8 माह की बच्ची को कार में छोड़ भूल गए मां-बाप, रोने की आवाज सुन दरोगा ने ऐसे निकाला बाहर
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एक दंपती ने करवाचौथ के दिन बड़ी लापरवाही बरती। पति-पत्नी ने आठ माह की बच्ची को कार में छोड़ दिया। मां मेहंदी लगवाने लगी जबकि पिता खरीदारी करने लगा। इस दौरान कार में बंद बच्ची का दम घुटने लगा और वह रोने लगी, शीशे पर हाथ मारने लगी। इसी बीच वहां गश्त कर रहे दरोगा एनपी सिंह ने आनन फानन में कार का पिछला शीशा तोड़कर गेट खोला और बच्ची को सकुशल बाहर निकाल लिया।
पुलिस के मुताबिक, करवाचौथ वाले दिन शाम करीब 5 बजे पास की सोसायटी निवासी दंपती 8 महीने की बच्ची को लेकर सेक्टर-110 मार्केट आए थे। मार्केट में महिला को मेहंदी लगवानी थी और उनके पति को कुछ सामान लेना था।
उस दौरान बच्ची जगी हुई थी और खेल रही थी, इसलिए वे बच्ची को आगे वाली सीट पर ही बैठाकर और एक चाबी रिंग देकर मार्केट चले गए थे। कार में बंद करने के करीब आधे घंटे बाद बच्ची को घुटन महसूस होने लगी और वह रोने लगी।
माता-पिता ने माफी मांगी
जब आसपास के लोगों ने बच्ची को रोते हुए देखा तो उसके माता-पिता की तलाश शुरू कर दी, लेकिन माता पिता का पता नहीं चला। कुछ देर बाद जब मार्केट के पास की चौकी के प्रभारी एनपी सिंह वहां पहुंचे और तुरंत उसे बचाया।
करीब दस मिनट के बाद मेहंदी लगाए हुए उसकी मां पहुंची तो उसके होश होड़ गए। लोगों ने इस तरह की लापरवाही के लिए उन्हें समझाया। इसके बाद दंपती ने लोगों और पुलिस से माफी मांगी।