{"_id":"68a092477574ed85ea0d4fec","slug":"the-lift-fell-from-the-13th-floor-reached-the-5th-floor-and-then-got-stuck-on-the-15th-floor-the-woman-fainted-there-was-uproar-till-3-am-grnoida-news-c-23-1-lko1064-71776-2025-08-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: 13वीं मंजिल से गिरी लिफ्ट 5वीं पर पहुंची फिर 15वें तल जाकर अटकी, महिला बेहोश, रात तीन बजे तक हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: 13वीं मंजिल से गिरी लिफ्ट 5वीं पर पहुंची फिर 15वें तल जाकर अटकी, महिला बेहोश, रात तीन बजे तक हंगामा
विज्ञापन
होश आने पर चिल्लाया तो लोगों ने डंडे से दरवाजा खोलकर निकाला, 45 मिनट तक फंसी रही पीड़िता
फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में शुक्रवार शाम करीब शाम साढ़े सात बजे घरेलू सहायिका लिफ्ट में 45 मिनट तक फंसी रही। लिफ्ट 13वीं मंजिल पर खुलने के बजाय झटके से पांचवें तल पर आ गई फिर 15वें फ्लोर पर पहुंच गई। इससे वह बेहोश हो गई। 30 मिनट बाद होश आने पर चिल्लाया तो निवासियों और गार्डों ने डंडे से लिफ्ट का दरवाजा खोलकर उसे बाहर निकाला। इस घटना से नाराज लोग कोतवाली पहुंचे। वे रात तीन बजे तक केस दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे।
सोसायटी निवासी संदीप तोमर ने बताया कि घरेलू सहायिका अमिता (40) फ्लैट नंबर डी-1205ए में काम करने आती हैं। शुक्रवार शाम वह लिफ्ट से ऊपर जा रही थीं। लिफ्ट 13वीं मंजिल पर पहुंची और झटके से सीधे 5वें तल पर आकर रुक गई। होश आने पर उन्होंने बचाओ-बचाओ चिल्लाना शुरू किया। इसके बाद लिफ्ट भूतल पर आने के बाद 15वीं मंजिल पर जाकर अटक गई। इतने में आसपास के लोग इकट्ठा हुए और डंडे की मदद से लिफ्ट का दरवाजा खोलकर घरेलू सहायिका को सुरक्षित बाहर निकाला।
निवासियों का आरोप है कि सोसायटी में ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। बिल्डर और वेंडर न तो नियमित मेंटेनेंस टीम करा रहे हैं और न ही गाइडलाइंस का पालन हो रहा है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि सोसाइटी में तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट रुक गई थी। महिला को किसी प्रकार की चोट नहीं आई है। निवासी कोतवाली आए थे उन्हें समझा-बुझाकर भेज दिया गया था। बिल्डर से वार्ता कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
विज्ञापन
रात तीन बजे तक कोतवाली में डटे रहे लोग
निवासियों का कहना है कि घटना के बाद चेरी काउंटी चौकी पर चार बार फोन करने जानकारी दी थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज लोग रात करीब 11 बजे कोतवाली पहुंच गए और एफआईआर दर्ज करने की मांग करने लगे। रात करीब 3 बजे तक कोतवाली में डटे रहे। पुलिस ने शनिवार सुबह 10 बजे कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें भेजा। लोग अगले दिन दोपहर 2 बजे तक कोतवाली में डटे रहे और कार्रवाई की मांग को हंगामा किया।
-- -
किसी लिफ्ट का पंजीकरण नहीं, बिल्डर पर धमकाने का आरोप
निवासियों का आरोप है कि 4 अगस्त को भी एच टावर की लिफ्ट फंस गई थी। इसकी शिकायत पुलिस से की थी। इसके बाद बिल्डर की ओर से निवासियों को फोन कर धमकाया गया था। निवासियों का कहना है कि सोसायटी की लिफ्ट में दिक्कतें कई दिनों से है। अधिकतर टावरों एक ही लिफ्ट चलती है। इनका पंजीकरण भी नहीं है। इससे पहले 4 बार सोसायटी में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।
-- --
लिफ्ट में फंसें तो क्या करें
सबसे पहले खुद को शांत रखें। ज्यादा घबराने से सांस तेज होगी और डर बढ़ेगा।
लिफ्ट में लगे इमरजेंसी अलार्म/बेल को दबाकर बाहर वालों का ध्यान खींचें।
अधिकतर लिफ्ट में सिक्योरिटी रूम या इमरजेंसी नंबर से जुड़ा इंटरकॉम होता है, उससे तुरंत संपर्क करें।
सोसाइटी सिक्योरिटी गार्ड या हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।
लिफ्ट बीच में अटकी हो सकती है, ऐसे में दरवाजा खोलने से खतरा बढ़ सकता है। अगर लिफ्ट बंद है तो ऑक्सीजन सीमित हो सकती है इसलिए आराम से और धीरे-धीरे सांस लें।
-अगर रोशनी चली गई है तो मोबाइल की फ्लैश लाइट ऑन कर लें।
- मेंटेनेंस टीम या फायर ब्रिगेड को आने में समय लग सकता है इसलिए इंतजार करें।
-कूदने या हिलने-डुलने की कोशिश न करें। छत पर चढ़ने या जबरदस्ती बाहर निकलने की कोशिश न करें। बार-बार दरवाजे पर जोर न डालें।
वर्जन
शाम को जानकारी मिली थी कि 10 से 15 मिनट के लिए कोई दिक्कत हो गई थी। तुरंत ही समस्या को दूर कर लिया था। टीम को बुलाकर लिफ्ट चालू कर दी गई है। बारिश की वजह से लिफ्ट में जलभराव हुआ। इस वजह से कई दिन से इस तरह की दिक्कत आ रही जिसे ठीक कर दिया गया है। चूंकि प्रोजेक्ट लगातार चालू है इस कारण कई बार इस तरह की समस्या आ जाती है। इसके लिए टीम सतर्क रहती है और तत्काल प्रभारी से कार्रवाई करती है। -संदीप शर्मा, जीएम, एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी
विज्ञापन
फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में शुक्रवार शाम करीब शाम साढ़े सात बजे घरेलू सहायिका लिफ्ट में 45 मिनट तक फंसी रही। लिफ्ट 13वीं मंजिल पर खुलने के बजाय झटके से पांचवें तल पर आ गई फिर 15वें फ्लोर पर पहुंच गई। इससे वह बेहोश हो गई। 30 मिनट बाद होश आने पर चिल्लाया तो निवासियों और गार्डों ने डंडे से लिफ्ट का दरवाजा खोलकर उसे बाहर निकाला। इस घटना से नाराज लोग कोतवाली पहुंचे। वे रात तीन बजे तक केस दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे।
सोसायटी निवासी संदीप तोमर ने बताया कि घरेलू सहायिका अमिता (40) फ्लैट नंबर डी-1205ए में काम करने आती हैं। शुक्रवार शाम वह लिफ्ट से ऊपर जा रही थीं। लिफ्ट 13वीं मंजिल पर पहुंची और झटके से सीधे 5वें तल पर आकर रुक गई। होश आने पर उन्होंने बचाओ-बचाओ चिल्लाना शुरू किया। इसके बाद लिफ्ट भूतल पर आने के बाद 15वीं मंजिल पर जाकर अटक गई। इतने में आसपास के लोग इकट्ठा हुए और डंडे की मदद से लिफ्ट का दरवाजा खोलकर घरेलू सहायिका को सुरक्षित बाहर निकाला।
विज्ञापन
निवासियों का आरोप है कि सोसायटी में ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। बिल्डर और वेंडर न तो नियमित मेंटेनेंस टीम करा रहे हैं और न ही गाइडलाइंस का पालन हो रहा है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि सोसाइटी में तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट रुक गई थी। महिला को किसी प्रकार की चोट नहीं आई है। निवासी कोतवाली आए थे उन्हें समझा-बुझाकर भेज दिया गया था। बिल्डर से वार्ता कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
विज्ञापन
रात तीन बजे तक कोतवाली में डटे रहे लोग
निवासियों का कहना है कि घटना के बाद चेरी काउंटी चौकी पर चार बार फोन करने जानकारी दी थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज लोग रात करीब 11 बजे कोतवाली पहुंच गए और एफआईआर दर्ज करने की मांग करने लगे। रात करीब 3 बजे तक कोतवाली में डटे रहे। पुलिस ने शनिवार सुबह 10 बजे कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें भेजा। लोग अगले दिन दोपहर 2 बजे तक कोतवाली में डटे रहे और कार्रवाई की मांग को हंगामा किया।
किसी लिफ्ट का पंजीकरण नहीं, बिल्डर पर धमकाने का आरोप
निवासियों का आरोप है कि 4 अगस्त को भी एच टावर की लिफ्ट फंस गई थी। इसकी शिकायत पुलिस से की थी। इसके बाद बिल्डर की ओर से निवासियों को फोन कर धमकाया गया था। निवासियों का कहना है कि सोसायटी की लिफ्ट में दिक्कतें कई दिनों से है। अधिकतर टावरों एक ही लिफ्ट चलती है। इनका पंजीकरण भी नहीं है। इससे पहले 4 बार सोसायटी में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।
लिफ्ट में फंसें तो क्या करें
सबसे पहले खुद को शांत रखें। ज्यादा घबराने से सांस तेज होगी और डर बढ़ेगा।
लिफ्ट में लगे इमरजेंसी अलार्म/बेल को दबाकर बाहर वालों का ध्यान खींचें।
अधिकतर लिफ्ट में सिक्योरिटी रूम या इमरजेंसी नंबर से जुड़ा इंटरकॉम होता है, उससे तुरंत संपर्क करें।
सोसाइटी सिक्योरिटी गार्ड या हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।
लिफ्ट बीच में अटकी हो सकती है, ऐसे में दरवाजा खोलने से खतरा बढ़ सकता है। अगर लिफ्ट बंद है तो ऑक्सीजन सीमित हो सकती है इसलिए आराम से और धीरे-धीरे सांस लें।
-अगर रोशनी चली गई है तो मोबाइल की फ्लैश लाइट ऑन कर लें।
- मेंटेनेंस टीम या फायर ब्रिगेड को आने में समय लग सकता है इसलिए इंतजार करें।
-कूदने या हिलने-डुलने की कोशिश न करें। छत पर चढ़ने या जबरदस्ती बाहर निकलने की कोशिश न करें। बार-बार दरवाजे पर जोर न डालें।
वर्जन
शाम को जानकारी मिली थी कि 10 से 15 मिनट के लिए कोई दिक्कत हो गई थी। तुरंत ही समस्या को दूर कर लिया था। टीम को बुलाकर लिफ्ट चालू कर दी गई है। बारिश की वजह से लिफ्ट में जलभराव हुआ। इस वजह से कई दिन से इस तरह की दिक्कत आ रही जिसे ठीक कर दिया गया है। चूंकि प्रोजेक्ट लगातार चालू है इस कारण कई बार इस तरह की समस्या आ जाती है। इसके लिए टीम सतर्क रहती है और तत्काल प्रभारी से कार्रवाई करती है। -संदीप शर्मा, जीएम, एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी