{"_id":"6706a791ba45e49382057a09","slug":"number-of-people-passing-test-decreased-in-noida-and-applicants-decreased-by-86-percent-2024-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida: ड्राइविंग टेस्ट में पास होने वालों की संख्या घटी तो 86 प्रतिशत तक घटे आवेदक, शासन को दी गई जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida: ड्राइविंग टेस्ट में पास होने वालों की संख्या घटी तो 86 प्रतिशत तक घटे आवेदक, शासन को दी गई जानकारी
Wed, 09 Oct 2024 09:26 PM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: आकाश दुबे
Updated Wed, 09 Oct 2024 09:26 PM IST
सार
जब से व्यवस्था लागू हुई है तब से अब तक केवल 289 वाहन चालक पास हुए। नौ हजार आवेदन होने चाहिए थे, लेकिन केवल 155 हुए। चिंताजनक स्थिति को देखते हुए शासन को जानकारी दी।
विज्ञापन
जानकारी देते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ड्राइविंग टेस्ट में पास होने वाले वाहन चालकों की संख्या में गिरावट के चलते लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों की संख्या घट गई है। व्यवस्था लागू होने से लेकर अब तक केवल 1550 लोगों ने ही ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन किया है। जबकि पुराने आंकड़ों के अनुसार इस दौरान 12 हजार आवेदन हो जाने चाहिए थे। चिंताजनक स्थिति को देखते हुए परिवहन विभाग द्वारा शासन को इसकी जानकारी दे दी गई है। जानकारों के अनुसार, इसके घटने की सबसे बड़ी वजह व्यवस्था में बदलाव है।
विज्ञापन
अहम है कि एक अगस्त से व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया था। नई व्यवस्था में टेस्ट एआरटीओ कार्यालय से हटाकर प्राइवेट ट्रैक पर कराने के आदेश दिए गए थे। ऐसे में लोगों को टेस्ट देने के लिए बिसहाड़ा स्थित प्राइवेट ट्रैक पर जाना पड़ रहा था। कई लोगों का आरोप था कि एक तो उन्हें टेस्ट देने के लिए काफी दूर जाना पड़ रहा है साथ ही प्राइवेट ट्रैक का संचालन करने वाले टेस्ट में जान-बूझकर फेल कर रहे हैं।
विज्ञापन
ऐसे में लाइसेंस उन्हीं का बन रहा है जो उनकी जेब गर्म कर रहे हैं। जबकि प्राइवेट ट्रैक संचालकों का कहना है कि व्यवस्था में पहले से काफी बदलाव हो गए हैं। लाइसेंस बनाने वाली प्रक्रिया में कड़ाई कर दी गई है। बकायदा कैमरों की निगरानी में टेस्ट लिए जा रहे हैं। ऐसे में लोग उसे पास ही नहीं कर पा रहे हैं। इस वजह से इनकी संख्या में गिरावट देखने को मिल रही है।
विज्ञापन