दिल्ली-एनसीआर में स्वाइन फ्लू की आहट, एक मरीज की मौत, ऐसे करें बचाव
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दिल्ली-एनसीआर में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। गत 19 अप्रैल को मयूर विहार के एक मरीज की फोर्टिस अस्पताल में मौत हो गई थी। जांच में उसके स्वाइन फ्लू से ग्रसित होने की पुष्टि हुई है। फोर्टिस अस्पताल ने इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजी है।
साथ ही सीएमओ ने रिपोर्ट तैयार कर लखनऊ प्रशासन कोभेज दी है। एक मरीज का अभी इलाज चल रहा है। सीएमओ डॉ. अनुराग भार्गव ने बताया कि फोर्टिस अस्पताल में मयूर विहार दिल्ली फेस-1 की नलनी जयचंद्रा (49) भर्ती हुई थी।
गत19 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। फोर्टिस अस्पताल की तरफ से जानकारी दी गई है कि मरीज की जांच लैब से कराई गई थी, जिसमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। गाजियाबाद के आशीष कटियाल (47) और मयूर विहार दिल्ली के एमएम माया (64) भी स्वाइन फ्लू से पीड़ित रहे।
आशीष ठीक होकर घर जा चुके हैं। एमएम माया अस्पताल में भर्ती हैं। सीएमओ ने बताया कि दो मामले दिल्ली होने की वजह से इनकी रिपोर्ट दिल्ली सरकार को भेज दी गई है। वहीं, एक मामला गाजियाबाद के प्रताप विहार का था। इसकी रिपोर्ट लखनऊ भेज दी गई है। रिपोर्ट नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
फोर्टिस में दो मरीज भर्ती
नोएडा में स्वाइन फ्लू से एक मरीज की मौत हो गई है। वहीं, दो मरीजों का इलाज चल रहा है। फोर्टिस अस्पताल ने इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजी है। साथ ही सीएम ने रिपोर्ट तैयार कर लखनऊ प्रशासन कोभेज दी है। इसमें दो मरीज दिल्ली और एक मरीज गाजियाबाद का है। हालांकि, स्वाइन फ्लू के दो मरीजों की जांच दिल्ली स्थित एसीडीसी से भी कराई जा रही है।
सीएमओ डॉ. अनुराग भार्गव ने बताया कि फोर्टिस अस्पताल में मयूर विहार दिल्ली फेस-1 की नलनी जयचंद्रा (49) भर्ती हुई थीं। जहां पर उनका इलाज चल रहा था। 19 अप्रैल को स्वाइन फ्लू के कारण उनकी मौत हो गई। फोर्टिस अस्पताल की तरफ से जानकारी दी गई है कि मरीज की जांच लैब से कराई गई थी, जिसमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है।
वहीं गाजियाबाद के आशीष कटियाल (47) और मयूर विहार दिल्ली के एमएम माया (64) भी स्वाइन फ्लू से पीड़ित रहे, जिसमें से आशीष ठीक होकर घर जा चुके हैं। वहीं एमएम माया अस्पताल में भर्ती हैं। सीएमओ ने बताया कि दो मामले दिल्ली होने की वजह से इनकी रिपोर्ट दिल्ली सरकार को भेज दी गई है। वहीं, एक मामला गाजियाबाद के प्रताप विहार का था। इसकी रिपोर्ट लखनऊ भेज दी गई है। रिपोर्ट नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
जानें कैसे करें बचाव
ताकि वो अपने स्तर पर स्वाइन फ्लू की जांच कराए। अगर किसी मरीज को स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलते हैं तो वो जिला अस्पताल में सैंपल दे सकता है। उसके बाद जिला अस्पताल उसकी जांच कराएगा। जिला अस्पताल से ही उसको स्वाइन फ्लू की दवा मिलेगी।
सभी स्टाफ की होगी वैक्सीनेशन
डॉ. राजीव प्रसाद ने बताया कि सभी स्टाफ की वैक्सीनेशन कराई जा रही है। इसके लिए जिला अस्पताल समेत सभी सामुदायिक केंद्र को निर्देश दे दिए गए हैं। सभी को स्वाइन फ्लू को लेकर सतर्क कर दिया गया है। जिले में स्वाइन फ्लू के मरीज आ चुके हैं। ऐसे में अस्पताल के स्टाफ को भी अलर्ट किया गया है।
कैसे फैलता है
जब आप खांसते या छींकते हैं तो हवा में या जमीन पर या जिस भी सतह पर थूक या मुंह और नाक से निकले द्रव कण गिरते हैं, वह वायरस की चपेट में आ जाता है। यह कण हवा के द्वारा या किसी के छूने से दूसरे व्यक्ति के शरीर में मुंह या नाक के जरिये प्रवेश कर जाते हैं। मसलन, दरवाजे, फोन, की-बोर्ड या रिमोट कंट्रोल के जरिये भी यह वायरस फैल सकते हैं। अगर इन चीजों का इस्तेमाल किसी संक्रमित व्यक्ति ने किया हो।
शुरुआती लक्षण
- नाक का लगातार बहना, छींक आना, नाक जाम होना।
- मांसपेशियां में दर्द या अकड़न महसूस करना।
- सिर में भयानक दर्द।
- कफ और कोल्ड, लगातार खांसी आना।
- बुखार होना, दवा खाने के बाद भी बुखार का लगातार बढ़ना।
- गले में खराश होना और इसका लगातार बढ़ते जाना।