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24 घंटे में 9 मौतों से छाया गांव में मातम, मां ने बेटियों को दी खौफनाक मौत, दर्दनाक हादसे में गई पांच की जान

Sat, 28 Nov 2020 11:20 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नूंह
अमर उजाला नेटवर्क, नूंह Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 28 Nov 2020 11:20 AM IST
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मृतकों के घर में पसरा मातम - फोटो : अमर उजाला
नूंह जिले के करीब तीन हजार की आबादी वाले पिपरौली पर शुक्रवार को टूटे गम के पहाड़ से गांव के साथ ही आसपास भी मातम है। बृहस्पतिवार को सड़क हादसे में 8 माह की गर्भवती सहित चार की मौत हो गई थी। शुक्रवार रात्रि एक महिला ने अपनी 4 मासूम बेटियों की चाकू से गला काटकर हत्या कर दी। 
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उधर, एक अन्य सड़क हादसे में घायल गांव के शब्बीर पुत्र रोजदार की दिल्ली के ट्रॉमा सेंटर में बृहस्पतिवार को मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले हाजर खां, परवेज, साहिना और शब्बीर को शुक्रवार को गांव के ही कब्रिस्तान में हजारों लोगों की मौजूदगी में सुपुर्दे-खाक किया गया।
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सड़क हादसे में मारे गए 22 वर्षीय परवेज की फिरोजपुर झिरका खंड के गांव पाड़ला से तीन महीने पहले ही शादी हुई थी। बेटे की शादी की खुशी परवेज का परिवार ज्यादा दिन नहीं मना सका और गमों का पहाड़ टूट पड़ा। 
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उधर, 4 बेटियों की हत्या की आरोपी फरमीना की दो शादियां हुई थीं। पहली शादी अजरू निवासी गांव बेरियानबास फिरोजपुर झिरका से हुई थी। इससे उसकी एक बेटी रुजान है। दूसरी शादी खुर्शीद पुत्र झड़मल निवासी पिपरौली से करीब 10 साल पहले हुई थी। 
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इससे उसकी 4 बेटियां मुस्कान, मिस्कीना, अलशिफा व रुकसीना थीं। पति खुर्शीद की मानें तो बेटा न होने के कारण फरमीना अक्सर तनावग्रस्त रहती थी। वह रुजान को साथ रखना चाहती थी। कुछ दिन पहले रुजान गांव में एक शादी में शामिल होने आई थी और अपनी मां के पास एक रात रुकी थी। 

पड़ोसियों को नहीं लगी वारदात की भनक
शुक्रवार रात खुर्शीद के घर में 4-4 बच्चियों की हत्या के बावजूद पड़ोसियों को भनक तक न लगी। उन्होंने कोई चीख-पुकार भी नहीं सुनी। पड़ोसियों की मानें तो उन्होंने खुर्शीद के चिल्लाने की आवाज सुनकर दरवाजा खोला। इससे संदेह जताया जा रहा है कि हत्या से पहले बच्चियों को कोई नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश किया गया था या उनके मुंह कपड़े से बंद किए गए थे।
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