{"_id":"689a180178ff23198309a5f9","slug":"when-will-the-allottees-get-possession-of-the-flats-noida-news-c-23-1-lko1064-71362-2025-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: 17 हजार आवंटियों को कब मिलेगा फ्लैटों पर कब्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: 17 हजार आवंटियों को कब मिलेगा फ्लैटों पर कब्जा
विज्ञापन
जेपी विशटाउन सोसाइटी का मामला, यीडा ने सुरक्षा रियलिटी से मांगा जबाव
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जेपी विशटाउन में करीब 17 हजार फ्लैट बायर्स का इंतजार कब पूरा होगा? इन खरीदारों को कब तक फ्लैट पर कब्जा दे दिया जाएगा? इन सवालों के जवाब यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, यीडा ने जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड, जेआईएल की जगह एनसीएलटी के आदेश पर प्रोजेक्टों को पूरा कर रही सुरक्षा रियलिटी से मांगे हैं। यह कार्रवाई आवंटियों के समूह की तरफ से की गई शिकायत के बाद की गई है।
यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि आर्थिक संकट खड़ा होने के बाद सुरक्षा रियलिटी के प्रस्ताव को एनसीएलटी ने 2023 में मंजूरी दी थी। एनसीएलटी की अपीलीय ट्रिब्यूनएल एनसीएलएटी ने इस आदेश को सही माना। इसके बाद नई कंपनी ने प्रोजेक्टों को पूरा करने पर काम 2024 में शुरू किया। हालांकि, फ्लैट बायर्स के समूह जेआईएल रीयल एस्टेट अलाॅटीज वेलफेयर सोसाइटी की शिकायत है कि कंपनी बहुत धीमे काम कर रही है। ऐसे में जिन प्रोजेक्टों को 2026 में पूरा किया जाना है। वह संभव नहीं दिखता। कंपनी ने जिम्मेदारों का दावा था कि प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए करीब 3000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इससे 2026 से 2028 के बीच प्रोजेक्टों का पूर्णता प्रमाण पत्र और उपभोगिता प्रमाण पत्र लिया जाना है। सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि प्राधिकरण जेपी विशटाउन के आवंटियों के हितों को सुरक्षित रखेगा। इसके लिए सुरक्षा रियलिटी से भी बात की जाएगी।
इनसेट-
एक दशक से फ्लैट का इंतजार कर रहे लोग
जेपी विशटाउन के अलग-अलग प्रोजेक्टों को 2010-11 में लांच किया गया। इनको अगले चार साल में पूरा किया जाना था। आर्थिक संकट और अन्य कारणों से जेआईएल अपना वादा पूरा नहीं कर पाया। प्रोजेक्ट देरी में फंसे। इसका असर सीधे फ्लैट बायर्स पर पड़ा। एक दशक से अधिक समय से फ्लैट बायर्स को अपनी यूनिट मिलने का इंतजार बना हुआ है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- --
अदाणी सहित कई कंपनियां भी दौड़ में शामिल
जेपी के प्रोजेक्टाें को पूरा करने के लिए अदाणी समूह के अलावा कई बड़ी कंपनियां भी दौड़ में शामिल हैं। पिछले दिनों इसको लेकर कई सूचनाएं भी सामने आईं हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह जानकारी में आया है कि कई कंपनियां जेआईएल की परियोजनाओं के अधिग्रहण और निवेश के लिए आगे आई हैं। लेकिन, अभी इसमें अंतिम रूप से निर्णय अभी बाकी है।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जेपी विशटाउन में करीब 17 हजार फ्लैट बायर्स का इंतजार कब पूरा होगा? इन खरीदारों को कब तक फ्लैट पर कब्जा दे दिया जाएगा? इन सवालों के जवाब यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, यीडा ने जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड, जेआईएल की जगह एनसीएलटी के आदेश पर प्रोजेक्टों को पूरा कर रही सुरक्षा रियलिटी से मांगे हैं। यह कार्रवाई आवंटियों के समूह की तरफ से की गई शिकायत के बाद की गई है।
यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि आर्थिक संकट खड़ा होने के बाद सुरक्षा रियलिटी के प्रस्ताव को एनसीएलटी ने 2023 में मंजूरी दी थी। एनसीएलटी की अपीलीय ट्रिब्यूनएल एनसीएलएटी ने इस आदेश को सही माना। इसके बाद नई कंपनी ने प्रोजेक्टों को पूरा करने पर काम 2024 में शुरू किया। हालांकि, फ्लैट बायर्स के समूह जेआईएल रीयल एस्टेट अलाॅटीज वेलफेयर सोसाइटी की शिकायत है कि कंपनी बहुत धीमे काम कर रही है। ऐसे में जिन प्रोजेक्टों को 2026 में पूरा किया जाना है। वह संभव नहीं दिखता। कंपनी ने जिम्मेदारों का दावा था कि प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए करीब 3000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इससे 2026 से 2028 के बीच प्रोजेक्टों का पूर्णता प्रमाण पत्र और उपभोगिता प्रमाण पत्र लिया जाना है। सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि प्राधिकरण जेपी विशटाउन के आवंटियों के हितों को सुरक्षित रखेगा। इसके लिए सुरक्षा रियलिटी से भी बात की जाएगी।
विज्ञापन
इनसेट-
एक दशक से फ्लैट का इंतजार कर रहे लोग
जेपी विशटाउन के अलग-अलग प्रोजेक्टों को 2010-11 में लांच किया गया। इनको अगले चार साल में पूरा किया जाना था। आर्थिक संकट और अन्य कारणों से जेआईएल अपना वादा पूरा नहीं कर पाया। प्रोजेक्ट देरी में फंसे। इसका असर सीधे फ्लैट बायर्स पर पड़ा। एक दशक से अधिक समय से फ्लैट बायर्स को अपनी यूनिट मिलने का इंतजार बना हुआ है।
विज्ञापन
अदाणी सहित कई कंपनियां भी दौड़ में शामिल
जेपी के प्रोजेक्टाें को पूरा करने के लिए अदाणी समूह के अलावा कई बड़ी कंपनियां भी दौड़ में शामिल हैं। पिछले दिनों इसको लेकर कई सूचनाएं भी सामने आईं हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह जानकारी में आया है कि कई कंपनियां जेआईएल की परियोजनाओं के अधिग्रहण और निवेश के लिए आगे आई हैं। लेकिन, अभी इसमें अंतिम रूप से निर्णय अभी बाकी है।