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प्रतिबंधित पशु की हत्या पर बवाल, पांच घंटे तक हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, जेवर
Updated Sun, 20 Mar 2016 03:49 AM IST
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हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
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खेत से प्रतिबंधित पशु चोरी करने के बाद जेवर कस्बे के जंगल में उसकी हत्या करने की खबर के बाद शुक्रवार रात ग्रामीणों ने जेवर में पांच घंटे तक हंगामा किया। मौके पर कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के अलावा कस्बे व आसपास के हजारों लोग पहुंच गए। सभी पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। बाद में अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत हुए।
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जेवर निवासी विष्णुदत्त शर्मा ने करीब एक साल पहले एक प्रतिबंधित पशु को सेवा करने के लिए अपने खेत पर रखा था। बृृहस्पतिवार रात अचानक पशु व उसका बच्चा गायब हो गए। शुक्रवार शाम में ग्रामीणों को पशु का शव जेवर कानीगढ़ी मार्ग से डेढ़ किमी दूर खेत में पड़ा मिला। उसका सिर कटा था और उसका एक पैर और खाल काटकर कोई अपने साथ ले गया था। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस व कस्बे के लोगों को दी।
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मौके पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के अलावा आसपास के कई गांव के हजारों लोग मौके पर आ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस को भीड़ ने पशु के शव को उठाने नहीं दिया और जेसीबी को वापस भेज दिया। लोगों का आरोप था कि पुलिस और प्रशासन लगातार बढ़ रही प्रतिबंधित पशु की हत्या के मामले में लापरवाही बरत रहा है। ग्रामीणों ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करने और मौके पर ही पोस्टमार्टम कराने की मांग की। देर रात करीब साढ़े ग्यारह बजे एसडीएम व सीओ ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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कंपाउंडर ने किया पोस्टमार्टम
ग्रामीणों ने पशु के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद ही आगे बातचीत होने की मांग रखी। मौके पर मौजूद कोतवाल ने उच्चाधिकारियों से मांग की लेकिन तीन घंटे बाद भी पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुआ। पीएम के लिए जहांगीरपुर से कंपाउंडर को लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी। लोगों ने इसका विरोध किया।
हंगामा रोकने को बुलाई पांच थानों की पुलिस
प्रतिबंधित पशु की हत्या की खबर कस्बे सहित आसपास के गांवों में आग की तरह फैल गई। जिसके बाद घटना स्थल पर हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ एकत्र हो गई और हंगामा शुरू हो गया। स्थिति को देखते हुए रबूपुरा, दनकौर, दादरी, ईकोटेक व जहांगीरपुर की पुलिस को मौके पर स्थिति को संभालने के लिए बुलाया गया।