अनाज मंडी अग्निकांड: हजारों हैं एक दरवाजे वाली मौत की फैक्टरियां
अनाज मंडी इलाके में एक दरवाजे वाली हजारों फैक्टरियां चल रही हैं। इमारत में आने-जाने का एक ही रास्ता है और हर मंजिल पर स्थित कमरों में फैक्टरियां चल रही हैं। ज्यादातर किराए पर हैं। यहां काम करने वाले मजदूर हजारों में हैं। काम खत्म करने के बाद ये इन्हीं फैक्टरियों में सो जाते हैं।
निवासियों का कहना है कि अनाज मंडी में ज्यादातर मकान बिहार और यूपी के रहने वाले लोगों के हैं। ज्यादातर ने अवैध रूप से अपनों पर मंजिलें चढ़ा रखी हैं। यहां तक कि एक-दो इमारतें तो छह मंजिला हैं। इनमें जाने और आने का एक ही रास्ता है। सभी मंजिलों पर छोटे-छोटे कमरे बने हुए हैं। इन्हें मालिकों ने किराए पर दे रखा है।
किराएदार इन कमरों में अपनी छोटी-छोटी फैक्टरियां चला रहे हैं। हरेक में दस से पंद्रह लोग काम करते हैं और यहीं सोते भी हैं। इमारत कितनी भी मंजिल की हो, उसमें सीढ़ियां ऐसी हैं कि एक बार में दो लोग नहीं जा सकते।
कई फैक्टरियां हैं मौजूद
यहां काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि इलाके में थैले, टिफिन बैग, प्लास्टिक खिलौने और अन्य सामान बनाने की फैक्टरियां हैं। एक मजदूर मोनू ने बताया कि वह अपने रिश्तेदार की फैक्टरी में काम करता है।
इमारत मालिक ने एक कमरा 14 हजार रुपये किराए पर दे रखा है। उसने अपने परिजनों को साथ रखा हुआ है तो उसे मालिक ने ऊपर की मंजिल पर एक छोटा-सा कमरा पांच हजार रुपये किराए पर दे रखा है। इसमें वह अपने माता-पिता और तीन भाइयों के साथ रहता है। एक अन्य मजदूर मेहताब ने बताया कि उसका फैक्टरी मालिक मुजाहिद छोटे स्तर पर टोपी बनाने का काम करता है। उसके मुताबिक, फैक्टरी में पांच मजदूर हैं।