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Nuh News: जंगल में रातभर लगते हैं करोड़ों के दांव, आसपास के जिलों से पहुंचते हैं लोग
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पुन्हाना-शिकरावा रोड स्थित रसूलपुर ईंट भट्ठे के पास सजता है जुए का अड्डा, ग्रामीणों में दहशत
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। पुन्हाना-शिकरावा रोड स्थित रसूलपुर ईंट भट्ठे के पास इन दिनों शाम होते ही दिल्ली-एनसीआर के अलावा आसपास के शहरों से लग्जरी गाड़ियां पहुंचने लगती हैं। जैसे-जैसे रात होती है गाड़ियों की संख्या बढ़ने लगी है। इसके बाद शुरू होता है जुए का अवैध खेल। स्थानीय लोगों का आरोप है कि देर रात से सुबह तक चलने वाले इस अवैध खेल में हर रोज करोड़ों रुपये के दांव लगाए जाते हैँ। राजस्थान के साइबर ठग भी यहां पहुंचते हैं। इससे क्षेत्र का माहौल बिगड़ता जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, रात करीब 11 बजे शुरू होने वाला यह खेल सुबह चार बजे तक चलता है। बाहरी लोगों की आवाजाही से जहटाना और रसूलपुर गांव के लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यहां कई महीनों से यह खेल खुलेआम चल रहा है, लेकिन स्थानीय पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी है। कि जुए के इस नेटवर्क में बड़े स्तर पर धन का लेनदेन होता है। हार-जीत के बाद कई बार विवाद जैसी स्थिति भी बन जाती है। लाखों-करोड़ों रुपये हारने के बाद कुछ लोग मानसिक तनाव में आ जाते हैं। इससे क्षेत्र में अपराध बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध गतिविधि पर रोक नहीं लगी गई तो भविष्य में बड़ी आपराधिक वारदात हो सकती है। कई लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जुआ खेलने के दौरान शराब भी परोसी जाती है। यहां आए दिन हुड़दंग भी होता है। पास के ही गांव का शख्स इसे संचालित करता है। सुरक्षा के लिए उसके ही आदमी तैनात रहते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते ऐसे ठिकानों पर छापेमारी करे तो क्षेत्र में पनप रहे अवैध कारोबार पर अंकुश लगाया जा सकता है। वहीं इस मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।जोड़
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गागड़बास गांव में चलता था जुआ का खेल
इससे पहले गागड़बास गांव में लंबे समय तक ऐसे ही जुए के अड्डे सजते थे। ग्रामीणों के अनुसार उस समय गांव में पूरे दिन बाहरी लोगों की दर्जनों गाड़ियां खड़ी रहती थीं। ग्रामीणों ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को मामले से अवगत कराया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और लगातार निगरानी व कार्रवाई के चलते गागड़बास में चल रहे बड़े स्तर के जुए के खेल पर रोक लगाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि अब उसी तरह की गतिविधियां रसूलपुर गांव के पास होने लगी हैं।
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मामले की जांच कराई जाएगी। यदि कहीं अवैध गतिविधि संचालित मिलती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए विशेष टीम का गठन किया हुआ है। जिले में साइबर ठगी व जुआ-सट्टा जैसी गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
-डाॅ. अर्पित जैन, पुलिस अधीक्षक नूंह
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। पुन्हाना-शिकरावा रोड स्थित रसूलपुर ईंट भट्ठे के पास इन दिनों शाम होते ही दिल्ली-एनसीआर के अलावा आसपास के शहरों से लग्जरी गाड़ियां पहुंचने लगती हैं। जैसे-जैसे रात होती है गाड़ियों की संख्या बढ़ने लगी है। इसके बाद शुरू होता है जुए का अवैध खेल। स्थानीय लोगों का आरोप है कि देर रात से सुबह तक चलने वाले इस अवैध खेल में हर रोज करोड़ों रुपये के दांव लगाए जाते हैँ। राजस्थान के साइबर ठग भी यहां पहुंचते हैं। इससे क्षेत्र का माहौल बिगड़ता जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, रात करीब 11 बजे शुरू होने वाला यह खेल सुबह चार बजे तक चलता है। बाहरी लोगों की आवाजाही से जहटाना और रसूलपुर गांव के लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यहां कई महीनों से यह खेल खुलेआम चल रहा है, लेकिन स्थानीय पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी है। कि जुए के इस नेटवर्क में बड़े स्तर पर धन का लेनदेन होता है। हार-जीत के बाद कई बार विवाद जैसी स्थिति भी बन जाती है। लाखों-करोड़ों रुपये हारने के बाद कुछ लोग मानसिक तनाव में आ जाते हैं। इससे क्षेत्र में अपराध बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया है।
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स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध गतिविधि पर रोक नहीं लगी गई तो भविष्य में बड़ी आपराधिक वारदात हो सकती है। कई लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जुआ खेलने के दौरान शराब भी परोसी जाती है। यहां आए दिन हुड़दंग भी होता है। पास के ही गांव का शख्स इसे संचालित करता है। सुरक्षा के लिए उसके ही आदमी तैनात रहते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते ऐसे ठिकानों पर छापेमारी करे तो क्षेत्र में पनप रहे अवैध कारोबार पर अंकुश लगाया जा सकता है। वहीं इस मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।जोड़
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गागड़बास गांव में चलता था जुआ का खेल
इससे पहले गागड़बास गांव में लंबे समय तक ऐसे ही जुए के अड्डे सजते थे। ग्रामीणों के अनुसार उस समय गांव में पूरे दिन बाहरी लोगों की दर्जनों गाड़ियां खड़ी रहती थीं। ग्रामीणों ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को मामले से अवगत कराया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और लगातार निगरानी व कार्रवाई के चलते गागड़बास में चल रहे बड़े स्तर के जुए के खेल पर रोक लगाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि अब उसी तरह की गतिविधियां रसूलपुर गांव के पास होने लगी हैं।
मामले की जांच कराई जाएगी। यदि कहीं अवैध गतिविधि संचालित मिलती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए विशेष टीम का गठन किया हुआ है। जिले में साइबर ठगी व जुआ-सट्टा जैसी गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
-डाॅ. अर्पित जैन, पुलिस अधीक्षक नूंह