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Hindi News ›   Delhi NCR ›   Nuh News ›   Bisru village hospital built at a cost of four and a half crores becomes a white elephant

Nuh News: साढ़े चार करोड़ की लागत से बना बीसरू गांव का अस्पताल बना सफेद हाथी

Tue, 02 Sep 2025 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नूंह
संवाद न्यूज एजेंसी, नूंह Updated Tue, 02 Sep 2025 12:49 AM IST
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पुन्हाना। साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ बीसरू गांव का स्वास्थ्य केंद्र उद्घाटन के तीन माह बाद भी बदहाल स्थिति में है। विभाग की लापरवाही और अनदेखी के कारण न तो यहां डॉक्टर नियुक्त हैं और न ही दवाइयों की सप्लाई है। नतीजतन यह अस्पताल सफेद हाथी साबित हो रहा है। इसका खामियाजा आसपास के दर्जनभर से अधिक गांवों के हजारों लोगों को उठाना पड़ रहा है जिन्हें आज भी बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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बीसरू गांव निवासी दीना, जाहिद, इरफान और उस्मान ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि नए अस्पताल से सेवाएं सुधरेंगी, लेकिन हालात और बिगड़ गए। ग्रामीण लगातार पर्याप्त स्टाफ और डिलीवरी हट को रात में शुरू कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी गंभीर नहीं दिखते।
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गर्भवती महिला को मिला बंद गेट
चार दिन पहले गुबराडी गांव की गर्भवती महिला सरजीना प्रसव कराने के लिए बीसरू अस्पताल पहुंची लेकिन वहां गेट पर ताला लटका मिला। काफी देर इंतजार के बाद जब कोई मदद नहीं मिली तो परिजन उसे पुन्हाना के निजी अस्पताल ले गए, जहां प्रसव हुआ। इस मामले की शिकायत सीएम विंडो पोर्टल पर दर्ज की गई है।
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केवल दो स्टाफ नर्स के भरोसे
अस्पताल का उद्घाटन तीन माह पहले बड़े दावों के साथ किया गया था। कहा गया था कि यहां से 18 गांवों की करीब 57 हजार की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। लेकिन हकीकत यह है कि पूरा अस्पताल केवल दो स्टाफ नर्स के सहारे चल रहा है। न दवाइयां उपलब्ध हैं और न ही जांच की सुविधाएं। रात में कोई स्टाफ नहीं होने के कारण महिलाओं को प्रसव के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर होना पड़ता है, जिससे वे सरकारी योजनाओं से वंचित रह रही हैं।

पहले होती थीं 100 से अधिक डिलीवरी
एक वर्ष पहले तक यहां हर माह सौ से अधिक डिलीवरी होती थीं। न केवल स्थानीय महिलाएं, बल्कि आसपास के गांवों के अलावा पलवल और राजस्थान तक की महिलाएं यहां प्रसव के लिए आती थीं। सुविधाओं की कमी से अब स्थिति यह है कि जुलाई माह में मात्र 38 प्रसव दर्ज हुए। अधिकतर मामलों को रेफर कर दिया जाता है।

बीसरू गांव के स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की नियुक्ति के लिए पुन्हाना के एसएमओ को कहा गया है। स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था को सुधारा जा रहा है। जल्द ही यहां पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी ताकि ग्रामीणों को किसी तरह की परेशानी न हो। -सबरजीत थापर, सिविल सर्जन नूंह
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