फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Three arrested on charges of defrauding unemployed people by creating fake websites

ग्रेटर नोएडा: फर्जी वेबसाइट बनाकर एमएनसी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

Fri, 13 Mar 2026 06:30 PM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा Published by: Vijay Singh Pundir Updated Fri, 13 Mar 2026 06:30 PM IST
सार

डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने बताया कि शिकायत मिली थी कि कुछ लोग एमएनसी कंपनियों में अच्छी सैलरी पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे की मांग करते हैं और बाद में फर्जी ऑफर लेटर भेजकर ठगी करते हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

विज्ञापन
Three arrested on charges of defrauding unemployed people by creating fake websites
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्रेटर नोएडा की बिसरख कोतवाली पुलिस ने फर्जी वेबसाइट बनाकर बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सरगना तीन आरोपियों को शुक्रवार को इटेड़ा गोल चक्कर के पास सर्विस रोड से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हिसार हरियाणा निवासी विकास डाबर (34), औरेया निवासी अरुण कुमार (28) और बुलंदशहर निवासी वैभव कुमार (23) के रूप में हुई है। 

विज्ञापन


पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कंप्यूटर सिस्टम, तीन मोबाइल फोन, छह विभिन्न कंपनियों के फर्जी जॉब ऑफर लेटर और 7600 रुपये की नकदी बरामद की है। गिरोह पिछले पांच माह से सक्रिय था। आरोपी बेराजगारों को 5- लाख प्रतिवर्ष के पैकेज वाली नौकरी लगवाने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस व कमीशन के तौर पर 15 से 20 प्रतिशत की रकम ठगी करते थे। अबतक 20 से अधिक लोगों से 10 लाख से अधिक की ठगी कर चुके हैं।
विज्ञापन


डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने बताया कि शिकायत मिली थी कि कुछ लोग एमएनसी कंपनियों में अच्छी सैलरी पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे की मांग करते हैं और बाद में फर्जी ऑफर लेटर भेजकर ठगी करते हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए वर्तमान में आम्रपाली गोल्फ होम्स सोसायटी गौड़ सिटी-2 में रहने वाले विकास डाबर, सेक्टर-45 नोएडा निवासी अरुण कुमार और खोड़ा कॉलोनी गाजियाबाद में रहने वाले वैभव कुमार को गिरफ्तार किया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

आरोपी बेरोजगारों को फर्ज बेवसाइट बनाकर नामी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी दिलाने का लालच देते थे। वह नौकरी तलाश रहे युवाओं का डाटा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (डार्क वेब आदि) के माध्यम से हासिल करते थे। इसके बाद उन लोगों से संपर्क कर उन्हें 5 से लाख रुपये प्रतिवर्ष की अच्छी सैलरी और आकर्षक पैकेज वाली नौकरी का भरोसा दिलाते थे। आरोपी नौकरी लगवाने के नाम पर वार्षिक पैकेज का 15 से 20 प्रतिशत तक रकम लेने की शर्त रखते थे। आरोपी पहले टोकन मनी के रूप में 40 हजार से 60 हजार रुपये तक की रकम एडवांस लेते थे। इसके बाद वह नामी कंपनियों की तर्ज पर फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर अभ्यर्थियों को जॉब ऑफर लेटर भेज देते थे। इन ऑफर लेटर में कंपनी का लोगो, जॉइनिंग डेट और अन्य विवरण इस तरह से तैयार किया जाता था कि देखने में बिल्कुल असली लगे। अभ्यर्थियों को जब यह ऑफर लेटर मिलता था तो उन्हें नौकरी मिलने का भरोसा हो जाता था और वह शेष रकम भी आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर देते थे। 

जब अभ्यर्थी संबंधित कंपनी में जाकर अपनी जॉइनिंग की जानकारी लेते थे तो उन्हें पता चलता था कि ऐसा कोई ऑफर जारी ही नहीं किया गया है। इस दौरान आरोपी पीड़ितों को तकनीकी समस्या या दस्तावेजों में त्रुटि का बहाना बनाकर कुछ समय तक गुमराह करते रहते थे। कई मामलों में वह किसी दूसरी कंपनी के नाम से नया फर्जी ऑफर लेटर भेजकर भी लोगों को भ्रमित करते थे। इस तरह आरोपी लगातार अलग-अलग लोगों को झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं। आरोपी कंप्यूटर सिस्टम की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे। इसके बरामद जॉब ऑफर लेटर में तीन अल्टांस कंपनी और तीन नॉर्थवेस्ट रिवेन्यू साइकिल मैनेजमेंट कंपनी के नाम पर तैयार किए गए थे।

30 से 60 हजार रुपये तक मासिक सैलरी दिलाने का देते थे झांसा
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह पहले नौकरी तलाश रहे लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद उन्हें भरोसा दिलाते थे कि वे उन्हें किसी अच्छी कंपनी में 30 हजार से 60 हजार रुपये तक की मासिक सैलरी वाली नौकरी दिला सकते हैं। सौदा तय होने के बाद वे एडवांस राशि लेते थे और फिर फर्जी ऑफर लेटर जारी कर देते थे। आरोपी मोबाइल फोन के माध्यम से ही पीड़ितों से बातचीत करते थे और फोनपे, पेटीएम व गूगल पे जैसे डिजिटल माध्यमों से पैसे मंगाते थे। पुलिस अब इन मोबाइल फोन और बैंक खातों की जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपियों द्वारा बनाई गई फर्जी बेवसाइट को बंद कराया है।

बीबीए पास सरगना कर चुका है विदेशी कंपनी में काम
गिरफ्तार मुख्य आरोपी विकास डाबर है। वह बीबीए पास है। आरोपी करीब एक साल पहले एक विदेशी हेल्थकेयर कंपनी में क्लेम सेटलमेंट का काम करता था। वहीं अरुण कुमार बीकॉम पास है। आरोपी विकास ने अरुण को साथ लेकर पहले काम शुरू किया था। वहीं वैभव कुमार बीएससी पास है। वैभव और अरुण कुमार ने भी पूर्व में निजी कंपनियों में काम किया है। इसी अनुभव का फायदा उठाकर वे नौकरी के नाम पर लोगों को ठगने का नेटवर्क चला रहे थे। गिरोह के सदस्य ज्यादातर मथुरा, बिजनौर, बागपत, हरियाणा के हिसार आदि के युवाओं को निशाना बनाते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed