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पति की मौत से दुखी गर्भवती ने मासूम बेटी को गोद में लेकर कमरे में लगाई आग

Thu, 17 Jun 2021 01:01 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 17 Jun 2021 01:01 AM IST
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Unhappy with her husband's death, pregnant woman took her innocent daughter in her arms and set fire to the room
दादरी/ग्रेटर नोएडा। सादोपुर गांव में पति की मृत्यु से दुखी तीन माह की गर्भवती ने बेटी (6) को गोद में लेकर डीजल डालकर कमरे में आग लगा ली। परिजनों ने बुरी तरह झुलसी सादोपुर गांव निवासी ज्योति और मिष्ठी को अस्पताल में दाखिल कराया। जहां दोनों ने दम तोड़ दिया। बुधवार को परिजनों ने दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया। घटना की शिकायत पुलिस से नहीं की गई है। परिजनों के मुताबिक करीब डेढ़ माह पहले कोरोना संक्रमित होने के बाद निजी क्लीनिक में भर्ती पति की मृत्यु हो गई थी। हालांकि, निजी क्लीनिक ने कोविड से मौत की पुष्टि नहीं की थी।
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बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव सादोपुर में सुभाष चंद्र परिवार के साथ रहते हैं। सुभाष चंद्र के दो बेटे थे। बड़े बेटे जॉनी ने करीब 8 साल पहले दिल्ली के कल्याणपुरी निवासी ज्योति से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों सादोपुर गांव में रहते थे। करीब दो माह पहले जॉनी को बुखार आया था। उसे पास के ही निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। जहां 24 अप्रैल को उसने दम तोड़ दिया। परिवार का दावा है कि जॉनी की मौत कोरोना की वजह से हुई थी। हालांकि क्लीनिक प्रबंधन ने इससे इनकार किया था।
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जॉनी की मौत के बाद से ज्योति दुखी रहने लगी थी। परिजनों ने ज्योति को काफी समझाने की कोशिश की लेकिन वह पति की मौत के सदमे से उबर नहीं पा रही थी। जॉनी की मौत के बाद से वह हर समय तनाव में रहती थी। मंगलवार को सुबह तीन माह की गर्भवती ज्योति ने कमरा बंद कर छह वर्ष की बेटी मिष्ठी को गोद में लेकर डीजल डालकर आग लगा ली। आग का धुआं जब घर के अंदर फैला तो परिजनों ने शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के लोग आ गए और किसी तरह आग को बुझाकर दोनों को बाहर निकाला गया।
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परिजन बुरी तरह झुलसी मां-बेटी को लेकर बादलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। हालत गंभीर देख दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां मिष्ठी ने दम तोड़ दिया। हालत गंभीर होता देख ज्योति को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां बुधवार को ज्योति ने भी दम तोड़ दिया। बुधवार को परिजनों ने गांव में ही मां और बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया। अंतिम संस्कार में मायके पक्ष के भी लोग मौजूद थे। घटना की शिकायत पुलिस से नहीं की गई है। बादलपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह का कहना है कि घटना की तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

नाकाम रही समझाने की कोशिश
महिला के ससुर सुभाष ने बताया कि जॉनी की मौत के बाद से ही वह ज्योति को काफी समझाते थे। वह ज्योति और मिष्ठी को किसी भी हाल में आर्थिक परेशानी नहीं होने देने की बात भी कहते थे। लेकिन ज्योति हर समय चिंतित रहती थी। उन्होंने कहा कि ज्योति के मायके वालों ने भी उसे समझाने की बहुत कोशिश की थी।
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