'कैबिनेट ने किस आधार पर दिया शहीद का दर्जा'
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हाईकोर्ट ने जंतर मंतर पर फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले राजस्थान निवासी किसान गजेंद्र सिंह को शहीद का दर्जा देने के मुद्दे पर जवाब तलब किया है।
अदालत ने दिल्ली सरकार को स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि आखिर किस दिशा-निर्देश के तहत गजेंद्र को कैबिनेट ने शहीद का दर्जा देने का निर्णय किया था।
मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी व न्यायमूर्ति जयंतनाथ की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के अधिवक्ता से पूछा कि आप से पूछा गया था कि कैबिनेट ने गजेंद्र को शहीद का दर्जा किस आधार पर दिया है।
किस आधार पर पास किया प्रस्ताव?
आपने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है। खंडपीठ ने सरकार को 14 अक्तूबर तक स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि कैबिनेट ने 28 अप्रैल को गजेंद्र को शहीद का दर्जा देने का प्रस्ताव किस आधार पर पास किया है।
खंडपीठ अधिवक्ता अवध कौशिक द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है। गौरतलब है कि दिल्ली में जंतर-मंतर पर आम आदमी पार्टी की किसान रैली के दौरान गजेंद्र ने आत्महत्या कर ली थी।
जिसके बाद दिल्ली सरकार ने गजेंद्र के परिवार को मुआवजा तो दिया ही साथ ही गजेंद्र को शहीद का दर्जा दिया था।