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जेएनयू हिंसा में शामिल संदिग्ध छात्रों मेल पर भेजा नोटिस, न्यूज चैनल से स्टिंग का मांगा टेप
Sat, 11 Jan 2020 10:20 PM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Sat, 11 Jan 2020 10:20 PM IST
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jnu violence
- फोटो : अमर उजाला
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जेएनयू हिंसा में शामिल जिन नौ छात्रों की पहचान उजागार की गई है, पुलिस सूत्रों की माने तो उन्हें एसआईटी की टीम ने जांच में सहयोग के लिए ई-मेल के जरिए नोटिस भेजा है। संदिग्ध छात्रों को एसआईटी ने अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। छात्रों को पूछताछ के लिए एसआईटी के सामने 15 जनवरी को पेश होने को कहा गया है।
एसआईटी की टीम ने जेएनयू मामले में स्टिंग करने वाले न्यूज चैनल से भी संपर्क किया है। जारी हुए स्टिंग ऑपरेशन में कुछ छात्र हिंसा में शामिल होने की बात स्वीकार करते साफ नजर आएं। पुलिस ने उसे मुकदमे में बतौर साक्ष्य के तौर पर शामिल करने की बात कही है।
स्थानीय पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
जेएनयू में हुई हिंसा के बाद बसंत कुंज थाने की पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। कैंपस में लेफ्ट छात्रों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने पूरे प्रकरण में शुरू से लापरवाही बरती है। इसके बावजूद उनपर अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कई घंटों तक चले बवाल के बाद भी आखिर नकाबपोश सभी हमलावर स्थानीय पुलिस के सामने से कैसे भाग निकले?
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एसआईटी की टीम ने जेएनयू मामले में स्टिंग करने वाले न्यूज चैनल से भी संपर्क किया है। जारी हुए स्टिंग ऑपरेशन में कुछ छात्र हिंसा में शामिल होने की बात स्वीकार करते साफ नजर आएं। पुलिस ने उसे मुकदमे में बतौर साक्ष्य के तौर पर शामिल करने की बात कही है।
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जेएनयू में हुई हिंसा के बाद बसंत कुंज थाने की पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। कैंपस में लेफ्ट छात्रों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने पूरे प्रकरण में शुरू से लापरवाही बरती है। इसके बावजूद उनपर अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कई घंटों तक चले बवाल के बाद भी आखिर नकाबपोश सभी हमलावर स्थानीय पुलिस के सामने से कैसे भाग निकले?
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