अब स्कूल में बच्चों के साथ हुआ हादसा तो प्रबंधन पर गिरेगी गाज, पढ लें ये नए दिशा-निर्देश
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उपायुक्त ने दो टूक कही ये बात...
उपायुक्त खुद सभी स्कूलों का दौरा कर जांच करेंगे। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में टीमें भी बना दी गई हैं। इसमें खंड शिक्षा अधिकारी को शामिल किया गया है।
बैठक में मौजूद सभी स्कूल प्रबंधकों को बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान देने के आदेश दिए गए हैं। हरियाणा शिक्षा निदेशालय व सीबीएसई द्वारा जारी गाइडलाइन के बिंदुओं पर चर्चा कर उन्हें पूरा करने के लिए पंद्रह दिन का समय दिया गया है।
यह हैं दिशा-निर्देश
- बच्चों व स्कूल के स्टाफ के लिए अलग शौचालय हों।
- शौचालयों के बाहर अटेंडेंट होने अनिवार्य हैं।
- स्कूल की बसों में भी कैमरे व अटेंडेंट हों।
- सभी नॉन टीचिंग स्टॉफ का पुलिस वेरिफिकेशन कराना होगा।
- स्कूलों को एंबुलेंस व नर्स रखने होंगे।
- किसी अस्पताल व डॉक्टर से भी टाईअप करना होगा।
इनका भी रखना होगा ख्याल
- सभी ड्राइवरों व कंडक्टर के पास अपना-अपना लाइसेंस हो।
- सभी कर्मचारियों व अध्यापकों को फर्स्ट एड व अग्निशमन यंत्र चलाने की ट्रेनिंग दी जाए।
- मॉकड्रिल से सुरक्षा इंतजाम को परखा जाए
सरकारी स्कूलों के लिए कुछ भी नहीं