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अनधिकृत कॉलोनियों के लिए ऑनलाइन आवेदन जल्द, इस योजना के तहत मिलेगा मालिकाना हक
Mon, 11 Nov 2019 12:23 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Mon, 11 Nov 2019 12:23 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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अनधिकृत कॉलोनियों के लोगों को प्रधानमंत्री उदय योजना के तहत मालिकाना हक मिलेगा। जल्द ही इसके लिए एक पोर्टल तैयार किया जाएगा। इस पर मकान की रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। बहुत ही मामूली शुल्क लेकर रजिस्ट्री के कागजात लोगों को सौंपे जाएंगे।
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यह जानकारी भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने दी। गोयल अपने निवास स्थान 10, अशोक रोड पर 17 नवंबर को अनधिकृत कॉलोनियों के बारे में जानकारी देने के लिए कैंप भी लगाएंगे।
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विकासपुरी की सैनिक एन्क्लेव कॉलोनी में आयोजित एक कार्यक्रम में विजय गोयल ने कहा कि लोग मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बहकावे और झूठ में नहीं आएं। प्रधानमंत्री ने खुद अनधिकृत कॉलोनियों की आरडब्ल्यूए के लोगों के सामने पीएम उदय योजना का ऐलान किया है।
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1797 अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले 40 लाख लोगों को अपने मकानों का मालिकाना हक दे दिया जाएगा। उनको अपने मकानों व फ्लैटों पर ऋण भी मिलेगा। इन कॉलोनियों से सीलिंग की तलवार भी हट जाएगी। इनमें विकास के काम भी तेजी से शुरू होंगे।
गोयल ने मुख्यमंत्री से पूछा कि वे इस योजना पर शंका क्यों जता रहे हैं। क्यों झूठ बोलकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक मुख्यमंत्री को यह शोभा नहीं देता कि प्रधानमंत्री जिस घोषणा को स्वयं करें, उस पर राजनीतिक फायदे के लिए लोगों को गुमराह किया जाए। संसद के इसी सत्र में बिल लाया जाएगा, ताकि इन कॉलोनियों की रजिस्ट्री का काम शुरू हो सके।
इसमें दिल्ली सरकार की कोई भूमिका नहीं होगी। 100 गज तक के प्लॉट पर मुश्किल से 5000 रुपये भी रजिस्ट्री शुल्क नहीं लगेगा। सर्किल रेट 20,000 रुपये प्रति वर्गमीटर वाले एरिया में एक प्लॉट पर 4 फ्लैट बने हैं तो 5000 रुपये 4 फ्लैटों में बंटेंगे।
किसी ने मकान पावर ऑफ अटार्नी पर खरीदा है तो उसको सब पुरानी खरीद-फरोख्त के कागजों की जरूरत नहीं है। उसे केवल अंतिम पावर ऑफ अटार्नी दिखाने की जरूरत होगी। कॉलोनी के आरडब्ल्यू को स्पष्टीकरण चाहिए या इस योजना का खुलासा चाहिए तो मैं उनकी मीटिंग में जाकर समझाने को तैयार हूं।