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नोटबंदी विशेष : लॉकर को बार-बार आपरेट करने वालों पर नजर
भोला पांडेय/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Mon, 19 Dec 2016 11:59 AM IST
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बैंक
- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी की घोषणा के बाद 11 नवंबर से अब तक बार बार लॉकर आपरेट करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। माना जा रहा है कि कुछ लोग अपनी ब्लैक मनी को चेंजकर उसे लॉकर में रख रहे हैं।
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आरबीआई के निर्देश पर ऐसे लॉकर धारकों पर नजर रखने को कहा गया है जो बार बार लॉकर आपरेट कर रहे हैं। बहुत ही गोपनीय तरीके से इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। यही नहीं उन लोगों पर भी आयकर विभाग व अन्य एजेंसियों की नजर है जो अभी हाल ही में बैंक अकाउंट खुलवाकर उसमें नकदी जमा कराई और फिर उसे निकाल रहे हैं।
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ज्ञात हो कि देश के अलग अलग हिस्सों में आयकर विभाग समेत अन्य खूफिया एजेंसियां कालेधन के खिलाफ लगातार छापेमारी कर रही हैं। कहीं बाथरूम में बनाई गई तिजोरी से करोड़ों बरामद हो रहे हैं तो कहीं बैंक लॉकर से।
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बैंक सूत्रों की मानें तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने प्रदेशभर के सभी बैंक शाखाओं को एक सर्कुलर जारी कर ऐसे लोगों की जानकारी आयकर विभाग व अन्य एजेंसियों को देने के लिए कहा है जो बैंकों में लिए गए अपने लॉकर को पिछले एक महीने से बार बार आपरेट कर रहे हैं।
आशंका है कि कुछ लोग अपने कालेधन को सफेद कर उसे लॉकर में जमा कर रहे हैं। उसमें नकदी और जेवरात भी हो सकते हैं।
28000 शहरवासी कर रहे लॉकर का उपयोग:
जिले में सरकारी और निजी बैंकों की 298 शाखाएं संचालित हो रही हैं। इन बैंक शाखाओं में कम से कम एक लॉकर कैबिनेट की व्यवस्था जरूर रहती है। जिन बैंकों में जगह पर्याप्त है ओर लॉकर की मांग अधिक है वहां दो कैबिनेट तक लगाए जाते हैं।
एक लॉकर कैबिनेट को 90 से अधिक लोग आपरेट करते हैं। इस हिसाब से लगभग 28000 शहरवासी लॉकर का उपयोग कर रहे हैं। सबसे अधिक लॉकर उपयोग करने वालों की तादाता पॉश आवासीय क्षेत्रों में स्थित बैंक शाखाओं की होती है।
सुरक्षा की दृष्टि से संपन्न परिवार के लोग बड़ी नकदी और जेवरात घर में रखने के बजाय बैंक लॉकर में रखना पसंद करते हैं। चूंकि बैंक अधिकारी को लॉकर चेक करने का अधिकार नहीं होता। ऐसे में ये पता नहीं चल पाता कि लोग उसमें क्या रख रहे हैं।
खाता खुलवा कर जमा और निकासी करने वाले भी रडार पर
नोटबंदी के बाद केंद्र सरकार के आदेश पर बड़ी संख्या में नए खाते खोले जा रहे हैं। इन नए खातों में लोग नकदी जमा कर दो चार दिन बाद ही उसे निकाल रहे हैं। बैंक सूत्रों का कहना है कि ऐसे खाता धारक भी रडार पर हैं जो हाल ही में खाता खुलवाकर पुरानी नकदी जमा कराई और दो चार दिन बाद ही उसे निकाल लिया। उनकी भी जानकारी एकत्र की जा रही है।
-कालेधन को सफेद करने वालों पर नजर रखने के लिए ही आरबीआई ने गाइड लाइन जारी की है। बैंक अधिकारी उसका पालन भी कर रहे हैं। निश्चित रूप से यदि कोई लॉकर धारक बार-बार लॉकर आपरेट कर रहा है तो कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है। ऐसे लोगों पर बहुत ही गोपनीय तरीके से नजर रखी जा रही है।
-आरके शर्मा, बैंक अधिकारी फरीदाबाद