क्या है 'मार्लेना' की कहानी?: पंजाबी परिवार में जन्मी, फिर माता-पिता ने क्यों दिया उपनाम; इस वजह उठा था विवाद
दिल्ली की सियासत में सक्रिय होने के बाद नई सीएम को आतिशी मार्लेना के नाम से जाना जाता है। उनका सरनेम भी काफी चर्चा में रहा है। मार्क्स और लेनिन के विचारों से प्रभावित और जाति-धर्म की सियासत से परहेज करने का दावा करने वाली आतिशी ने अपना सरनेम इनके नामों को मिलाकर रख लिया जबकि उनका जन्म पंजाबी राजपूत परिवार में हुआ है।
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Inside Story Of Marlena Surname: राजधानी दिल्ली में अब तीसरी महिला मुख्यमंत्री ने कमान संभाल ली है। राज निवास में आतिशी ने शनिवार शाम को 4.30 बजे सबसे पहले मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने उन्हें सीएम पद की शपथ दिलाई है। उनके सीएम बनते ही सभी जगह पर उनके बारे में चर्चा हो रही है। सबसे ज्यादा चर्चा में उनका सरनेम 'मार्लेना' है। वैसे वह एक पंजाबी परिवार से आती हैं। यहां हम उनके सरनेम मार्लेना के बारे में बता रहे हैं...
इस वजह से हटाया था मार्लेना सरनेम
साल 2018 में आतिशी ने मार्लेना सरनेम अपने आप से अलग कर लिया था। मुख्यमंत्री आतिशी ने पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट प्रभारी के रूप में काम करते हुए अपना बदल लिया था। तब से वह आतिशी नाम का ही इस्तेमाल कर रही हैं।
पंजाबी परिवार से हैं आतिशी
पंजाबी मूल की आतिशी क्षत्रिय हैं। उनके पिता विजय सिंह दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे। पार्टी सूत्र बताते हैं कि पूर्वी दिल्ली सीट का प्रभार मिलने के बाद से अफवाह उड़ाई जा रही है कि आतिशी ईसाई समुदाय से हैं। इसकी वजह उनके नाम से जुड़ा टाइटल था।
इस बारे में एक सवाल करने पर आतिशी ने कहा था कि अजीब बात है कि लोग हमारे काम से ज्यादा नाम की चर्चा कर रहे हैं। कोई इस पर बात नहीं कर रहा है कि आतिशी ने शिक्षा के लिए क्या किया। लोग मार्लेना टाइटल की चर्चा कर रहे हैं। सरनेम लगाना न लगाना या क्या लगाना है, यह निजी फैसला है।
गौरतलब है कि ऑक्सफोर्ड से उच्च शिक्षा लेने के बाद आतिशी आप से जुड़ीं। 2013 और 2015 के चुनाव में उन्होंने आप का घोषणा पत्र तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। सरकार बनने के बाद शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने आतिशी को अपना सलाहकार बनाया।
हालांकि, अप्रैल 2018 में गृह मंत्रालय के आदेश पर यह नियुक्ति रद्द हो गई थी। इसके बाद आप ने उन्हें पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट का प्रभारी नियुक्त किया है। दिल्ली में शिक्षा क्षेत्र में हो रहे काम में आतिशी की भूमिका अहम मानी जाती है।
मां डॉ. तृप्ता वाही और पंजाबी राजपूत पिता विजय सिंह की बेटी आतिशी के पति का नाम प्रवीण सिंह है। यह पंजाबी क्षत्रिय समाज से ताल्लुक रखते हैं। 2019 के लोकसभा और 2020 के विधानसभा चुनाव के एफिडेविट में भी उनका नाम आतिशी मार्लेना ही है। 2019 के लोकसभा चुनाव में सरनेम पर विवाद होने के बाद तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आतिशी को क्षत्राणी बताया था। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान आप समर्थकों ने उनके जातिगत आधार को आगे बढ़ाया था। जिसके बाद उन्होंने मार्लेना उपनाम को हटा दिया।