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सूरत-ए-हालः राजधानी में सामान्य रोगियों को नहीं मिल रहे बेड, भटक रहे तीमारदार

Thu, 24 Sep 2020 04:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 24 Sep 2020 04:38 AM IST
सार

  • आईसीयू और वेंटिलेटर तो क्या, सामान्य में भी जगह नहीं
  • कोरोना संक्रमितों के लिए कर रखे हैं बड़ी संख्या में आरक्षित

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Non covid patients are not getting beds in delhi hospitals
दिल्ली का अस्पताल - फोटो : File

विस्तार

राजधानी के अस्पतालों में सरकार व्यवस्थाएं बनाने पर जोर दे रही है, लेकिन जिन रोगियों को कोरोना वायरस की दिक्कत नहीं है उन्हें भर्ती करना किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। आलम यह है कि प्राइवेट से लेकर सरकारी अस्पतालों में आईसीयू और वेंटिलेटर बेड की जबरदस्त किल्लत है। कई अस्पतालों में तो सामान्य वार्ड में भी बिस्तर उपलब्ध नहीं है। 

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रोहिणी सेक्टर-15 निवासी विकास जाधव का कहना है कि दो दिन पहले उनके पिता को सीने में दर्द और बुखार हो गया। जांच में कोरोना निगेटिव पाया गया, लेकिन जब वे पिता को लेकर अस्पतालों में पहुंचे तो बुधवार को जाकर उन्हें एडमिशन मिल पाया। इस बीच उन्होंने रोहिणी के दो निजी के अलावा बाबा भीमराव आंबेडकर अस्पताल तक में संपर्क किया था।
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महिला की हो गई मौत
लक्ष्मी नगर निवासी टिल्लू सोनी का कहना है कि चार दिन पहले उनकी पत्नी बेहोश हो गईं थीं। वे उन्हें लेकर मेट्रो अस्पताल पहुंचे, जहां से उन्हें आरएमएल में रेफर कर दिया। रविवार को आरएमएल के न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने यह कहते हुए मरीज को ले जाने के लिए कहा कि उनके यहां आईसीयू में बेड नहीं है। इस बीच परिवार और स्टाफ के बीच काफी बहस भी हुई, लेकिन आखिर में रविवार रात उनकी पत्नी का निधन हो गया।
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सांस रोगी कर रहे बेड का इंतजार
कृष्णा नगर के सुनील वर्मा का कहना है कि उनके पिता इस समय पटपडग़ंज स्थित मैक्स अस्पताल में हैं। उन्हें कोरोना नहीं है, वे सांस रोगी हैं। इसी अस्पताल में लंबे समय से उनका उपचार चल रहा है, परंतु पिछले 12 घंटे से वह इमरजेंसी में लेटे हैं और बिस्तर खाली होने का इंतजार कर रहे हैं। 

इसलिए बढ़ी समस्या
अस्पताल के सामान्य वार्ड तक में बिस्तर उपलब्ध नहीं है। मैक्स पटपडग़ंज अस्पताल से जुड़े एक डॉक्टर ने बताया कि अभी मरीजों की संख्या बढऩे के चलते यह स्थिति है। अस्पताल में बेड कम पड़ रहे हैं। 

कोविड मरीजों के बेड पड़े हैं खाली

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राजधानी में कोविड मरीजों के लिए 15,794 बिस्तरों की व्यवस्था है। इसमें से 6949 ही भरे हैं। यानी, 8845 बिस्तर खाली हैं। दिल्ली के सबसे बड़े कोविड अस्पताल लोकनायक की स्थिति पर गौर करें तो यहां कोविड मरीजों के लिए दो हजार बिस्तरों की व्यवस्था है, जिसमें से बुधवार तक 1368 खाली थे।

पूर्वी दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में 1304, एम्स के झज्जर कैंपस में 1180, राजीव गांधी में 280, हिंदूराव में 313 और बुराड़ी अस्पताल में 236 बिस्तर खाली हैं। इन आंकड़ों से साफ जाहिर है कि दिल्ली में कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित किए बिस्तर काफी संख्या में हैं, लेकिन नॉन कोविड मरीजों को निजी व सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने में दिक्कतें आ रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि कोविड केयर सेंटर में 4468 और कोविड स्वास्थ्य केंद्र में 216 बिस्तर खाली हैं। इन बिस्तरों का इस्तेमाल भी कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए किया जाना है। इस समय हर दिन तीन हजार से ज्यादा संक्रमित मिल हैं। इनमें से तीन या चार फीसदी को ही गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। ज्यादातर मरीजों को होम आइसोलेशन में ही रहने की सलाह दी जा रही है।  

486 वेंटिलेटर खाली
दिल्ली सरकार के अनुसार, राजधानी में संक्रमित मरीजों के लिए अलग-अलग अस्पतालों में 1294 वेंटिलेटर बिस्तरों की व्यवस्था की जा चुकी है। फिलहाल इनमें से 808 बिस्तर भरे हुए हैं और 486 बेड खाली हैं। कुछ प्राइवेट अस्पताल ऐसे हैं, जहां वेंटिलेटर सभी भरे हुए हैं।

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