधी से सिर्फ एक महीने का मोहलत मांगने के बाद सबसे निचले स्तर के कार्यकर्ताओं को निराश करना कही से जायज नहीं है। हार के बाद ब्लॉक कमेटियां ही क्यों, पूरी कार्यकारिणी को भंग करना चाहिए। कोई भी चुनावी हार सामूहिक होती है। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव काफी नजदीक हैं। ऐसे में एक बार फिर संगठन खड़ा करना मुश्किल है। हार के लिए कार्यकर्ता से लेकर कार्यकारी अध्यक्ष और अध्यक्ष की भी जिम्मेदारी है। पार्टी सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान सभी ने मिलकर काम करने का वादा किया था, लेकिन आधे घंटे के अंदर ही ब्लॉक अध्यक्षों पर गाज गिर गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed