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किसानों का प्रदर्शन----
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अनधिकृत निर्माण तोड़ने पहुंची प्राधिकरण की टीम को घेरा
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की टीम सोमवार सुबह गढ़ी चौखंडी गांव में अनधिकृत निर्माण तोड़ने पहुंची। लेकिन वहां किसानों और ग्रामीणों ने टीम को घेर लिया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद भी टीम निर्माणाधीन इमारतों को हाथ तक नहीं लगा सकी। किसान प्राधिकरण की जेसीबी पर चढ़कर नारे लगाने लगे। बाद में प्राधिकरण, पुलिस और प्रशासन से किसानों की वार्ता के बाद टीम बैरंग लौट गई। अब मंगलवार को किसानों की उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद आगे की रणनीति पर प्राधिकरण काम करेगा। वहीं, इस दौरान एफएनजी पर जाम लग गया।
प्राधिकरण के ओएसडी एमपी सिंह ने बताया कि गढ़ी चौखंडी के खसरा नंबर 43, 51 और 53 में दिल्ली के कुछ बिल्डरों ने 24 अवैध निर्माण कर रखे हैं। प्राधिकरण ने 3 जनवरी 2018 को उक्त इमारतों को सील कर दिया है। इस मामले में 2017 से अब तक 65 लोगों के खिलाफ 27 एफआईआर हो चुकी है। वहीं, 11 सितंबर को भी थाने में प्राधिकरण ने शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन अभी तक एफआईआर नहीं दर्ज नहीं हुई है। सोमवार को उन्हीं अवैध निर्माण को तोड़ने टीम पहुंची थी। लेकिन ग्रामीणों और किसानों ने विरोध कर दिया। उनका कहना है कि प्राधिकरण को पहले यह निश्चित कर लेना चाहिए कि यहां कौन-कौन सी जमीन आबादी की है और कौन सी प्राधिकरण की। इसके बाद ही कार्रवाई करनी चाहिए। 10 जेसीबी, चार डंपर, करीब 70 पुलिसकर्मियों के साथ पहुंची प्राधिकरण और प्रशासन की टीम ने उनको काफी समझाने का प्रयास किया। प्राधिकरण के ओएसडी एमपी सिंह, सीओ-1 श्वेताभ पांडेय, सिटी मजिस्ट्रेट शैलेंद्र मिश्र के अलावा प्राधिकरण के वर्क सर्किल के अधिकारी भी उपस्थित रहे। लेकिन ग्रामीण नहीं माने और खूब हंगामा किया। उन्होंने प्राधिकरण और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पहले प्राधिकरण ने किसानों को फेज-3 थाने में आमंत्रित किया और बातचीत की। लेकिन इसका कोई हल नहीं निकल सका। जिसके बाद प्राधिकरण ने अपनी टीम को मौके पर भेज दिया। बाद में पुलिस और प्रशासन की टीम भी पहुंच गई। लेकिन तब वहां सैकड़ों ग्रामीण जमा हो गए। इसमें भारतीय किसान यूनियन के भी सदस्य शामिल रहे।
पहले आबादी और अपनी जमीन तय करे प्राधिकरण
भारतीय किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र यादव, जिला अध्यक्ष परविंदर यादव के अलावा सुखवीर पहलवान पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सभी ने प्राधिकरण के अधिकारियों और नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी से वार्ता की। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण रोज का तोड़फोड़ बंद कर दे। साथ ही प्रत्येक गांव के किसानों के साथ वार्ता कर उनकी आबादी जहां जैसी है वहां वैसे ही छोड़ी जाए। प्राधिकरण का तानाशाही रवैया बर्दाश्त के बाहर है।
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आरपार की लड़ाई की चेतावनी
राजेंद्र यादव ने बताया कि 20 सितंबर को किसान मजदूर अधिकार यात्रा का आगमन हुआ था। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन दिया था। जिसमें कहा था कि प्रत्येक गांव से एक प्रतिनिधिमंडल होना चाहिए और एक प्रतिनिधिमंडल प्राधिकरण का होना चाहिए। मध्यस्थता सिटी मजिस्ट्रेट को करनी चाहिए। उन्होंने बताया अगर प्राधिकरण ने अपने रवैये में बदलाव नहीं किया तो भारतीय किसान संगठन आर पार की लड़ाई लडे़गा।
आज होगी प्राधिकरण और किसानों की वार्ता
गढ़ी चौखंडी में अधिकारियों और किसानों के बीच वार्ता का कोई हल नहीं निकल पाया। लिहाजा प्राधिकरण ने किसानों को मंगलवार को कार्यालय में आमंत्रित किया है। वहां किसानों की उच्चाधिकारियों से वार्ता कराई जाएगी। इसके बाद मामले का हल ढूंढा जाएगा। फिर प्राधिकरण किसी निर्णय पर पहुंचेगा।
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नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की टीम सोमवार सुबह गढ़ी चौखंडी गांव में अनधिकृत निर्माण तोड़ने पहुंची। लेकिन वहां किसानों और ग्रामीणों ने टीम को घेर लिया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद भी टीम निर्माणाधीन इमारतों को हाथ तक नहीं लगा सकी। किसान प्राधिकरण की जेसीबी पर चढ़कर नारे लगाने लगे। बाद में प्राधिकरण, पुलिस और प्रशासन से किसानों की वार्ता के बाद टीम बैरंग लौट गई। अब मंगलवार को किसानों की उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद आगे की रणनीति पर प्राधिकरण काम करेगा। वहीं, इस दौरान एफएनजी पर जाम लग गया।
प्राधिकरण के ओएसडी एमपी सिंह ने बताया कि गढ़ी चौखंडी के खसरा नंबर 43, 51 और 53 में दिल्ली के कुछ बिल्डरों ने 24 अवैध निर्माण कर रखे हैं। प्राधिकरण ने 3 जनवरी 2018 को उक्त इमारतों को सील कर दिया है। इस मामले में 2017 से अब तक 65 लोगों के खिलाफ 27 एफआईआर हो चुकी है। वहीं, 11 सितंबर को भी थाने में प्राधिकरण ने शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन अभी तक एफआईआर नहीं दर्ज नहीं हुई है। सोमवार को उन्हीं अवैध निर्माण को तोड़ने टीम पहुंची थी। लेकिन ग्रामीणों और किसानों ने विरोध कर दिया। उनका कहना है कि प्राधिकरण को पहले यह निश्चित कर लेना चाहिए कि यहां कौन-कौन सी जमीन आबादी की है और कौन सी प्राधिकरण की। इसके बाद ही कार्रवाई करनी चाहिए। 10 जेसीबी, चार डंपर, करीब 70 पुलिसकर्मियों के साथ पहुंची प्राधिकरण और प्रशासन की टीम ने उनको काफी समझाने का प्रयास किया। प्राधिकरण के ओएसडी एमपी सिंह, सीओ-1 श्वेताभ पांडेय, सिटी मजिस्ट्रेट शैलेंद्र मिश्र के अलावा प्राधिकरण के वर्क सर्किल के अधिकारी भी उपस्थित रहे। लेकिन ग्रामीण नहीं माने और खूब हंगामा किया। उन्होंने प्राधिकरण और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पहले प्राधिकरण ने किसानों को फेज-3 थाने में आमंत्रित किया और बातचीत की। लेकिन इसका कोई हल नहीं निकल सका। जिसके बाद प्राधिकरण ने अपनी टीम को मौके पर भेज दिया। बाद में पुलिस और प्रशासन की टीम भी पहुंच गई। लेकिन तब वहां सैकड़ों ग्रामीण जमा हो गए। इसमें भारतीय किसान यूनियन के भी सदस्य शामिल रहे।
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पहले आबादी और अपनी जमीन तय करे प्राधिकरण
भारतीय किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र यादव, जिला अध्यक्ष परविंदर यादव के अलावा सुखवीर पहलवान पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सभी ने प्राधिकरण के अधिकारियों और नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी से वार्ता की। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण रोज का तोड़फोड़ बंद कर दे। साथ ही प्रत्येक गांव के किसानों के साथ वार्ता कर उनकी आबादी जहां जैसी है वहां वैसे ही छोड़ी जाए। प्राधिकरण का तानाशाही रवैया बर्दाश्त के बाहर है।
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आरपार की लड़ाई की चेतावनी
राजेंद्र यादव ने बताया कि 20 सितंबर को किसान मजदूर अधिकार यात्रा का आगमन हुआ था। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन दिया था। जिसमें कहा था कि प्रत्येक गांव से एक प्रतिनिधिमंडल होना चाहिए और एक प्रतिनिधिमंडल प्राधिकरण का होना चाहिए। मध्यस्थता सिटी मजिस्ट्रेट को करनी चाहिए। उन्होंने बताया अगर प्राधिकरण ने अपने रवैये में बदलाव नहीं किया तो भारतीय किसान संगठन आर पार की लड़ाई लडे़गा।
आज होगी प्राधिकरण और किसानों की वार्ता
गढ़ी चौखंडी में अधिकारियों और किसानों के बीच वार्ता का कोई हल नहीं निकल पाया। लिहाजा प्राधिकरण ने किसानों को मंगलवार को कार्यालय में आमंत्रित किया है। वहां किसानों की उच्चाधिकारियों से वार्ता कराई जाएगी। इसके बाद मामले का हल ढूंढा जाएगा। फिर प्राधिकरण किसी निर्णय पर पहुंचेगा।