आंधी में बिखर गया पक्षियों का आशियाना, ओखला पक्षी विहार में 500 से ज्यादा पेड़ उखड़े
नोएडा।
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उधर, बीते एक सप्ताह में दो बार आई आंधी ने ओखला पक्षी विहार में पक्षियों के घोंसलों को बिखेर दिया है। आंधी में यहां 500 से ज्यादा पेड़ उखड़ गए। गेट नंबर-1 से गेट नंबर-2 तक जाने का रास्ता बंद हो चुका है। कई बेंचें उखड़ चुकी हैं। पक्षियों के लिए बनाए गए कृत्रिम घोंसले भी टूट गए हैं।
वहीं बाउंड्री के पास लगे तार टूटने के बाद ग्रामीण यहां अपनी पशु नहलाते हुए देखे जा सकते हैं। पक्षी विहार प्रबंधन के मुताबिक उखड़े पेड़ों को हटाने में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा। प्रबंधन के मुताबिक अब इसका अस्तित्व तभी बचाया जा सकता है जब शासन सीधा हस्तक्षेप करे।
बताते चलें कि कुछ वर्ष पहले तक यहां एक लाख से ज्यादा प्रवासी पक्षी आते थे। जिनकी संख्या में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। प्रवास के मौसम में भी कुछ हजार पक्षी ही आते हैं। 2015-16 में यहां करीब 18 हजार के आसपास प्रवासी पक्षी ही आए थे। हालांकि 2016-17 में इनकी संख्या में थोड़ा इजाफा हुआ था। बताया जाता है कि रखरखाव में कमी की वजह से यहां पक्षियों की संख्या में कमी आ रही है।
सुरक्षा की चौकी पर लटका ताला
सिर्फ जलीय पक्षी आएंगे नजर: रेंजर आफिसर का कहना है कि ओखला पक्षी विहार में 4 लाख वोल्ट की हाइटेंशन लाइन गुजरती है। इसे वर्ष 2009 में लगाया गया था। इसके बाद से पक्षियों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। इस लाइन के आसपास पक्षी नजर भी नहीं आते। ऐसे में यहां सिर्फ झील में विचरण करने वाले पक्षी ही प्रवास करेंगे।
23 करोड़ रुपये का भेजा बजट
वहीं बर्ड वाचर आनंद आर्या का कहना है कि पक्षी विहार का अस्तित्व खत्म हो रहा है। जहां पहले दूर-दूर से पर्यटक ओखला पक्षी विहार आते थे। वहीं, अब पर्यटकों की संख्या भी कम हो गई है।
बता दें ओखला पक्षी विहार में गाड़ियों के अंदर जाने पर बैन लगा दिया गया था। जिसके चलते बजट के हिसाब से सैकड़ों साइकिलें पर्यटकों के अंदर जाने के लिए मंगाई गई थीं। अब स्थिति ऐसी है कि साइकिलों में जंग लग गई है।
रेंजर आफिसर ईश्वर चंद ने बताया कि शासन की ओर से प्रति साल कोई बजट तैयार नहीं किया जाता। हमें जितनी जरूरत होती है उस हिसाब से बजट तैयार कर भेजा जाता है। जिससे शासन स्तर पर पास किया जाता है। इस बार 23 करोड़ रुपये का बजट भेजा गया है। पास होने के बाद ही पक्षी विहार को दोबारा से बसाने का प्रयास होगा।