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संसद की सुरक्षा में चूक: मुख्य साजिशकर्ता के साथ एक अन्य आरोपी ने भी किया सरेंडर, जानें मामले में उसकी भूमिका
Fri, 15 Dec 2023 10:17 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 15 Dec 2023 10:17 AM IST
सार
आरोपी ललित ने पुलिस के सामने दावा है कि उसने मोबाइल फोन जला दिए हैं।ललित के पास अपने चार साथियों के मोबाइल फोन थे। घटना को अंजाम देने से पहले चारों ने अपने फोन ललित को दे दिए थे। फिर मौके से ललित घटना की मोबाइल रिकॉर्डिंग करने के बाद फरार हो गया था।
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Parliament Security Breach
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
संसद की सुरक्षा में चूक के मामले में मास्टरमाइंड ललित झा के साथ गुरुवार रात को दिल्ली पुलिस के सामने एक और शख्स ने समर्पण किया। राजस्थान के नागौर के रहने वाले महेश कुमावत ने भी ललित के साथ सरेंडर किया है। महेश भी साजिश में शामिल है। महेश पेशे से मजदूर है। इस बात की जानकारी दिल्ली पुलिस ने दी है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ललित और महेश से पूछताछ की जा रही है।
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि मोबाइल को आग के हवाले कर दिया है। आरोपी ललित ने पुलिस के सामने दावा है कि उसने मोबाइल फोन जला दिए हैं।
ललित के पास अपने चार साथियों के मोबाइल फोन थे। घटना को अंजाम देने से पहले चारों ने अपने फोन ललित को दे दिए थे। फिर मौके से ललित घटना की मोबाइल रिकॉर्डिंग करने के बाद फरार हो गया था। पुलिस उसके दावे की पुष्टि कर रही है।
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पुलिस ने कहा कि इस कांड के पीछे आठ लोग है। जिनको न केवल गिरफ्तार किया गया बल्कि अभी तक पूछताछ की जा रही है। इसमें से कई लोग भगत सिंह युवा फैन क्लब से जुड़े हुए थे। जिसे अब डिलीट कर दिया गया है। अब पुलिस ग्रुप के सदस्यों की लिस्ट तैयार कर रही है।
बता दें कि ललित घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। ललित को इस घटना में मास्टर माइंड बताया जा रहा था और इसकी तलाश में पुलिस लगातार जगह-जगह छापे मार रही थी। संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले पुलिस ने इससे पहले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन ललित के बारे में कहीं कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
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पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि मोबाइल को आग के हवाले कर दिया है। आरोपी ललित ने पुलिस के सामने दावा है कि उसने मोबाइल फोन जला दिए हैं।
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ललित के पास अपने चार साथियों के मोबाइल फोन थे। घटना को अंजाम देने से पहले चारों ने अपने फोन ललित को दे दिए थे। फिर मौके से ललित घटना की मोबाइल रिकॉर्डिंग करने के बाद फरार हो गया था। पुलिस उसके दावे की पुष्टि कर रही है।
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पुलिस ने कहा कि इस कांड के पीछे आठ लोग है। जिनको न केवल गिरफ्तार किया गया बल्कि अभी तक पूछताछ की जा रही है। इसमें से कई लोग भगत सिंह युवा फैन क्लब से जुड़े हुए थे। जिसे अब डिलीट कर दिया गया है। अब पुलिस ग्रुप के सदस्यों की लिस्ट तैयार कर रही है।
बता दें कि ललित घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। ललित को इस घटना में मास्टर माइंड बताया जा रहा था और इसकी तलाश में पुलिस लगातार जगह-जगह छापे मार रही थी। संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले पुलिस ने इससे पहले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन ललित के बारे में कहीं कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
इससे पहले खबर आई थी कि ये राजस्थान में कहीं छिपा बैठा है लेकिन इसने खुद की थाने में पहुंचकर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। सूत्रों ने बताया कि आरोपियों का अभी तक किसी भी संगठन से जुड़े होने की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
डेढ़ साल पहले मैसूरु में मिले थे सभी आरोपी
पुलिस सूत्र के अनुसार, सभी आरोपी डेढ़ साल पहले मैसूरु में मिले थे। सागर लखनऊ से जुलाई में दिल्ली आया था, लेकिन संसद भवन में प्रवेश नहीं कर सका था। वहीं 10 दिसंबर को बाकी के आरोपी अपने-अपने राज्यों से दिल्ली पहुंचे। इंडिया गेट के पास वे इकट्ठा हुए जहां रंगीन पटाखे बांटे गए। पुलिस ने बताया कि गुप्त तरीके से आपत्तिजनक वस्तुओं को संसदभवन के अंदर ले जाया गया।
पुलिस सूत्र के अनुसार, सभी आरोपी डेढ़ साल पहले मैसूरु में मिले थे। सागर लखनऊ से जुलाई में दिल्ली आया था, लेकिन संसद भवन में प्रवेश नहीं कर सका था। वहीं 10 दिसंबर को बाकी के आरोपी अपने-अपने राज्यों से दिल्ली पहुंचे। इंडिया गेट के पास वे इकट्ठा हुए जहां रंगीन पटाखे बांटे गए। पुलिस ने बताया कि गुप्त तरीके से आपत्तिजनक वस्तुओं को संसदभवन के अंदर ले जाया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुए मामले
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी, 453, 153, 186, 353 और यूएपीए की धारा 16 और 18 के तहत पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी, 453, 153, 186, 353 और यूएपीए की धारा 16 और 18 के तहत पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
ये था घटनाक्रम
यह घटना बुधवार दोपहर एक बजकर एक मिनट पर हुई। लोकसभा में पीठासीन अधिकारी राजेंद्र अग्रवाल शून्य काल की कार्यवाही को संचालित कर रहे थे। मालदा उत्तर से भाजपा सांसद खगेन मुर्मू अपनी बात रख रहे थे। तभी दो शख्स दर्शक दीर्घा से नीचे कूद गए।
यह घटना बुधवार दोपहर एक बजकर एक मिनट पर हुई। लोकसभा में पीठासीन अधिकारी राजेंद्र अग्रवाल शून्य काल की कार्यवाही को संचालित कर रहे थे। मालदा उत्तर से भाजपा सांसद खगेन मुर्मू अपनी बात रख रहे थे। तभी दो शख्स दर्शक दीर्घा से नीचे कूद गए।
नीले रंग की जैकेट पहना एक शख्स सांसदों की सीट पर कूदने लगा। वह लगभग तीन कतार लांघकर आसन की तरफ जाने लगा। अफरा-तफरी के माहौल के बीच कुछ सांसदों ने हिम्मत दिखाकर उसे घेर लिया। मार्शल भी दौड़कर आ गए। तभी उस युवक ने जूते के अंदर से कुछ पदार्थ निकाला। इसके बाद वहां पीले रंग का धुआं उठने लगा। बाद में सांसदों और मार्शलों ने मिलकर दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद पीठासीन अधिकारी ने कार्यवाही स्थगित कर दी।