ड्राइवर की हत्या के बाद हड़ताल, मुश्किल में लोग
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डीटीसी प्रबंधन और चालक व कंडक्टर संगठनों का कहना है कि इससे पहले लूटपाट या अन्य तरह के मामलों में चालकों की मौत हुई है लेकिन रोडरेज में ड्राइवर की पीटकर हत्या का यह पहला मामला है।
डीटीसी की सभी यूनियन मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग कर रही हैं। बताया जा रहा है कि हड़ताल का मिला-जुला असर दिख सकता है। डीटीसी आम श्रमिक संघ के अध्यक्ष बलेश दहिया का कहना है कि रोहिणी-तीन डिपो से कोई बस सोमवार को भी नहीं निकलेगी।
यहां संगठन ने टेंट लगाकर रास्ता रोक दिया है। साथ ही अन्य डिपो में भी बस रोकेंगे। डीटीसी एंड क्लस्टर कंडक्टर-ड्राइवर एसोसिएशन के अध्यक्ष सीबी गोला का कहना है कि हड़ताल घोषित की है।
यहां भी दिखेगा जबरदस्त असर
उत्तरी जोन में असर अधिक दिखेगा। वहीं, रोहिणी-तीन डिपो से विरोध में चालकों ने शाम की शिफ्ट में कोई बस नहीं निकलने दी। सोमवार को भी रोहिणी-तीन डिपो से बस नहीं निकाले जाने की घोषणा चालकों ने की है।
हालांकि, डीटीसी एंप्लाइज कांग्रेस और दिल्ली परिवहन मजदूर संघ ने हड़ताल से इनकार किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि दो संगठनों ने हड़ताल घोषित की है। उनका कहना है कि मुआवजा बढ़ना चाहिए।
चालक के बेटे को पक्की नौकरी मिलनी चाहिए। उधर, डीटीसी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यूं तो हड़ताल का कोई नोटिस नहीं मिला है। मंत्री ने जो मुआवजा घोषित किया है, वह विशेष है। अब अगर डीटीसी कर्मी नहीं माने तो पुलिस की सहायता भी ली जा सकती है।