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Delhi: अब नगर निगम के स्कूलों को भी बनाया जाएगा विश्वस्तरीय, मेयर ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

Fri, 05 May 2023 08:07 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Fri, 05 May 2023 08:07 AM IST
सार

मेयर शैली ओबरॉय ने कहा कि शिक्षा कभी भी भाजपा की प्राथमिकता नहीं रही। इसलिए अब तक एमसीडी के सैकड़ों स्कूल बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। इनकी बिल्डिंग जर्जर है, फर्श टूटे हुए है, क्लासरूम कबाड़खाना बने हुए है। पीने का पानी नहीं है, शौचालय बदहाल है।

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Now the schools of Municipal Corporation of Delhi will also be made world class
शैली ओबरॉय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एमसीडी स्कूलों में सुधार लाने के लिए बृहस्पतिवार को शिक्षा मंत्री आतिशी व मेयर शैली ओबरॉय ने शिक्षा अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इसमें आतिशी ने कहा कि बीते 15 सालों से एमसीडी स्कूल बदहाली से जूझ रहे हैं, उनकी बेहतरी पर कभी ध्यान नहीं दिया गया। अब इन स्कूलों को भी विश्वस्तरीय बनाया जाएगा, ताकि इनमें हर बच्चे को क्वालिटी एजुकेशन मिले। 

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शिक्षा मंत्री ने कहा कि एमसीडी की समीक्षा बैठकों लगातार एमसीडी के स्कूलों की बदहाली उजागर कर रही है। अब हम इन स्कूलों की बेहतरी के लिए काम करेंगे। मेयर शैली ओबरॉय ने कहा कि शिक्षा कभी भी भाजपा की प्राथमिकता नहीं रही। इसलिए अब तक एमसीडी के सैकड़ों स्कूल बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। इनकी बिल्डिंग जर्जर है, फर्श टूटे हुए है, क्लासरूम कबाड़खाना बने हुए है। पीने का पानी नहीं है, शौचालय बदहाल है। एमसीडी का शिक्षा विभाग स्टाफ की भारी कमी से भी जूझ रहा है। 
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शिक्षा मंत्री ने कहा कि एमसीडी के स्कूलों में 9 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। इनका विकास छात्रों के प्रोफेशनल डेवलपमेंट में मददगार साबित होगा। मेयर ने कहा कि दिल्ली सरकार के स्कूलों के अनुभवों से सीखते हुए ही एमसीडी के स्कूलों में बदलाव लाया जाएगा। यहां डिप्टी मेयर आले मोहम्मद इकबाल भी मौजूद रहे।

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महापौर ने स्कूलों में प्रबंधन समितियों का गठन करने के दिए निर्देश
एमसीडी के शिक्षा मॉडल में बदलाव लाने के उद्देश्य से महापौर ने सभी स्कूलों में स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) के गठन का निर्देश दिया है। इसके अलावा उन्होंने एसएमसी की संरचना और कार्यों को निर्धारित किया। एसएमसी में 16 से कम सदस्य नहीं होंगे। इनमें से 75 फीसदी बच्चों के अभिभावकों और शेष 25 फीसदी सदस्य स्कूल के प्रमुखों, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय प्रतिनिधि होंगे।

महापौर शैली ओबरॉय ने कहा कि स्कूल प्रधानाचार्य एसएमसी के पदेन अध्यक्ष होंगे, वहीं अभिभावकों में से उपाध्यक्ष बनाए जाएंगे। समिति के सदस्य शिक्षक, संयोजक के रूप में कार्य करेंगे। समिति दो महीने में कम से कम एक बार बैठक करेगी। एसएमसी सभी बच्चों के दाखिले-उपस्थिति की भी निगरानी करेगी। स्कूल की जरूरतों और मिड-डे मील कार्यक्रम के कार्यान्वयन में मदद करेगी। इसके गठन को सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से सभी एमसीडी स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। अगर चुनाव कराने की आवश्यकता होगी, तो उसके लिए भी गाइडलाइंस जारी की जाएगी। 

कामकाज की निगरानी भी करेगी एसएमसी
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नए एसएमसी का गठन अधिनियम और नियमों के अनुसार किया जाए। एसएमसी की जिम्मेदारियों में स्कूल के कामकाज की निगरानी करना, स्कूल विकास योजना तैयार करना, उसकी सिफारिश करना और अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना शामिल है। एसएमसी का गठन से दिल्ली सरकार के समान गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने के लिए तत्पर रहेंगे।

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