NSUT: सुपर कंप्यूटर की मदद से अनुसंधान को मिलेगी रफ्तार, विश्वविद्यालय में ही कर सकेंगे AI का इस्तेमाल
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के क्षेत्र में तेजी से बढ़ते देशों की गति से मेल के लिए हमें वर्तमान समय से आगे के लिए सोचना होगा। इसकी शुरुआत विश्वविद्यालयों से होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक या ब्यूरोक्रेटिक स्थान से देश का भविष्य नहीं बदला जा सकता है, बल्कि स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालय ही देश को तरक्की की राह पर आगे ले जा सकते हैं।
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नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (एनएसयूटी) के छात्र अब सुपर कंप्यूटर की मदद से अनुसंधान कर सकेंगे। इससे छात्रों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करने पर शुल्क नहीं चुकाना पड़ेगा। छात्र विश्वविद्यालय में ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर सकेंगे। 40 छात्र एक साथ बैठकर अनुसंधान परियोजना को गति दे सकते हैं। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को छात्रों को समर्पित किया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के क्षेत्र में तेजी से बढ़ते देशों की गति से मेल के लिए हमें वर्तमान समय से आगे के लिए सोचना होगा। इसकी शुरुआत विश्वविद्यालयों से होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक या ब्यूरोक्रेटिक स्थान से देश का भविष्य नहीं बदला जा सकता है, बल्कि स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालय ही देश को तरक्की की राह पर आगे ले जा सकते हैं। इसलिए यदि हमें अपने देश की जड़ों को मजबूत करना है, तो हमें स्कूली शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने की जरूरत है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय के छात्रों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों से अच्छे पैकेज मिलना अभी शुरुआत है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की विशेषताएं
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हाई-एंड ग्राफिकल प्रोसेसिंग यूनिट्स, वर्क-स्टेशन, डेटा स्टोरेज और संचार तंत्र से लैस है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 324 जीबी रैम और आठ ग्राफिकल प्रोसेसिंग यूनिट, 100 टीबी स्टोरेज, स्मार्ट रैक और हाई-स्पीड स्विच के साथ एक अत्याधुनिक सुपर कंप्युटिंग तंत्र भी स्थापित किया गया है, जो पांच पेटाफ्लॉप पर प्रशिक्षण करने में सक्षम है। यहां केंद्र में 10 हाई-एंड वर्कस्टेशन भी हैं, जिनकी स्वतंत्र ग्राफिकल प्रोसेसिंग यूनिट हैं और ये 256 जीबी रैम और 10जीबीपीएस कनेक्टिविटी के साथ सुपर कंप्यूटर से जुड़े हैं। इसके अतिरिक्त उपयोगकर्ता की जरूरतों को पूरा करने के लिए यहां 30 टर्मिनल भी प्रदान किए गए हैं। एक साथ 40 उपयोगकर्ता केंद्र का उपयोग कर सकते हैं।
छात्रों को लीक से हटकर सोचने की जरूरत : सिसोदिया
सिसोदिया ने एनएसयूटी के नवनियुक्त 90 टीचिंग व नॉन-टीचिंग फैकल्टी से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि एनएसयूटी जैसे विश्वविद्यालय में शामिल होना गर्व और चुनौती दोनों हैं। विश्वविद्यालय अभी राष्ट्रीय रैंकिंग में तीसरे स्थान पर है और अब विश्वविद्यालय में जुड़े नए सदस्यों की जिम्मेदारी है कि वे संस्थान को शीर्ष पर ले जाएं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में अपना रास्ता बनाने के लिए शिक्षकों और छात्रों को अपनी आदतें और माइंडसेट को बदलने की जरूरत है। उन्हें लीक से हटकर सोचने की जरूरत है। मंत्री ने पंजाब के एक गांव के भाई-बहनों का उदाहरण दिया, जिन्होंने अपने गांव में एक आईटी कंपनी की शुरुआत की और अपने गांव तथा आसपास के क्षेत्र में सैकड़ों इंजीनियरों और तकनीशियनों को रोजगार प्रदान किया।