इस तरह पार्टी से निकाल दिए जाएंगे योगेंद्र-प्रशांत
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राष्ट्रीय कार्यकारणी से बाहर निकाले गए योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण को आम आदमी पार्टी (आप) ने निकालने की जमीन तैयार कर ली गई है। दिन भर चली राष्ट्रीय परिषद की बैठक में यह फैसला भी लिया गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने या पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी करने वाले नेताओं को आप किसी तरह बर्दाश्त नहीं करेगी।
पार्टी के मुताबिक, पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी करने वाले लोगों को पार्टी से बाहर किया जाएगा। इसका फैसला करने का अधिकार परिषद ने पीएसी को सौंप दिया है।
पार्टी सूत्र बताते हैं कि परिषद से अधिकार मिलने के बाद योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण समेत अजित झा, आनंद कुमार, सांसद धर्मवीर गांधी, विधायक पंकज पुष्कर सहित दूसरे नेताओं पर कार्रवाई करने के पूरे प्रमाण है।
इस वजह से इनपर भी गिरेगी गाज
इन लोगों ने एक तरफ परिषद की बैठक का बॉयकाट किया। वहीं, मीडिया में परिषद केफैसलों व राष्ट्रीय संयोजक के खिलाफ बयानबाजी भी की।
जबकि विधायक देविंदर सेहरावत भी परिषद की बैठक को सार्वजनिक करते दिखे। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ सदस्य के साथ कुछ लोग मारपीट की कोशिश कर रहे थे।
हमने उसमें हस्तपेक्ष किया। इससे मामला शांत हुआ। पीएसी सभी नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करेगी। इसका उपयुक्त जवाब न मिलने पर सभी को पार्टी से निकाला जा सकता है।
मेधा पाटकर के बाद दूसरे नेता भी पार्टी से कर सकते हैं किनारा
मेधा पाटकर के इस्तीफे के बाद अभी दूसरे कई नेताओं के पार्टी से किनारा कर सकते हैं। इनमें से कुछ का फैसला योगेंद्र यादव-प्रशांत भूषण की रणनीति पर निर्भर करेगा। दोनों नेताओं के मीडिया के सामने आने पर भी कई नेता मौजूद थे।
इसमें महाराष्ट्र से मारूति भाप्कर, राजस्थान से राकेश पारिख, विशाल कुमार, आईडी खजूरिया, परमजीत, प्रह्लाद पांडेय, राकेश सिंहा समेत कई लोग शामिल थे।
दूसरी तरफ आप नेता मीरा सान्याल, आतिशी मरलेना, राघव चड्ढा, विजय नायर, रोहित मेहरा, पृथ्वी रेड्डी समेत ऐसे नेताओं के पार्टी छोड़ने की आशंका है, जिन्हें योगेंद्र-प्रशांत का करीबी माना जाता है।