{"_id":"5baea88a867a557f240493ab","slug":"one-month-iraqi-baby-got-life-by-heart-operation-in-jaypee-hospital","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दिल की बीमारी से ग्रस्त था इब्राहिम, एक महीने के इराकी बच्चे को मिला जीवनदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल की बीमारी से ग्रस्त था इब्राहिम, एक महीने के इराकी बच्चे को मिला जीवनदान
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
Updated Sat, 29 Sep 2018 05:42 AM IST
विज्ञापन
Iraqi baby
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेक्टर-128 स्थित जेपी अस्पताल में इराक से आए एक महीने के इब्राहिम को हृदय की सर्जरी के बाद नया जीवन मिला है। दरअसल, इब्राहिम सायनोटिक कॉन्जेनाइटल हार्ट बीमारी से पीड़ित था। इस बीमारी में दिल में कई तरह के दोष होते हैं। खून में आक्सीजन का स्तर कम हो जाता है। इब्राहिम सबसे कम उम्र का मरीज है।
विज्ञापन
जिसका बाई डायरेक्शनल ग्लैन प्रोसीजर किया गया है। इस तरह की सर्जरी से मरीज का दिल ठीक से काम करने लगता है। पिता ओमार ने बताया कि अगस्त में पैदा इब्राहिम को जन्म से ही सायनोसिस था। म्यूकस मेम्ब्रेन और त्वचा का रंग नीला पड़ जाता है।
विज्ञापन
इब्राहिम ठीक से दूध नहीं पी पा रहा था। उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। वह बेहद सुस्त रहता था। इराक से भारत आने के दौरान भी उसे आक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। उन्होंने कहा कि ‘मेरा बच्चा सिर्फ एक महीने का है लेकिन उसने एक बड़ी जंग जीत ली है’।
विज्ञापन
कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि इब्राहिम को दिल की जन्मजात बीमारी है। दिल का ट्राईकस्पिड वॉल्व ठीक से काम नहीं करता। दाएं एट्रियम से दाएं वेंट्रीकल तक खून का प्रवाह नहीं हो पाता।
मामले में दायां वेंट्रिकल बहुत छोटा और संकरा था। जिसकी वजह से दाएं वेट्रिकल (दिल के दाएं हिस्से) से शरीर को खून पंप नहीं हो पा रहा था। इराक का कोई भी अस्पताल कम उम्र के कारण इलाज करने को तैयार नहीं हुआ। हमारे लिए भी इलाज चुनौती पूर्ण कार्य था।
मामले में दायां वेंट्रिकल बहुत छोटा और संकरा था। जिसकी वजह से दाएं वेट्रिकल (दिल के दाएं हिस्से) से शरीर को खून पंप नहीं हो पा रहा था। इराक का कोई भी अस्पताल कम उम्र के कारण इलाज करने को तैयार नहीं हुआ। हमारे लिए भी इलाज चुनौती पूर्ण कार्य था।