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नोएडा: चेक बाउंस मामले में वीरेंद्र सहवाग की पत्नी को मिली जमानत
Sat, 06 Jul 2019 04:54 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, ग्रेटर नोएडा
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Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jul 2019 04:54 AM IST
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वीरेंद्र सहवाग की पत्नी आरती सहवाग को मिली जमानत
- फोटो : Social Media
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ढाई करोड़ के चेक बाउंस मामले में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद गुरुवार को पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग की पत्नी आरती सहवाग शुक्रवार को सूरजपुर जिला अदालत में पेश हुईं। यहां उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में लिया गया। इसके बाद उन्हें जमानत मिल गई। आरोप है कि आरती फल के विभिन्न उत्पाद बनाने वाली कंपनी एसएमजीके एग्रो प्रोडक्ट्स में साझेदार हैं। इस कंपनी ने लखनपाल प्रमोटर्स एंड बिल्डर कंपनी को आर्डर पूरा नहीं करने पर गत वर्ष ढाई करोड़ रुपये का चेक दिया था जो बाउंस हो गया।
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लखनपाल प्रमोटर्स एंड बिल्डर के फौजदारी अधिवक्ता सूर्यप्रताप सिंह ने बताया कि कंपनी ने अशोक विहार दिल्ली स्थित एसएमजीके को रुपये जमा कराकर आर्डर दिया था। ये आर्डर एसएमजीके पूरा नहीं कर पाई थी। इसी कारण उन्हें लखनपाल प्रमोटर्स को रुपये वापस करने थे। दायित्व की पूर्ति के लिए एसएमजीके ने ढाई करोड़ रुपये का चेक दिया था जो बाउंस हो गया था। इस पर लखनपाल प्रमोटर्स ने कानूनी नोटिस दिया जिसका जवाब नहीं दिया गया।
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अदालत में एसएमजीके की एमडी प्रभा कक्कर और पांच साझेदार हौज खास निवासी आरती सहवाग, हरिकिशन चावला, अशोक मेहरोत्रा, रिशी प्रकाश गुप्ता, अब्दुल आसिफ के खिलाफ एनआई एक्ट (पारक्रम्य लिखित अधिनियम) में वाद दायर किया गया था। अदालत में पेश न होने पर 31 मई को गैर जमानती वारंट जारी किया गया। इसके बाद आरती सहवाग शुक्रवार को अदालत में पेश हुईं।
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‘न वर्किंग साझेदार हूं और न ही चेक पर हस्ताक्षर किए’
आरती सहवाग ने कोर्ट से कहा कि वह फर्म में रोजाना के मामले देखने के लिए वर्किंग साझेदार नहीं हैं। उन्होंने चेक पर हस्ताक्षर भी नहीं किए। इसके बाद अदालत ने आरती को निजी मुचलके और एक-एक लाख के दो जमानती के शपथ पत्र देने केे बाद जमानत दे दी।