दिल्ली में बढ़ा डेंगू का खतरा, एक की मौत
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इस साल का पहला डेंगू का मामला पश्चिमी दिल्ली से सामने आया है। पश्चिम दिल्ली के चावला गांव के रहने वाले 48 साल के महेंद्र सिंह डेंगू से मरने वाला पहला शख्स है।
गौरतलब है कि 13 सिंतबर को महिंद्र को फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, और उसी दिन उसकी मौत हो गई। दक्षिण दिल्ली नगर निगम की एक रिपोर्ट के अनुसार महेंद्र के मेडिकल टेस्ट में पता चला है कि उसे डेंगू था।
नगर निगम ने कहा है कि वह पीड़ित के घर के आस पास मच्छरों के प्रजनन को कम करने के लिए घरों के आस पास दवाईयों का छिड़काव करेंगी और गंदी नालियां साफ की जाएंगी। जिससे डेंगू की वजह से किसी को जान गंवानी न पड़े।
पड़ोसी राज्य से आए लोग इलाज करने
तीनों नगर निगम के द्वारा चार अक्टूबर तक 120 बीमारियों में डेंगू के लक्षण की पहचान की गई हैं। आधिकारियों के अनुसार पिछले सप्ताह 22 मामलों में डेंगू का पता चला है और यह संख्या बढ़ भी सकती है।
डेंगू के सबसे ज्यादा 48 मामले दक्षिण दिल्ली नगर निगम में आए हैं। इसके अलावा 21 मामले उत्तरी नगर निगम और 19 मामले पूर्वी दिल्ली के हैं। नई दिल्ली निगम परिषद के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में डेंगू के सात मामले प्रकाश में आए हैं। इसके अलावा पड़ोसी राज्य के 13 पीड़ित दिल्ली के अस्पतालों में इलाज कराने आए हैं।
डेंगू मच्छर के सबसे ज्यादा 93000 ब्रीडिंग स्पॉट दक्षिण दिल्ली नगर निगम में देखने को मिले हैं। 6070 को 4700 को ब्रीदिंग स्पॉट की लीगल नोटिस दी जा चुकी हैं। उत्तरी दिल्ली में 36000 में से 33000 की पहचान की जा चुकी है। वहीं दूसरी ओर पूर्वी दिल्ली में 15,000 की पहचान की जा चुकी है।
पिछले साल के अचानक हुई चार लोगो की मौत के बाद 2,881 मामले सामने आऐ। 2012 में 166 केस आए थे जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई थी। वहीं 2011 में 306 मामलों में तीन लोगों की मौत हुई थी और 2010 में 3758 मामलों में सात लोगो की मौत हुई थी।